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Sonebhadra News: पिंक शौचालयों पर लटक रहा ताला, शिकायत करने के लिए मोबाइल नंबर सिर्फ 9 अंक का ही लिखा

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:54 PM IST
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Pink Toilets Remain Locked; Complaint Mobile Number Listed with Only 9 Digits.
पिंक शौचालय पर केयर टेकर और सफाईनायक का  लिखा 9 अंक का मोबाइल नंबर। संवाद
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सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर में महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए पिंक शौचालयों की स्थिति बदहाल है। नगर के चार स्थानों पर बने इन शौचालयों में कहीं ताला लटका है तो कहीं आवश्यक सुविधाओं का अभाव है, इससे बाजार आने वाली महिलाओं को परेशानी हो रही है। वहीं अन्य स्थानों पर बने पिंक शौचालय में जरूरी सुविधाएं नहीं है। यहां तक की शिकायत करने के लिए लिखे गए मोबाइल नंबर सिर्फ 9 अंक ही है। इस वजह से महिलाएं शिकायत भी नहीं कर सकती हैं।
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रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित दंडईत बाबा मंदिर परिसर में बने पिंक शौचालय के खुलने का समय सुबह चार बजे है और रात 10 बजे तक खुला रहना चाहिए। इस संबंध में शौचालय पर समय भी अंकित किया गया है। मगर पिंक शौचालय केे गेट पर अक्सर ताला लटका रहता है, जबकि दंडईत बाबा मंदिर परिसर में रोजाना भारी भीड़ रहती है। इसमें भी महिलाओं की ज्यादा संख्या होती है।
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लड़की की गोदभराई करने मधुपुर क्षेत्र से दंडईत बाबा मंदिर आई सोमारी देवी और मंजूलता आदि का कहना है कि महिलाओं की सुविधा के लिए यहां शौचालय का निर्माण तो कराया गया है। मगर दूर दराज से आने वाली महिलाओं को सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि पिंक शौचालय के संचालन एवं देखरेख के लिए केयर टेकर के रूप में ज्योति देवी की ड्यूटी लगाई गई है। किसी तरह की समस्या होने पर संपर्क करने के लिए केयर टेकर के साथ ही सफाई नायक सुजीत कुमार का नाम और मोबाइल नंबर अंकित लिखवाया गया है। मगर दोनों का मोबाइल नंबर सिर्फ 9 अंक का ही लिखा है। इससे चाहकर भी महिलाएं फोन नहीं कर पाती हैं। वहीं शौचालय का ताला बंद होने से महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खुला रहता है शौचालय पर सुविधाएं नहीं
रॉबर्ट्सगंज नगर के मध्य स्थित रामसरोवर तालाब के पास महिलाओं के लिए पांच सीट का पिंक शौचालय तो शिवाजी मिनी स्टेडियम परिसर में दो सीट का पिंक शौचालय बना है। दोनों शौचालय खुले तो रहते हैं, लेकिन उनमें सैनेटरी नैपकिन, चेंजिंग रूम सहित अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। वहीं रॉबर्ट्सगंज तहसील गेट पर बने शौचालय पर भी अधिकांश समय ताला लटका रहता है, जबकि अंदर पिंक शौचालय संचालित होने के बावजूद जानकारी के अभाव में महिलाएं वहां तक नहीं पहुंच पातीं।
महिला शौचालय में लटक रहा ताला
दुद्धी नगर पंचायत में राजकीय इंटर काॅलेज और राजकीय पीजी कॉलेज के समीप चार सीट का महिला शौचालय का संचालन हो रहा है। कॉलेज के बाउंड्री से सटाकर बनाए गए इस महिला शौचालय में दो गेट पर ताला लटक रहा है। सिर्फ दो ही खुले रहते हैं। पानी की व्यवस्था है, मगर महिलाओं के लिए अन्य जरूरी सुविधाएं यहां भी नहीं है।

ये होनी चाहिए व्यवस्था
पिंक शौचालय महिलाओं की सुरक्षा, गोपनीयता और स्वच्छता के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए जाते हैं। इसमें 24 घंटे पानी-बिजली, सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, इस्तेमाल किए गए पैड के लिए इंसीनरेटर (भस्मक) होने चाहिए। साथ ही पिंक शौचालय में व्यवस्था की देख रेख के लिए महिला केयर टेकर, साफ-सफाई, फीडिंग/चेंजिंग रूम, सुरक्षा गार्ड की अनिवार्य व्यवस्था होनी चाहिए। मगर जमीनी स्तर पर इन मानकों का पालन नहीं हो रहा है।

पिंक शौचालय का संचालन नियमित हो रहा है। साफ-सफाई प्रतिदिन कराई जाती है। पिंक शौचालय जीआईसी व राजकीय पीजी कॉलेज के समीप होने की वजह से वहां की छात्राओं को विशेष सुविधा मिल रही हैं। सफाई कर्मचारियों की तरफ से देखभाल की जाती है। -कमलेश मोहन, अध्यक्ष-नगर पंचायत दुद्धी।

पिंक शौचालय पर केयर टेकर और सफाईनायक का  लिखा 9 अंक का मोबाइल नंबर। संवाद

पिंक शौचालय पर केयर टेकर और सफाईनायक का  लिखा 9 अंक का मोबाइल नंबर। संवाद

पिंक शौचालय पर केयर टेकर और सफाईनायक का  लिखा 9 अंक का मोबाइल नंबर। संवाद

पिंक शौचालय पर केयर टेकर और सफाईनायक का  लिखा 9 अंक का मोबाइल नंबर। संवाद

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