अनपरा (सोनभद्र)। राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी बृहस्पतिवार को अनपरा पहुंचे। उन्होंने परियोजना अधिकारियों के साथ पिपरी स्थित रिहंद डैम की जल विद्युत इकाइयां और अनपरा तापीय परियोजना का भ्रमण किया। अतिथि गृह में बैठक कर बिजली उत्पादन की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की। रिहंद और ओबरा डैम के पानी की मदद से नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाएं तलाशी। सुबह सर्वप्रथम पिपरी स्थित रिहंद डैम का निरीक्षण किया। यहां जल विद्युत इकाइयों से उत्पादन की पूरी प्रक्रिया देखी। इसके बाद अनपरा तापीय परियोजना के दामिनि अतिथि गृह पहुंचे। परियोजना का भ्रमण कर इकाइयों एवं कोल क्षेत्र का निरीक्षण किया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस वर्ष बिजली की मांग 30 हजार मेगावाट के पार चल रही है। इसे पूरा करने के लिए निगम की सभी इकाइयों ने उत्पादन और आपूर्ति में रिकाॅर्ड बनाया है। यह पहली बार है कि बिजली की अप्रत्याशित मांग के बावजूद प्रदेश में निर्बाध 24 घंटे की बिजली आपूर्ति की जा रही है। सरकार की ओर से भी उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) पर तेजी से काम चल रहा है। सोनभद्र में भी कई पंप स्टोरेज की विद्युत इकाइयों पर कार्य हो रहा है। इसके लिए रिहंद और ओबरा डैम का भी निरीक्षण किया गया है। इन जलाशयों की मदद से हवा, पानी, धूप का इस्तेमाल कर बिजली बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस प्रक्रिया से सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इस मौके पर उत्पादन निगम के तकनीकी निदेशक शंभूनाथ त्रिपाठी, प्रोजेक्ट एवं कॉमर्शियल निदेशक एसके दत्ता, कार्मिक एवं प्रबंधन निदेशक रजनीश रस्तोगी, वित्त निदेशक घनश्याम शर्मा, अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. अजय कटियार, मुख्य अभियंता पीपीएमएम इं. अनुराग वाजपेयी, मुख्य अभियंता पर्यावरण एवं सुरक्षा इं समीर भटनागर, मुख्य अभियंता प्रगति इं. बीपी अग्रवाल, मुख्य अभियंता सिविल नव परियोजना इं. विकास शर्मा आदि मौजूद रहे।