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Sonebhadra News: खदान हादसे में चिह्नित किए चार और आरोपी
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ओबरा थाना क्षेत्र में 15 नवंबर को हुए खनन हादसे में चार और आरोपी चिन्हित किए गए हैं। पुलिस की रिपोर्ट पर न्यायालय से चारों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
वहीं पहले जिन छह आराेपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी थे, उनमें दो की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। शेष चार के खिलाफ कुर्की की नोटिस से जुड़ी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। खनन हादसे की जांच के लिए एसपी अभिषेक वर्मा ने सीओ हर्ष पांडेय की अगुवाई में पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की है। यह टीम हादसे में अब तक कुल 14 आरोपियों को चिन्हित कर चुकी थी। माइंस मैनेजर सहित चार आरोपियों को एसआईटी गठन के अगले दिन ही गिरफ़्तार कर लिया गया था। वहीं खदान मालिक मधुसूदन सिंह सहित छह के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट हासिल किया गया था। वारंट के बाद आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए थे। खदान मालिक मधुसूदन और पार्टनर को गिरफ्तारी से रोक के रूप में तात्कालिक राहत मिल गई लेकिन शेष आरोपियों को अभी कोई राहत नहीं मिल पाई है। वारंट के बाद भी लगातार फरारी काट रहे चार आरोपियों के खिलाफ धारा 82 सीआरपीसी की कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जांच के दौरान आरोपी पाए गए अरविंद कुमार यादव, अनिमेष सिंह, देंवेंद्र राय और अभिषेक सिंह उर्फ काके के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया गया है। अभिषेक को खदान का संचालक बताया जा रहा है। वहीं देवेंद्र राय को भी बड़ा हिस्सेदार बताया जाता है। जांच की अगुवाई कर रहे सीओ पिपरी हर्ष पांडेय ने बताया कि एसआईटी लगातार खदान हादसे की जांच में जुटी हुई है। इस मामले में चार नए आरोपी चिन्हित किए गए हैं।
उनके खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट हासिल करने के साथ ही उनके गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।
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वहीं पहले जिन छह आराेपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी थे, उनमें दो की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। शेष चार के खिलाफ कुर्की की नोटिस से जुड़ी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। खनन हादसे की जांच के लिए एसपी अभिषेक वर्मा ने सीओ हर्ष पांडेय की अगुवाई में पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की है। यह टीम हादसे में अब तक कुल 14 आरोपियों को चिन्हित कर चुकी थी। माइंस मैनेजर सहित चार आरोपियों को एसआईटी गठन के अगले दिन ही गिरफ़्तार कर लिया गया था। वहीं खदान मालिक मधुसूदन सिंह सहित छह के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट हासिल किया गया था। वारंट के बाद आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए थे। खदान मालिक मधुसूदन और पार्टनर को गिरफ्तारी से रोक के रूप में तात्कालिक राहत मिल गई लेकिन शेष आरोपियों को अभी कोई राहत नहीं मिल पाई है। वारंट के बाद भी लगातार फरारी काट रहे चार आरोपियों के खिलाफ धारा 82 सीआरपीसी की कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जांच के दौरान आरोपी पाए गए अरविंद कुमार यादव, अनिमेष सिंह, देंवेंद्र राय और अभिषेक सिंह उर्फ काके के खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया गया है। अभिषेक को खदान का संचालक बताया जा रहा है। वहीं देवेंद्र राय को भी बड़ा हिस्सेदार बताया जाता है। जांच की अगुवाई कर रहे सीओ पिपरी हर्ष पांडेय ने बताया कि एसआईटी लगातार खदान हादसे की जांच में जुटी हुई है। इस मामले में चार नए आरोपी चिन्हित किए गए हैं।
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उनके खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट हासिल करने के साथ ही उनके गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।
