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UP: नकली शराब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, बिल्टी की आड़ में पंजाब से झारखंड ले जा रहे थे सामान; दो अरेस्ट

Mon, 06 Jul 2026 10:20 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 06 Jul 2026 10:20 PM IST
सार

UP News: कई राज्यों में सक्रिय नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कांच की बोतलों की बिल्टी की आड़ में पंजाब से झारखंड शराब बनाने की सामग्री भेजी जा रही थी। पुलिस ने 36 हजार खाली बोतलें, 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट और यूनाइटेड स्पिरिट ब्रांड का पैकिंग टेप बरामद किया।

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Spurious liquor manufacturing gang busted consignment transported from Punjab to Jharkhand two arrested
पकड़े गए आरोपी। - फोटो : संवाद

विस्तार

शराब की तस्करी रोकने पर पुलिस सख्त हुई तो तस्करों ने नया तरीका अपना लिया है। वह शराब की जगह शराब बनाने के सामान बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों में पहुंचा रहे हैं। वहां से नकली शराब बनाकर इसे बेचा जा रहा है। 

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रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने सोमवार को ऐसे ही अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से ट्रेलर में लदी नकली शराब बनाने वाली सामग्री पकड़ी गई है। इस सामग्री से करीब 30 लाख की शराब तैयार की जाती। यह सामान कांच के बोतलों की बिल्टी पर पंजाब से झारखंड ले जाई जा रही थी। गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। इसे खंगालने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
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एसपी अभिषेक वर्मा ने दोपहर बाद पुलिस लाइन में इसका खुलासा किया। बताया कि एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार और सीओ सिटी रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा की अगुवाई वाली टीम गठित कर नकली शराब से जुड़े रैकेट के खुलासे के निर्देश दिए गए थे। 

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रविवार की रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग किनारे बट स्थित मामा ढाबा परिसर में एक ट्रेलर की तलाशी ली तो उसमें 200-200 लीटर क्षमता के 03 प्लास्टिक ड्रमों में शराब निर्माण में इस्तेमाल किया जाने वाला 600 लीटर स्पिरिट (कीमत लगभग 10 लाख), लगभग 46 किलोग्राम कैरेमल (शराब को कलर देने में प्रयुक्त होने वाला रासायनिक पदार्थ), पांच लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट/एसेंस (शराब को अलग-अलग फ्लेवर देने में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ), 160 यूनाइटेड स्पिरिट अंकित पैकिंग टेप, शराब भरने के लिए इस्तेमाल होने वाली 180 एमएल एवं 375 एमएल की 36,000 (400 प्लास्टिक बोरियों में भरी) शीशी बरामद की गई। मिली सामग्रियों को आबकारी विभाग से जंचवाने के बाद मौके पर मिले झज्जर (हरियाणा) जिले के शालावास थाना क्षेत्र के खाचरोली निवासी हरिओम पंवार और दिनेश पंवार (जाट) को गिरफ्तार कर लिया गया।

झारखंड में बनती शराब, बिहार में की जाती बिक्री
प्रकरण में आबकारी एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत राॅबर्ट्सगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की गई तो पता चला कि बरामद सामग्री को पंजाब के खन्ना (जिला लुधियाना) से बिहार-झारखंड सीमा स्थित हरिहरगंज ले जाया जा रहा था। वहां इससे नकली शराब तैयार की जाती और विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर पैकिंग करते हुए उसे असली शराब के रूप में बिहार में बेचा जाता। 

पूछताछ में यह भी पाया गया कि परिवहन के लिए प्रयुक्त की जा रही बिल्टी व अन्य प्रपत्र फर्जी हैं। इसे केवल पुलिस व अन्य जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए तैयार किया गया था। गिरोह के सरगना एक ही नंबर प्लेट वाले वाहनों का इस्तेमाल कर शराब की तस्करी कराते हैं। व्हाट्सएप कॉल और मोबाइल के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन होता है। रास्ते में खर्च के लिए धनराशि फोन-पे के जरिए उपलब्ध कराई जाती है।

ट्रेलर में इस तरह छिपाई गई थी सामग्री
आरोपियों ने पंजाब से ओडिशा के सुंदरगढ़ तक कांच की बोतल परिवहन के लिए बिल्टी बनवा रखी थी। सामने से देखने पर भी ऐसा लग रहा था कि जैसे कबाड़ (कांच की टूटी-फूटी बोतलें) लदा हुआ हो। ऊपर लदी बोरियों को हटाकर चेक किया गया तब पता चला कि अंदर नकली शराब निर्माण की सामग्री पड़ी है।

शराब तस्करों के पास कैसे पहुंचा डिजिटल लॉकर में रखा जाने वाला एसेंस
सोनभद्र में पहली बार इस तरह की बरामदगी हुई ही है। इसमें रेक्टिफाइड स्पिरिट/एसेंस (फ्लेवरिंग सब्सटेंस) पकड़े जाने के मामले ने पुलिस को चौंका दिया है। एसपी ने बताया कि यह ऐसा पदार्थ है जिसे बगैर लाइसेंस परिवहन नहीं किया जा सकता। यूपी में इसका परिवहन डिजिटल लॉकर में रखकर किया जाता है।

वाहन भी वही इस्तेमाल होता है जिसे इसके लिए अधिकृत किया जाता है। इससे साबित है कि इसे कहीं न कहीं से चोरी किया गया है। यह पदार्थ कहां से और किन माध्यमों से तस्करों के हाथ में पहुंचा, इसकी पूरी जांच की जाएगी। जो भी संलिप्त पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई होगी।

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