महिलाओं के लिए पतली कमर सिर्फ सुंदरता ही नहीं सेहत का भी पैमाना है। चौड़ी कमर वाली महिलाओं में दिल के दौरे का खतरा अधिक होता है। इस लिहाज से पूर्वांचल में जौनपुर की महिलाओं में यह जोखिम सबसे ज्यादा है। यहां 75 फीसदी से अधिक महिलाओं का वेस्ट टू हिप रेशियो मानक से अधिक है। वाराणसी, बलिया और गाजीपुर में भी उच्च जोखिम श्रेणी वाली महिलाओं की संख्या अधिक है।
हाल ही में प्रकाशित राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 5 की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। कमर पर चर्बी अधिक होने से इन महिलाओं में दिल का दौरा पड़ने के अलावा अन्य दूसरी बीमारियों का खतरा भी अधिक है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे परिवारों पर अध्ययन के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेेक्षण 5 की रिपोर्ट जारी की गई है।
इस रिपोर्ट में परिवार नियोजन, शिशु और बाल मृत्यु दर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया, स्वास्थ्य देखभाल, महिला सशक्तीकरण सहित अन्य बिंदुओं का विस्तृत उल्लेख है। रिपोर्ट में पोषण स्तर को लेकर 15-49 वर्ष की महिलाओं की स्थिति भी स्पष्ट की गई है। बॉडी मास इंडेक्स के अलावा उनमें वेस्ट टू हिप रेशियो के माध्यम से स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों पर गौर करें तो पूर्वांचल के दस जिलों में सबसे ज्यादा जौनपुर में 75.8 फीसदी महिलाएं वेस्ट टू हिप रेशियो के आधार पर हाई रिस्क श्रेणी में है।
बलिया में 69.1 महिलाओं में वेस्ट टू हिप रेसियो अधिक जोखिम वाली श्रेणी में पाया गया है। वाराणसी और गाजीपुर में यह आंकड़ा 67.1 प्रतिशत है। मऊ में 63.2, सोनभद्र में 60.9, मिर्जापुर में 58.3, चंदौली में 57.7, भदोही में 49.8 और आजमगढ़ में 45.2 फीसदी महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी महिलाओं में दिल का दौरा पड़ने सहित अन्य तमाम तरह की बीमारियां होने की आशंका अधिक है।
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जौनपुर की 75 फीसदी से अधिक महिलाओं का वेस्ट टू हिप रेशियो हाई रिस्क श्रेणी में
- फोटो : सोशल मीडिया।
सर्वे में ही बॉडी मास इंडेक्स (लंबाई के सापेक्ष वजन अनुपात) के लिहाज से सबसे ज्यादा भदोही की महिलाएं मोटापे से ग्रसित हैं। उन्हें ओवरवेट श्रेणी में रखा गया है। भदोही में यह आंकड़ा 26.5 प्रतिशत है। इस श्रेणी में दूसरे नंबर पर चंदौली है, जहां 23.1 प्रतिशत महिलाएं मोटापे की चपेट में हैं।
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जौनपुर की 75 फीसदी से अधिक महिलाओं का वेस्ट टू हिप रेशियो हाई रिस्क श्रेणी में
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वर्ष 2015-16 में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के सापेक्ष भदोही की महिलाओं में करीब 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वाराणसी में 22.6, मिर्जापुर में 22.3, आजमगढ़ में 21.5, मऊ में 20.2, बलिया में 16.6, सोनभद्र में 15.3, गाजीपुर में 14.3 प्रतिशत महिलाएं मोटापे से ग्रसित हैं।
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जौनपुर की 75 फीसदी से अधिक महिलाओं का वेस्ट टू हिप रेशियो हाई रिस्क श्रेणी में
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जिन महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स सामान्य से कम है, उनकी सबसे ज्यादा संख्या आजमगढ़ में है। यहां 22.1 प्रतिशत महिलाएं इस श्रेणी में है। इससे पूर्व जारी सर्वे रिपोर्ट में ऐसी महिलाओं की संख्या 26.6 प्रतिशत था। चंदौली में 21.4 प्रतिशत महिलाएं सामान्य से कम अनुपात वाली हैं तो मिर्जापुर और आदिवासी बहुल सोनभद्र में यह संख्या 20.9 है। गाजीपुर में 19.4, जौनपुर में 17.5, बलिया में 16.8, मऊ में 16.5, भदोही में 15.8 और वाराणसी में 15.7 प्रतिशत महिलाएं ही अंडरवेट हैं।