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Sonebhadra News: पांच साल से अपहृत युवती का नहीं चला पता, एसआईटी गठित
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सोनभद्र। फरवरी 2020 में अपहृत बताई गई युवती का पता नहीं चल पाया है। नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही आरोप पत्र भी न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है। पीड़िता के बारे में कोई जानकारी न मिलने से न्यायालय में साक्ष्य के बिंदु पर सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। अब हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्ती दिखाई है। प्रभारी निरीक्षक राबर्ट्सगंज और सीओ सिटी को व्यक्तिगत रूप से तलब कर प्रकरण की जानकारी लेने के साथ ही जल्द युवती को खोज निकालने के आदेश दिए हैं। एसपी अभिषेक वर्मा ने भी प्रभारी निरीक्षक राॅबर्ट्सगंज की अगुवाई में एसआईटी गठित की है।
राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कोतवाली में बेटी के अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। कहा था कि उसकी 19 वर्षीय पुत्री 16 फरवरी 2020 की सुबह 10 बजे घर से निकली थी। उसके बाद उसका पता नहीं चला। पिता रामलाल ने 17 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दावा किया गया कि मिर्जापुर के चील्ह थाना क्षेत्र के हरसिंहपुर निवासी वंशराज उसे स्कार्पियो में साथी सुकृत निवासी वीरेश कुमार उर्फ मोहन यादव व दोस्तों के साथ ले गया था। पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया था। उनके खिलाफ अक्तूबर 2023 में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई लेकिन युवती की जानकारी नहीं मिल पाई। जून 2025 में युवती की मां ने आरोपी पक्ष पर न्यायालय जाते समय मारपीट का भी आरोप लगाया। गिरीश कुमार उर्फ मोहन यादव, वंशराज यादव और चंद्रभूषण यादव के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई।
अदालत ने एसपी को बरामदगी के लिए भेजा था पत्र
सुनवाई कर रही एडीजे सीएडब्लू अर्चना वर्मा की अदालत ने 25 मार्च को एसपी को एक पत्र भेजा था। कहा था कि अपहृता की तलाश अभी जारी है। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य संकलन की कार्यवाही शेष है, जबकि विवेचक ने आरोप पत्र पांच अक्तूबर 2023 को ही न्यायालय में दाखिल कर दिया है।
हाईकोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान, तलब की पूरी जानकारी
युवती के न मिलने पर मां ने हाईकोर्ट की शरण ली। गत 20 जनवरी को लक्ष्मीकांत शुक्ला और न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने सीओ और विवेचक को केस डायरी के साथ न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। 27 जनवरी को सीओ सिटी रणधीर मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक राॅबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा हाईकोर्ट में उपस्थित हुए और बेंच को अब तक के कार्रवाई की जानकारी दी। सरकारी अधिवक्ता ने प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा। बेंच ने उन्हें समय देते हुए व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी। 24 फरवरी को सुनवाई की अगली तिथि भी तय की गई।
प्रकरण में एसपी की तरफ से एसआईटी गठित की गई है। पांच सदस्यीय एसआईटी की अगुवाई प्रभारी निरीक्षक राबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा को सौंपी गई है। पीड़िता के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एसआईटी को भी इस संबंध में कड़े निर्देश दिए गए हैँ। - रणधीर मिश्रा, सीओ सिटी।
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सुनवाई कर रही एडीजे सीएडब्लू अर्चना वर्मा की अदालत ने 25 मार्च को एसपी को एक पत्र भेजा था। कहा था कि अपहृता की तलाश अभी जारी है। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य संकलन की कार्यवाही शेष है, जबकि विवेचक ने आरोप पत्र पांच अक्तूबर 2023 को ही न्यायालय में दाखिल कर दिया है।
हाईकोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान, तलब की पूरी जानकारी
युवती के न मिलने पर मां ने हाईकोर्ट की शरण ली। गत 20 जनवरी को लक्ष्मीकांत शुक्ला और न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने सीओ और विवेचक को केस डायरी के साथ न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। 27 जनवरी को सीओ सिटी रणधीर मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक राॅबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा हाईकोर्ट में उपस्थित हुए और बेंच को अब तक के कार्रवाई की जानकारी दी। सरकारी अधिवक्ता ने प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा। बेंच ने उन्हें समय देते हुए व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी। 24 फरवरी को सुनवाई की अगली तिथि भी तय की गई।
प्रकरण में एसपी की तरफ से एसआईटी गठित की गई है। पांच सदस्यीय एसआईटी की अगुवाई प्रभारी निरीक्षक राबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा को सौंपी गई है। पीड़िता के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एसआईटी को भी इस संबंध में कड़े निर्देश दिए गए हैँ। - रणधीर मिश्रा, सीओ सिटी।
