अनपरा। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले कांवड़ मार्गों को दुरुस्त करने के प्रशासनिक निर्देश धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। पहले सोमवार को बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए नंगे पांव यात्रा करेंगी लेकिन मार्ग पर बने गड्ढे, उखड़ी गिट्टियां, पुल पर निकले लोहे के सरिया और जगह-जगह जलभराव उनकी आस्था की परीक्षा लेंगे। अनपरा नगर से श्रावण मास में दो प्रमुख कांवड़ यात्राएं निकलती हैं। पहले सोमवार को गोबर गली स्थित पंचदेव महादेव मंदिर से करीब 100 महिला श्रद्धालु भोर में कहुआनाला से जल लेने के लिए अनपरा मोड़ होते हुए रवाना होती हैं। जल लेकर लौटने के बाद मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करती हैं। वहीं तीसरे सोमवार को डिबुलगंज स्थित दुर्गा मंदिर से करीब एक हजार महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालुओं का जत्था कोहरौल के लिए कांवड़ यात्रा पर निकलता है। यह यात्रा काशी मोड़, औड़ी मोड़ और कहुआनाला होते हुए आगे बढ़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ मार्ग पर अनगिनत स्थानों पर सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। कहीं गिट्टियां उखड़ गई हैं तो कहीं पुल पर लोहे के सरिया बाहर निकल आईं हैं। कई जगह श्रद्धालुओं को सड़क पर जमा गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले मार्गों के गड्ढे भरने, साफ-सफाई कराने और आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे लेकिन पहले सोमवार तक भी अधिकतर स्थानों पर हालात जस के तस बने हुए हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए तत्काल मरम्मत और सफाई कराने की मांग की है।

औड़ी-शक्तिनगर फोरलेन के अनपरा मोड़ पर बना गड्ढा और बहता पानी। संवाद