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Sonebhadra News: म्योरपुर स्टेशन पर टैंकर से हो रही जलापूर्ति
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म्योरपुर के रनटोला में स्थित म्योरपुर रोड रेलवे स्टेशन पर टैंकर से हो रही जलापूर्ति
- फोटो : 1
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स्थानीय विकास खंड की रनटोला ग्राम पंचायत में अब तक हर घर नल योजना का लाभ नहीं पहुंच पाने से ग्रामीणों और रेल कर्मियों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित म्योरपुर रोड रेलवे स्टेशन पर पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
रेलवे प्रशासन की ओर से पानी की समस्या से निजात पाने के लिए कई स्थानों पर बोरिंग कराई गई, लेकिन पर्याप्त जलस्तर न मिलने के कारण समस्या दूर नहीं हुई। स्थिति यह है कि स्टेशन परिसर में रहने वाले लगभग 25 से 30 रेल कर्मी एकमात्र बोरिंग पर आश्रित थे। जो अब सूख चुका है। ऐसे में रेलवे को मजबूरन टैंकर के से जलापूर्ति करनी पड़ रही है। अभी गर्मी की शुरुआत भी नहीं हुई है, लेकिन जलस्रोतों के सूखने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो भीषण गर्मी में समस्या और विकराल हो सकती है।
ग्रामीणों की स्थिति भी कमोबेश यही है। गांव में भी कई स्थानों पर जलस्तर नीचे चला गया है, जिससे हैंडपंप और निजी बोरिंग जवाब दे रहे हैं। हर वर्ष गर्मी के मौसम में टैंकर से पानी मंगाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना की घोषणा तो की गई, लेकिन अभी तक उनके घरों तक पानी नहीं पहुंच सका है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर रही कंपनी जीबीपीआर के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रह्लाद ने बताया कि रनटोला गांव सेकंड फेज में शामिल है, जिसके कारण कार्य में देरी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले माह तक सभी घरों में हर घर नल योजना के तहत पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
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रेलवे प्रशासन की ओर से पानी की समस्या से निजात पाने के लिए कई स्थानों पर बोरिंग कराई गई, लेकिन पर्याप्त जलस्तर न मिलने के कारण समस्या दूर नहीं हुई। स्थिति यह है कि स्टेशन परिसर में रहने वाले लगभग 25 से 30 रेल कर्मी एकमात्र बोरिंग पर आश्रित थे। जो अब सूख चुका है। ऐसे में रेलवे को मजबूरन टैंकर के से जलापूर्ति करनी पड़ रही है। अभी गर्मी की शुरुआत भी नहीं हुई है, लेकिन जलस्रोतों के सूखने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो भीषण गर्मी में समस्या और विकराल हो सकती है।
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ग्रामीणों की स्थिति भी कमोबेश यही है। गांव में भी कई स्थानों पर जलस्तर नीचे चला गया है, जिससे हैंडपंप और निजी बोरिंग जवाब दे रहे हैं। हर वर्ष गर्मी के मौसम में टैंकर से पानी मंगाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना की घोषणा तो की गई, लेकिन अभी तक उनके घरों तक पानी नहीं पहुंच सका है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर रही कंपनी जीबीपीआर के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रह्लाद ने बताया कि रनटोला गांव सेकंड फेज में शामिल है, जिसके कारण कार्य में देरी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले माह तक सभी घरों में हर घर नल योजना के तहत पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
