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Sonebhadra News: मुड़िसेमर में पहली बार निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, शंखनाद, जयघोष से गूंजा क्षेत्र
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विण्ढमगंज क्षेत्र के मुड़िसेमर में निकली जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल श्रद्धालु। संवाद
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क्षेत्र के मुड़िसेमर गांव में शुक्रवार को पहली बार भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। पंचायत भवन से शुरू हुई रथयात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
शंखनाद, आकर्षक झांकियों और जय जगन्नाथ के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में गूंज उठा। रथयात्रा का नेतृत्व हरे कृष्णा प्रचार केंद्र के संरक्षक कुरु श्रेष्ठ प्रभु, कथावाचक गदाधर प्रभु, करुणावतार, सबलू, सचीसुत तथा भक्ति वेदांत गुरुकुल के छात्रों ने किया। यात्रा पंचायत भवन से काली मंदिर चौराहा, मुड़िसेमर तिराहा, राम मंदिर, रांची-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग और कोन मोड़ चौराहा सहित प्रमुख मार्गों से होकर निकली।
मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के रथ का स्वागत कर दर्शन किए तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान भी किया।
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रथयात्रा के समापन पर भगवान जगन्नाथ की आरती हुई और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष उपेंद्र कुमार पासवान, उपाध्यक्ष नितेश पासवान, रमेश सिंह कुशवाहा, सरजू यादव, मनोज पासवान, त्रिदेव कुमार, अंकित कुमार, महेंद्र कुमार, जय मौर्य आदि रहे।
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शंखनाद, आकर्षक झांकियों और जय जगन्नाथ के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में गूंज उठा। रथयात्रा का नेतृत्व हरे कृष्णा प्रचार केंद्र के संरक्षक कुरु श्रेष्ठ प्रभु, कथावाचक गदाधर प्रभु, करुणावतार, सबलू, सचीसुत तथा भक्ति वेदांत गुरुकुल के छात्रों ने किया। यात्रा पंचायत भवन से काली मंदिर चौराहा, मुड़िसेमर तिराहा, राम मंदिर, रांची-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग और कोन मोड़ चौराहा सहित प्रमुख मार्गों से होकर निकली।
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मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के रथ का स्वागत कर दर्शन किए तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान भी किया।
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रथयात्रा के समापन पर भगवान जगन्नाथ की आरती हुई और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष उपेंद्र कुमार पासवान, उपाध्यक्ष नितेश पासवान, रमेश सिंह कुशवाहा, सरजू यादव, मनोज पासवान, त्रिदेव कुमार, अंकित कुमार, महेंद्र कुमार, जय मौर्य आदि रहे।