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Sultanpur News: रोडवेज बसों की लेटलतीफी से डग्गामारों की चांदी
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 08 May 2026 11:30 PM IST
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रोडवेज बस स्टेशन परिसर में इंतजार करते यात्री। संवाद
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सुल्तानपुर। रोडवेज बसों के संचालन में अनिश्चितता अब यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। बसों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण यात्रियों का भरोसा रोडवेज से कम होता जा रहा है। आलम यह है कि बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करने के बजाय लोग मजबूरन डग्गामार वाहनों का सहारा ले रहे हैं। इसका सीधा असर परिवहन निगम की कमाई पर पड़ रहा है।
वर्तमान में सुल्तानपुर डिपो से 177 बसों का संचालन हो रहा है। लंबी दूरी की बसों का समय तो निर्धारित है, लेकिन स्थानीय मार्गों पर व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। लखनऊ रूट पर हर घंटे बस उपलब्ध होने का दावा किया जाता है, लेकिन यात्रियों के अनुसार कई बार दो-दो घंटे तक कोई बस नहीं मिलती। यही स्थिति कादीपुर और अन्य स्थानीय मार्गों की भी है।
यात्रियों का आरोप है कि रोडवेज की लेटलतीफी का फायदा निजी वाहन चालक उठा रहे हैं। कम किराए और जल्दी पहुंचाने का झांसा देकर ये वाहन यात्रियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। जिला मुख्यालय से लखनऊ तक रोडवेज का किराया 231 रुपये है, जबकि निजी वाहन 200 रुपये में सफर करा रहे हैं। कादीपुर मार्ग पर रोडवेज का किराया 52 रुपये है, जबकि निजी वाहन 45 से 50 रुपये में पहुंचा रहे हैं।
स्थानीय यात्री रामलाल ने बताया कि रोडवेज बस आने का कोई निश्चित समय नहीं रहता। वहीं सीमा देवी का कहना है कि समय बचाने के लिए मजबूरी में निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है। आदर्श और मुजम्मिल ने भी बढ़ते किराये और देरी को लेकर नाराजगी जताई। रोडवेज की इस कार्यशैली ने यात्रियों की मुश्किलें तो बढ़ाई ही हैं, साथ ही विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई
एआरएम सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि बसों का संचालन निर्धारित समय सारणी के अनुसार किया जा रहा है। यदि कहीं से कोई शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर सुधार किया जाएगा।
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वर्तमान में सुल्तानपुर डिपो से 177 बसों का संचालन हो रहा है। लंबी दूरी की बसों का समय तो निर्धारित है, लेकिन स्थानीय मार्गों पर व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। लखनऊ रूट पर हर घंटे बस उपलब्ध होने का दावा किया जाता है, लेकिन यात्रियों के अनुसार कई बार दो-दो घंटे तक कोई बस नहीं मिलती। यही स्थिति कादीपुर और अन्य स्थानीय मार्गों की भी है।
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यात्रियों का आरोप है कि रोडवेज की लेटलतीफी का फायदा निजी वाहन चालक उठा रहे हैं। कम किराए और जल्दी पहुंचाने का झांसा देकर ये वाहन यात्रियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। जिला मुख्यालय से लखनऊ तक रोडवेज का किराया 231 रुपये है, जबकि निजी वाहन 200 रुपये में सफर करा रहे हैं। कादीपुर मार्ग पर रोडवेज का किराया 52 रुपये है, जबकि निजी वाहन 45 से 50 रुपये में पहुंचा रहे हैं।
स्थानीय यात्री रामलाल ने बताया कि रोडवेज बस आने का कोई निश्चित समय नहीं रहता। वहीं सीमा देवी का कहना है कि समय बचाने के लिए मजबूरी में निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है। आदर्श और मुजम्मिल ने भी बढ़ते किराये और देरी को लेकर नाराजगी जताई। रोडवेज की इस कार्यशैली ने यात्रियों की मुश्किलें तो बढ़ाई ही हैं, साथ ही विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई
एआरएम सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि बसों का संचालन निर्धारित समय सारणी के अनुसार किया जा रहा है। यदि कहीं से कोई शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर सुधार किया जाएगा।