UP Crime: अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी डराने पर पंप कर्मी ने दी थी जान, पांच साइबर ठग गिरफ्तार
Varanasi News: सोनभद्र में सेक्सटॉर्शन स्कैम का मामला सामने आया है। मामले में राजस्थान के भिवाड़ी से मास्टरमाइंड समेत पांच साइबर ठग दबोचे गए हैं।
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सोनभद्र में सेक्सटॉर्शन स्कैम का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने अश्लील वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर इतना धमकाया कि पेट्रोल पंप कर्मी राजेंद्र पाठक (35) ने कमरे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। घटना के 35 दिन बाद पुलिस ने यह खुलासा करते हुए राजस्थान के भिवाड़ी से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी राजस्थान के अलवर जिले के चौपानिया खेताल थाना क्षेत्र के झिवाना निवासी मास्टरमाइंड अफसील खान, कैथल क्षेत्र के सोरवा निवासी नूर मोहम्मद उर्फ नंदा, राशिद, शेखपुर अहीर थाना क्षेत्र के चावंडी खुर्द निवासी वसीम खान और वारिस हैं। उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं।
एएसपी ऋषभ रुणवाल ने बताया कि सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली और साइबर थाने की संयुक्त टीम मंगलवार को सोनभद्र पहुंची और स्थानीय न्यायालय में पेश किया, वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी गांव में सात अप्रैल को अर्द्धनिर्मित मकान में पेट्रोल पंप कर्मी राजेंद्र पाठक (35) का शव कमरे में फंदे से लटकता मिला था। शुरुआत में इसे आत्महत्या माना जाता रहा मगर पत्नी अंकिता पाठक ने जब राजेंद्र का मोबाइल चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से अनजान लोगों को पैसे भेजे गए हैं। व्हाट्स एप से ब्लैकमेल करने का मामला भी सामने आया।
पत्नी ने 29 अप्रैल को तहरीर दी थी। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने बैंक खाते के स्टेटमेंट-मोबाइल चैट की जांच शुरू की। घटना साइबर उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग (सेक्सटॉर्शन) से जुड़ा पाया गया। एएसपी ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में मीडिया के सामने साइबर ठगों को पेश करते हुए दावा किया कि उनकी धमकी और प्रताड़ता से तंग आकर ही राजेंद्र पाठक ने आत्महत्या की थी।
एसपी अभिषेक वर्मा ने साइबर थाना, एसओजी, सर्विलांस सेल और रॉबर्ट्सगंज कोतवाली की संयुक्त टीम गठित कर घटना के खुलासे के लिए लगाया था। टीम ने मृतक के मोबाइल फोन से मिले चैट, कॉल, वीडियो कॉल की तकनीकी जांच की तो पता चला कि वीडियो कॉल राजस्थान के अलवर जिले से की गई थी। पैसा महाराष्ट्र के बैंक खाते में मंगाया गया था लेकिन खाते से पैसे की निकासी एटीएम के जरिये राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र से की गई थी। इस संबंध में सात सदस्यीय टीम राजस्थान भेजी गई। वहां भिवाड़ी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम का सीसीटीवी फुटेज हासिल किया। एसपी अभिषेक वर्मा ने अलवर के एसपी से बात की। वहां की पुलिस का सहयोग लेते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिखे चेहरों की पहचान की गई और गत रविवार की रात पांच साइबर ठगों को दबोच लिया गया।
एएसपी ऋषभ रुणवाल ने बताया कि टीम ने इस कामयाबी के लिए कुल 2650 किमी (आना-जाना दोनों) की दूरी तय की। चार दिन तक टीम राजस्थान के अलवर जिले में ही बनी रही। अलग-अलग क्षेत्रों से जालसाजों को गिरफ्तार किया। सोमवार को टीम ने वहां की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लिया। मंगलवार की सुबह टीम सोनभद्र पहुंची। पूछताछ के बाद आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया।
चलाया जा रहा संगठित गिरोह, हर किसी ने तय कर रखी थी जिम्मेदारी
एएसपी ने बताया कि आरोपी संगठित रूप से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। फर्जी बैंक खातों के जरिये ठगी की धनराशि का लेन-देन किया जाता था। अफसील साथियों के साथ सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाता था। उसमें आर्मी-पुलिस अधिकारियों की फोटो लगाकर लोगों को धमकाया जाता था। एआई से अश्लील वीडियो बनाकर लोगों से पैसे मांगे जाते थे। नूर उर्फ नंदा व राशिद पैसे को एटीएम से जाकर निकालते थे। वसीम फर्जी दस्तावेजों की व्यवस्था कर बैंक खाता खुलवाता था। नंदा वारिश के माध्यम से म्यूट खाता उपलब्ध कराता था। खाताधारक को पैसे आने पर 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। इस मामले में कई और चिह्नित किए गए हैं, इनकी गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।
सेक्सटॉर्शन एक गंभीर साइबर अपराध है। इसके लिए सोशल मीडिया आईडी, डेटिंग एप्स या फिर वीडियो कॉल को माध्यम बनाया जाता है। सामने वाले आसानी से फंस जाए इसके लिए सोशल मीडिया-डेटिंग एप्स पर खूबसूरत लड़की/लड़कों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती की जाती है। बातचीत के दौरान वीडियो कॉल के लिए उकसाया जाता है। जैसे ही आप कॉल उठाते हैं, दूसरी तरफ से अश्लील हरकतें कर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली जाती है। उस एडिटेड वीडियो को रिश्तेदारों या सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती है।
इस तरह करें बचाव
फेसबुक या व्हाट्सएप पर किसी भी अनजान व्यक्ति की वीडियो कॉल खासकर रात के समय रिसीव न करें। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट न स्वीकार न करें। लैपटॉप या कैमरा जब उपयोग में न हो तो उसे कवर से ढका रखें। किसी भी अजनबी के साथ अपनी तस्वीरें, वीडियो या वित्तीय जानकारी साझा न करें। यदि आप फंस गए हैं तब भी पैसे न दें। अपराधी के साथ हुई बातचीत, धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट लें और संबंधित नंबर-आईडी को ब्लॉक कर दें। सोशल मीडिया प्रोफाइल को भी कुछ समय के लिए डीएक्टिवेट कर दें। तत्काल 1930 नंबर पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दें।