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Exclusive: यूपी के इस जिले में 14020 मुर्दे ले रहे थे सम्मान निधि, 591 आयकरदाता और नाबालिग भी
प्रमोद कुमार चौबे, संवाद न्यूज एजेंसी, सोनभद्र।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 18 Mar 2026 04:08 PM IST
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सार
Varanasi News: सोनभद्र जिले में 14020 मृतकों के नाम पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की धनराशि जारी की जा रही थी। कृषि विभाग की तरफ से कराए गए व्यापक सत्यापन अभियान में इसका खुलासा हुआ।
किसान सम्मान निधि (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सोनभद्र जिले में किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कृषि विभाग की तरफ से कराए गए व्यापक सत्यापन अभियान में 50,740 लाभार्थी अपात्र पाए गए है।
इसमें 14020 मृतक हैं। इनके अलावा भूमिहीन, नाबालिग और आयकरदाता भी सम्मान निधि भी शामिल हैं। सत्यापन में अपात्र मिले लोगों की सूची शासन में भेजी गई, माना जा रहा है कि अब इनकी सम्मान निधि राशि रोक दी जाएगी। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में कुल 2 लाख 15 हजार पांच किसान पंजीकृत हैं, इन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिलती है।
हाल ही में कृषि विभाग की तरफ से सम्मान निधि पा रहे किसानों का सत्यापन कराया गया है। विभाग की तरफ से सत्यापन कराते हुए 21,018 अपात्रों की पहली सूची जनवरी 2026 में केंद्र सरकार को भेजी गई है, जबकि दूसरी सूची मार्च 2026 के पहले सप्ताह में 29,722 अपात्रों की भेजी गई है। इस तरह से अब तक कुल 50,740 अपात्रों की सूची भेजी जा चुकी है।
इसे भी पढ़ें; Chaitra Navratri 2026: कलश स्थापना के तीन मुहूर्त, नौ दिनों तक घरों में विराजेंगी मां दुर्गा
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इसमें 14020 मृतक हैं। इनके अलावा भूमिहीन, नाबालिग और आयकरदाता भी सम्मान निधि भी शामिल हैं। सत्यापन में अपात्र मिले लोगों की सूची शासन में भेजी गई, माना जा रहा है कि अब इनकी सम्मान निधि राशि रोक दी जाएगी। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में कुल 2 लाख 15 हजार पांच किसान पंजीकृत हैं, इन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिलती है।
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हाल ही में कृषि विभाग की तरफ से सम्मान निधि पा रहे किसानों का सत्यापन कराया गया है। विभाग की तरफ से सत्यापन कराते हुए 21,018 अपात्रों की पहली सूची जनवरी 2026 में केंद्र सरकार को भेजी गई है, जबकि दूसरी सूची मार्च 2026 के पहले सप्ताह में 29,722 अपात्रों की भेजी गई है। इस तरह से अब तक कुल 50,740 अपात्रों की सूची भेजी जा चुकी है।
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1658 लोगों ने कराया दोहरा पंजीकरण
सत्यापन के दौरान यह भी पाया गया कि 1658 लोगों ने दोहरा पंजीकरण करा रखा है, जबकि 591 आयकरदाता भी नियमों के विपरीत लाभ उठा रहे हैं। 569 मामलों में पति-पत्नी दोनों ने अलग-अलग आवेदन कर रखा है और सम्मान निधि का लाभ ले गए हैं। इतना ही नहीं, पांच नावालिग भी इस योजना के लाभार्थी के रूप में दर्ज पाए गए। कृषि विभाग ने जनवरी में 21018 और मार्च के पहले सप्ताह में 29722 अपात्र लाभार्थियों की सूची भारत सरकार को भेज दी है। सभी संदिग्ध खातों पर रोक लगाने और आगे की कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की गई है।
बिना जमीन वाले भी ले रहे थे लाभ
विभागीय जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 33800 ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे थे, जिनके नाम पर कृषि भूमि ही नहीं है। जिन लोगों के पास कृषि भूमि थी भी तो यह बेच चुके हैं। वहीं 14020 मृत व्यक्तियों के खातों में भी लगातार सम्मान निधि की राशि भेजी जा रही थी। इस योजना के शुरू होने के दौरान जो किसान जीवित थे, वे अब मृत हो चुके हैं।
बिना जमीन वाले भी ले रहे थे लाभ
विभागीय जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 33800 ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे थे, जिनके नाम पर कृषि भूमि ही नहीं है। जिन लोगों के पास कृषि भूमि थी भी तो यह बेच चुके हैं। वहीं 14020 मृत व्यक्तियों के खातों में भी लगातार सम्मान निधि की राशि भेजी जा रही थी। इस योजना के शुरू होने के दौरान जो किसान जीवित थे, वे अब मृत हो चुके हैं।
फार्मर रजिस्ट्री न कराने पर 35 हजार किसानों पर संकट
शासन की तरफ से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य किए जाने के बावजूद जिले के करीब 35 हजार किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में इन किसानों की भी आने वाली किस्त अटक सकती है। कृषि विभाग की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि योजना का लाभ जारी रखने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। किसानों से अपील भी की जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
अधिकारी बोले
हाल में कराए गए व्यापक सत्यापन अभियान में 50740 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इसमें मृतक, भूमिहीन, आयकरदाता, पति-पत्नी और नाबालिग शामिल हैं। ऐसे लोगों की सम्मान निधि की किस्तें रोकने के लिए शासन को संस्तुति की गई है। सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री जल्द करा लेने की अपील की जा रही है। ताकि आगे कोई असुविधा न हो। -बीरेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक, सोनभद्र
अधिकारी बोले
हाल में कराए गए व्यापक सत्यापन अभियान में 50740 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इसमें मृतक, भूमिहीन, आयकरदाता, पति-पत्नी और नाबालिग शामिल हैं। ऐसे लोगों की सम्मान निधि की किस्तें रोकने के लिए शासन को संस्तुति की गई है। सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री जल्द करा लेने की अपील की जा रही है। ताकि आगे कोई असुविधा न हो। -बीरेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक, सोनभद्र
एक नजर में आंकड़
- कुल चिह्नित अपात्र किसान- 50740
- भूमिहीन लाभार्थ- 33800
- मृत हो चुके लाभार्थी- 14020
- दोहरा पंजीकरण कराने वाल- 1658
- आयकरदाता (आईटीआर भरने वाले)- 591
- पति-पत्नी दोनों के लाभ लेने के मामले- 569
- नाबालिग लाभार्थ- 5
- अन्य- 97