{"_id":"697f985df609273fba03ac40","slug":"land-deeds-were-also-fraudulently-executed-in-panaura-and-jugail-sonbhadra-news-c-194-1-son1018-141283-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: पनौरा और जुगैल में भी धोखे से कराया जमीन का बैनामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: पनौरा और जुगैल में भी धोखे से कराया जमीन का बैनामा
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी रचा कर उनके जरिये जनजातीय समाज की जमीनें हथियाए जाने का मामला सिर्फ दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाड़ू तक ही नहीं है। विंढमगंज, मांची, बभनी और जुगैल थाना क्षेत्र में भी इसी तरह से जमीनें हासिल करने की जानकारी सामने आई है। मांची थाना क्षेत्र के पनौरा-देवाटन में सरकारी जमीनों को पट्टे के जरिये कब्जाने, उस पर मुस्लिम आबादी बसाने का भी मामला सामने आने के बाद जिले की अभिसूचना इकाई तेजी से सक्रिय हो गई हैं। वहीं ओबरा और राॅबटर्सगंज तहसील क्षेत्रों में ऐसे अन्य मामलों-शिकायतों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। राॅबर्ट्सगंज में जांच के लिए नायब तहसीलदार विजयगढ़ की अगुवाई में एक टीम भी गठित कर दी गई है।
बघाड़ू में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी कर जमीन हथियाने का मामला सामने आने के बाद जहां 19 बैनामों को शून्य घोषित करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वहीं अन्य मामलों को लेकर भी जांच जारी है। इसी तरह विंढमगंज क्षेत्र के हरपुरा, मलदेवा, बोम, बभनी क्षेत्र के बभनी सहित अन्य गांवों में इस तरह की शिकायतें तहसील प्रशासन के पास पहुंचने की बात चर्चा में है। ओबरा तहसील क्षेत्र के जुगैल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ के कई मुस्लिम परिवार को बसाए जाने के आरोप पिछले साल से लग ही रहे हैं। आदिवासियों को धोखे से रजिस्ट्री दफ्तर ले जाकर बैनामा कराए जाने के भी मामले सामने आ चुके हैं, जिसके नामांतरण की कार्रवाई पर तहसील प्रशासन रोक लगा चुका है। वहीं मांची क्षेत्र के पनौरा में 15-20 वर्ष पूर्व समुदाय विशेष के लेखपाल के जरिये बड़ी संख्या में पट्टा कराने और इसके जरिए बिहार-छत्तीसगढ़ के मुस्लिम समाज की आबादी अचानक से बढ़ने का मामला भी लंबे समय से सुर्खियों में है।
डीएम ने दिए जांच के निर्देश
दुद्धी तहसील प्रशासन की प्राथमिक रिपोर्ट में मिली जानकारियों के बाद डीएम बीएन सिंह ने रॉबर्ट्सगंज और ओबरा दोनों तहसीलों के एसडीएम को मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। एसडीएम की तरफ से जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार को सौंपी गई है। सदर तहसील में एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी के निर्देश पर तहसीलदार अमित सिंह ने नायब तहसीलदार विजयगढ़ मनोज मिश्रा की अगुवाई में एक टीम भी गठित की है। सूत्रों की मानें तो प्राथमिक स्तर की जांच में ही कई गड़बड़ियां पाई गई हैं। महज पनौरा में 40 से अधिक पट्टे गलत तरीके से कराने की बात सामने आ रही है।
जांच टीम की अगुवाई कर रहे नायब तहसीलदार मनोज मिश्रा का कहना था कि जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में अधिकृत रूप से कुछ कहा जा सकेगा। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि बड़े पैमाने पर पट्टे देने की बात सामने आई है। मौके की स्थिति के साथ ही अभिलेख खंगाले जा रहे हैं।
Trending Videos
बघाड़ू में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी कर जमीन हथियाने का मामला सामने आने के बाद जहां 19 बैनामों को शून्य घोषित करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वहीं अन्य मामलों को लेकर भी जांच जारी है। इसी तरह विंढमगंज क्षेत्र के हरपुरा, मलदेवा, बोम, बभनी क्षेत्र के बभनी सहित अन्य गांवों में इस तरह की शिकायतें तहसील प्रशासन के पास पहुंचने की बात चर्चा में है। ओबरा तहसील क्षेत्र के जुगैल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ के कई मुस्लिम परिवार को बसाए जाने के आरोप पिछले साल से लग ही रहे हैं। आदिवासियों को धोखे से रजिस्ट्री दफ्तर ले जाकर बैनामा कराए जाने के भी मामले सामने आ चुके हैं, जिसके नामांतरण की कार्रवाई पर तहसील प्रशासन रोक लगा चुका है। वहीं मांची क्षेत्र के पनौरा में 15-20 वर्ष पूर्व समुदाय विशेष के लेखपाल के जरिये बड़ी संख्या में पट्टा कराने और इसके जरिए बिहार-छत्तीसगढ़ के मुस्लिम समाज की आबादी अचानक से बढ़ने का मामला भी लंबे समय से सुर्खियों में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने दिए जांच के निर्देश
दुद्धी तहसील प्रशासन की प्राथमिक रिपोर्ट में मिली जानकारियों के बाद डीएम बीएन सिंह ने रॉबर्ट्सगंज और ओबरा दोनों तहसीलों के एसडीएम को मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। एसडीएम की तरफ से जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार को सौंपी गई है। सदर तहसील में एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी के निर्देश पर तहसीलदार अमित सिंह ने नायब तहसीलदार विजयगढ़ मनोज मिश्रा की अगुवाई में एक टीम भी गठित की है। सूत्रों की मानें तो प्राथमिक स्तर की जांच में ही कई गड़बड़ियां पाई गई हैं। महज पनौरा में 40 से अधिक पट्टे गलत तरीके से कराने की बात सामने आ रही है।
जांच टीम की अगुवाई कर रहे नायब तहसीलदार मनोज मिश्रा का कहना था कि जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में अधिकृत रूप से कुछ कहा जा सकेगा। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि बड़े पैमाने पर पट्टे देने की बात सामने आई है। मौके की स्थिति के साथ ही अभिलेख खंगाले जा रहे हैं।
