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UP: प्रसव के आठ घंटे बाद महिला की मौत...चार घंटे हंगामा, ऑक्सीजन कैप हटाने का आरोप; गुस्सा देख पुलिस भी पस्त

अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 07 Mar 2026 10:46 PM IST
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सार

UP News: प्रसव केंद्र में महिला की माैत और हंगामा की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस माैके पर पहुंच गई। परिजनों से मामला जानने के बाद उन्हें समझाया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

Woman dies eight hours after delivery uproar accusations of removing oxygen cap police arrived
नाराज परिजनों से बातचीत करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

Sonbhadra News: मेडिकल काॅलेज परिसर स्थित प्रसव केंद्र में शनिवार को सामान्य प्रसव के आठ घंटे बाद महिला की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप था कि तड़पती हालत में प्रसूता को छोड़ दिया गया। ऑक्सीजन कैप को भी हटा लिया गया। नाराजगी इस कदर थी कि मौके पर पहुंची पुलिस को भी परिजनों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। 

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लगभग चार घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सीओ रणधीर मिश्रा ने किसी तरह परिवार वालों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद जाकर रात सवा आठ बजे के करीब शव को कब्जे में लेते हुए पंचनामा की प्रक्रिया शुरू की गई।
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विंढमगंज थाना क्षेत्र के घिवही गांव निवासी अरविंद की पत्नी पूजा (33) को प्रसव पीड़ा होने पर दुद्धी सीएचसी ले जाया गया। वहां से रेफर किए जाने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज के प्रसव केंद्र पर लाया गया। भाई धीरज के मुताबिक खून की कमी बताते हुए इसकी व्यवस्था करने के लिए कहा गया। भाई नीरज ने ब्लड डोनेट कर खून की व्यवस्था की। उसे खून चढ़ाया जाता इससे पहले सुबह साढ़े आठ बजे के करीब सामान्य तरीके से प्रसव हो गया। इसके बाद खून चढ़ाया जाने लगा। 

परिजनों में मचा कोहराम

आरोप है कि इस दौरान प्रसूता दर्द से नस फटने की शिकायत करती रही लेकिन डॉक्टर और स्टाफ सब कुछ ठीक होने का दावा करते रहे। शाम करीब चार बजे हालत गंभीर होने की बात कहते हुए रेफर कर दिया गया। धीरज का कहना था कि उसकी बहन को दूसरे कमरे में शिफ्ट कर उसके हाल पर छोड़ दिया गया। 

ऑक्सीजन कैप भी हटा लिया गया। महज 10 से 15 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। इससे खफा परिजनों ने जमकर नाराजगी जताई। चौकी इंचार्ज लोढ़ी उमाशंकर यादव ने नाराजगी जता रहे लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। 

कार्रवाई की मांग

कुछ देर बाद प्रभारी निरीक्षक राॅबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा और सीओ सिटी रणधीर मिश्रा भी पहुंचे। कई बार वार्ता के बाद किसी तरह परिजन शांत हुए। अस्पताल प्रबंधन का दावा था कि जिस वक्त प्रसूता को लाया गया उसी समय उसकी हालत गंभीर थी। महज छह यूनिट खून था। रेफर भी किया गया लेकिन परिजन नहीं ले गए। इस बारे में जानकारी के लिए मेडिकल कॉलेज के उप चिकित्सा अधीक्षक तपन मंडल से संपर्क साधा गया लेकिन उन्होंने चुप्पी साध ली। 

सीओ रणधीर मिश्रा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने प्रसव के समय ही काफी कम खून होने की जानकारी दी है। परिवार के लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

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