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Sonebhadra News: कार्यकाल बढ़ने पर प्रधान बोले, पूरे होंगे बाकी काम
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सोनभद्र। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। ठीक एक दिन पहले सरकार ने प्रधानों को बड़ी राहत दी है। प्रशासक के रूप में आगे भी कामकाज की अनुमति मिलने पर प्रधानों ने खुशी जताई है।
उनका कहना है कि इससे गांवों में विकास के अवशेष कार्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। चुनाव होने तक पंचायतों का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहेगा।
ग्राम पंचायतों का गठन वर्ष 2021 में 26 मई को हुआ था। नियमानुसार पांच साल पूरा होने से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। इसमें देरी पर पंचायतों की कमान प्रशासक के हाथों में चली जाएगी। चुनाव टलने के कारण पंचायतों का गठन निर्धारित समय तक नहीं हो पाया है।
ऐसे में कमान प्रशासकों के हाथ में जाने को लेकर चर्चाएं चल रही थी। वहीं प्रधान भी इस उम्मीद में थे कि चुनावी साल में सरकार उन्हें प्रशासक का जिम्मा देकर बड़ा तोहफा दे सकती है। सरकार की ओर से इस तरह के संकेत दिए भी गए थे, लेकिन कोई अधिकृत घोषणा न किए जाने से ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी।
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कार्यकाल समाप्ति के ठीक पहले तक इस पर संशय बना रहा। पूरे दिन प्रधान पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर शासन के दिशा निर्देशों की जानकारी में लगे रहे।
उधर, पुराने भुगतान को भी पाने की कवायद जोरों पर थी। देर शाम इस पर स्थिति साफ होने से प्रधानों ने राहत की सांस ली। उन्होंने सरकार के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे गांवों के विकास में अवरोध नहीं आएगा। अवशेष कार्य पूरा कराने में मदद मिलेगी।
उनका कहना है कि इससे गांवों में विकास के अवशेष कार्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। चुनाव होने तक पंचायतों का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहेगा।
ग्राम पंचायतों का गठन वर्ष 2021 में 26 मई को हुआ था। नियमानुसार पांच साल पूरा होने से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। इसमें देरी पर पंचायतों की कमान प्रशासक के हाथों में चली जाएगी। चुनाव टलने के कारण पंचायतों का गठन निर्धारित समय तक नहीं हो पाया है।
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ऐसे में कमान प्रशासकों के हाथ में जाने को लेकर चर्चाएं चल रही थी। वहीं प्रधान भी इस उम्मीद में थे कि चुनावी साल में सरकार उन्हें प्रशासक का जिम्मा देकर बड़ा तोहफा दे सकती है। सरकार की ओर से इस तरह के संकेत दिए भी गए थे, लेकिन कोई अधिकृत घोषणा न किए जाने से ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी।
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उधर, पुराने भुगतान को भी पाने की कवायद जोरों पर थी। देर शाम इस पर स्थिति साफ होने से प्रधानों ने राहत की सांस ली। उन्होंने सरकार के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे गांवों के विकास में अवरोध नहीं आएगा। अवशेष कार्य पूरा कराने में मदद मिलेगी।