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Sultanpur News: एसआईआर केवाईसी लिंक से रहें सतर्क, एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक खाता
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:48 PM IST
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सुल्तानपुर। साइबर ठग लगातार अपने तरीकों में बदलाव कर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इन दिनों मोबाइल पर एसआईआर व केवाईसी अपडेट के नाम से भेजे जा रहे फर्जी लिंक लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। इन लिंक में छिपी एपीके फाइल को क्लिक करते मोबाइल हैक हो जाता है, और बैंक खाते से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारियां साइबर अपराधियों के हाथ लग जाती हैं। ऐसे बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए अमर उजाला ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया है।
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। सुल्तानपुर जिले में फिलहाल लोगों की सतर्कता के कारण अभी तक कोई बड़ा मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध वेबसाइट पर क्लिक करने से बचें।
जब कोई अज्ञात एपीके फाइल मोबाइल में इंस्टॉल हो जाती है, तो वह सामान्य एप की तरह ही दिखाई देती है। हालांकि, यह बैकग्राउंड में मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेती है। इससे साइबर अपराधी न केवल फोन की स्क्रीन, कैमरा, कॉल और मैसेज तक पहुंच बना लेते हैं, बल्कि बैंकिंग एप्स को भी नियंत्रित कर सकते हैं। इस प्रकार, वे ओटीपी, पासवर्ड और अन्य निजी डेटा चुराकर खाते से पैसे ट्रांसफर करने में सफल हो जाते हैं।
अधिकारियों की चेतावनी और बचाव के उपाय
सुल्तानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक, अखंड प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर केवाईसी के लिए किसी भी प्रकार का लिंक नहीं भेजा जा रहा है। यह पूरी तरह से साइबर ठगों की चाल है। उन्होंने सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक के आते ही तत्काल पुलिस से शिकायत करें, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
आप भी बात सकते हैं आप बीती
साइबर ठगों के खिलाफ अमर उजाला एक विशेष अभियान चला रहा है। यदि आपके साथ भी साइबर ठगी की कोई घटना हुई है, तो आप अपनी आपबीती साझा कर सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और आपकी समस्या को प्रकाशित किया जाएगा, ताकि अन्य लोग भी सतर्क हो सकें। आप 9368724178 पर संपर्क कर अपनी जानकारी दे सकते हैं।
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साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। सुल्तानपुर जिले में फिलहाल लोगों की सतर्कता के कारण अभी तक कोई बड़ा मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध वेबसाइट पर क्लिक करने से बचें।
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जब कोई अज्ञात एपीके फाइल मोबाइल में इंस्टॉल हो जाती है, तो वह सामान्य एप की तरह ही दिखाई देती है। हालांकि, यह बैकग्राउंड में मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लेती है। इससे साइबर अपराधी न केवल फोन की स्क्रीन, कैमरा, कॉल और मैसेज तक पहुंच बना लेते हैं, बल्कि बैंकिंग एप्स को भी नियंत्रित कर सकते हैं। इस प्रकार, वे ओटीपी, पासवर्ड और अन्य निजी डेटा चुराकर खाते से पैसे ट्रांसफर करने में सफल हो जाते हैं।
अधिकारियों की चेतावनी और बचाव के उपाय
सुल्तानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक, अखंड प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर केवाईसी के लिए किसी भी प्रकार का लिंक नहीं भेजा जा रहा है। यह पूरी तरह से साइबर ठगों की चाल है। उन्होंने सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक के आते ही तत्काल पुलिस से शिकायत करें, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
आप भी बात सकते हैं आप बीती
साइबर ठगों के खिलाफ अमर उजाला एक विशेष अभियान चला रहा है। यदि आपके साथ भी साइबर ठगी की कोई घटना हुई है, तो आप अपनी आपबीती साझा कर सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और आपकी समस्या को प्रकाशित किया जाएगा, ताकि अन्य लोग भी सतर्क हो सकें। आप 9368724178 पर संपर्क कर अपनी जानकारी दे सकते हैं।
