सोनभद्र। मौसमी फल भी महंगाई की आंच से बचे नहीं है। डीजल-पेट्रोल के दाम में वृद्धि के कारण ट्रांसपोर्ट खर्च भी बढ़ गया है। इससे पिछले साल की तुलना में आम समेत अन्य फलों के दाम बढ़े हुए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल आम 15 फीसदी महंगे दाम पर बिक रहे हैं।
मई माह में आंधी-तूफान में भी आम की फसल को काफी क्षति पहुंची थी, इसका असर भी महंगाई के रूप में देखा जा रहा है। फल विक्रेताओं के अनुसार इस समय बाजार में दशहरी आम 100 रुपये प्रति किलो, लंगड़ा आम 120 रुपये प्रति किलो और आम्रपाली आम 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसके अलावा संतरा 150 से 200 रुपये, केला 50 रुपये दर्जन, लीची 180 से 200 रुपये प्रति किलो तथा अंगूर 200 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। फल कारोबारी राजा बाबू सोनकर ने बताया कि इस बार आम की पैदावार कम होने के कारण बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है। साथ ही डीजल और पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से बाहर से आने वाले फलों का परिवहन खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर दिखाई दे रहा है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम रहने से आम के दामों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। वहीं फल व्यापारी बृजलाल ने कहा कि गर्मी के मौसम में आम की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में फल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। परिवहन और मंडी खर्च बढ़ने से कारोबारियों पर भी दबाव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि आवक बढ़ती है तो कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है, अन्यथा उपभोक्ताओं को महंगे दाम पर ही फल खरीदने पड़ेंगे। बाजार में बढ़ती महंगाई के बीच आम और अन्य फलों के दामों में आई तेजी उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में लोग जरूरत के अनुसार ही फलों की खरीदारी कर रहे हैं।