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विद्यालय के सामने मदिरालय : कहीं 100 तो कहीं 150 मीटर दूर बिक रही है सिगरेट

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 01:37 AM IST
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Monastery in front of school: Cigarettes are being sold somewhere 100 to somewhere 150 meters away
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सोनभद्र। जिले में संचालित स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और धार्मिक स्थलों के आसपास देसी शराब, बीयर, गुटखा और सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी शासनादेश केवल कागजों तक सीमित हैं। जिले के कई क्षेत्रों में स्कूलों से महज 100 से 200 मीटर की दूरी पर शराब और सिगरेट, गुटखा-पान मसाला की दुकानें संचालित हो रही हैं।
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रॉबर्ट्सगंज नगर, गुरमुरा, बबुरी और डाला क्षेत्र में सबसे चिंताजनक स्थिति है, जहां विद्यालयों के सामने ही नशे का कारोबार खुलेआम जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
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जिला मुख्यालय स्थित रॉबर्ट्सगंज नगर में महिला थाना के सामने संचालित अंग्रेजी शराब और ठंडी बीयर की दुकान आदर्श इंटर कॉलेज से करीब 150 मीटर की दूरी पर स्थित है। विद्यालय के आसपास कई गुटखा और पान मसाले की दुकानें भी संचालित हो रही हैं। शासन की तरफ से स्कूल, कॉलेज से 500 मीटर का एरिया नशामुक्त घोषित किए जाने के बाद भी शराब का ठेका और पान-मसाला की दुकानें संचालित की जा रही है।
जो व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। रॉबर्ट्सगंज स्थित साईं चौक से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर शराब का ठेका चल रहा है। यह ठेका घनी आबादी के बीच संचालित है। रॉबर्ट्सगंज चंडी तिराहा के समीप भी सरस्वती शिक्षा निकेतन से करीब 200 मीटर के दायरे में शराब का ठेका संचालित हो रहा है।
इसी तरह चतरा ब्लॉक के बबुरी गांव में परिषदीय विद्यालय के ठीक सामने गुटखा और पान मसाले की दुकानें खुली हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चे भी इन दुकानों के संपर्क में आ रहे हैं, इससे उन पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय विभा कुमारी, संतोष, राजकिशोर आदि ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्यालयों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों के आसपास संचालित शराब और तंबाकू उत्पादों की दुकानों को तत्काल हटाया जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बच्चों का भविष्य और सामाजिक माहौल दोनों प्रभावित होंगे।
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