{"_id":"6a6261095b48c772c60a9854","slug":"tehsil-level-team-will-verify-the-resources-of-the-schools-will-submit-the-report-by-august-3-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-150225-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: विद्यालयों के संसाधनों का सत्यापन करेगी तहसील स्तरीय टीम, 3 अगस्त तक देगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: विद्यालयों के संसाधनों का सत्यापन करेगी तहसील स्तरीय टीम, 3 अगस्त तक देगी रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड की वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिले में प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों के भौतिक सत्यापन और जियो लोकेशन प्रमाणन के लिए चार सदस्यीय तहसील स्तरीय समितियों का गठन किया गया है।
सभी समितियों को तीन अगस्त तक सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। रॉबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्धी तहसीलों में गठित समितियों की अध्यक्षता संबंधित एसडीएम करेंगे। समिति में लोक निर्माण विभाग अथवा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता, तहसीलदार और एक राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सदस्य बनाया गया है। प्रधानाचार्य सदस्य-सचिव की जिम्मेदारी निभाएंगे।
समितियां परीक्षा केंद्र बनने के इच्छुक विद्यालयों द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई आधारभूत सुविधाओं और अन्य जानकारियों का भौतिक सत्यापन करेंगी। साथ ही त्रुटिपूर्ण अथवा नवीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जियो लोकेशन का भी प्रमाणन करेंगी। इसके लिए परिषद की वेबसाइट से डाउनलोड किए गए एपीआई आधारित मोबाइल ऐप के माध्यम से विद्यालय परिसर के भीतर से विद्यालय के नाम सहित फोटो लेकर जियो लोकेशन सत्यापित की जाएगी।
विज्ञापन
सत्यापन के दौरान विद्यालय में बिजली, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल समेत अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी मिलान किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने बताया कि सभी समितियों को तीन अगस्त तक जियो लोकेशन प्रमाणन और भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट उपलब्ध करानी है। इसके बाद निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
सभी समितियों को तीन अगस्त तक सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। रॉबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्धी तहसीलों में गठित समितियों की अध्यक्षता संबंधित एसडीएम करेंगे। समिति में लोक निर्माण विभाग अथवा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता, तहसीलदार और एक राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सदस्य बनाया गया है। प्रधानाचार्य सदस्य-सचिव की जिम्मेदारी निभाएंगे।
विज्ञापन
समितियां परीक्षा केंद्र बनने के इच्छुक विद्यालयों द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई आधारभूत सुविधाओं और अन्य जानकारियों का भौतिक सत्यापन करेंगी। साथ ही त्रुटिपूर्ण अथवा नवीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जियो लोकेशन का भी प्रमाणन करेंगी। इसके लिए परिषद की वेबसाइट से डाउनलोड किए गए एपीआई आधारित मोबाइल ऐप के माध्यम से विद्यालय परिसर के भीतर से विद्यालय के नाम सहित फोटो लेकर जियो लोकेशन सत्यापित की जाएगी।
विज्ञापन
सत्यापन के दौरान विद्यालय में बिजली, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल समेत अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी मिलान किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने बताया कि सभी समितियों को तीन अगस्त तक जियो लोकेशन प्रमाणन और भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट उपलब्ध करानी है। इसके बाद निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।