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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   One TB patient found for every 30 people screened; search campaign conducted across 302 villages.

Sonebhadra News: हर 30 लोगों की स्क्रीनिंग पर मिला एक टीबी मरीज, 302 गांवों में चला खोज अभियान

Thu, 09 Jul 2026 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:27 PM IST
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One TB patient found for every 30 people screened; search campaign conducted across 302 villages.
सोनभद्र। टीबी मरीजों की खोज के लिए सौ दिन तक चले विशेष अभियान में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में कैंप लगाकर की गई स्क्रीनिंग के दौरान हर 30 लोग में एक व्यक्ति टीबी से ग्रसित पाया गया है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने 302 गांवों में कैंप लगाकर 36946 लोगों की स्क्रीनिंग की, जिसमें 1221 मरीजों की पहचान की गई। अभी 63 अन्य गांवों में भी कैंप लगाकर मरीजों को चिह्नित किया जा रहा है। देश को टीबीमुक्त बनाने के लिए हर गांव को टीबी से मुक्त करने की योजना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मिशन मोड में काम कर रहा है। अभियान चलाकर नए मरीज चिह्नित किए जा रहे हैं तो चिह्नित मरीजों की नियमित निगरानी, दवा और पोषक पदार्थ उपलब्ध कराने में भी हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। इसी के तहत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी की जल्द पहचान और इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 24 मार्च से 1 जुलाई तक 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान 302 गांवों के 36946 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 1221 टीबी मरीजों की पहचान हुई। स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के साथ शुगर, हीमोग्लोबिन, बीएमआई और रक्तचाप की भी जांच की गई। अभियान का मुख्य फोकस आयुष्मान आरोग्य शिविर रहे। टीबी उन्मूलन के लिए एआई की मदद से शासन ने 365 गांवों को हाई रिस्क में चिह्नित किया है। दूरदराज और हाई रिस्क वाले इन गांवों तक पहुंचने के लिए मेडिकल मोबाइल वैन और हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का इस्तेमाल किया। कुल 365 हाई रिस्क गांवों में से अब तक 302 गांवों में विशेष शिविर आयोजित कर लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। अन्य गांवों को भी लक्षित करने का प्रयास जारी है।अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने टीबी के संभावित मरीजों की पहचान के लिए लगातार स्क्रीनिंग की। दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, खून के साथ खांसी, सीने में दर्द, सांस फूलना, वजन घटना, भूख न लगना, शाम के समय बुखार, रात में पसीना आना, थकान और गर्दन में सूजन जैसे लक्षणों वाले लोगों की प्राथमिकता से जांच कराई गई।
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