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Sultanpur News: ईद की तैयारियां अंतिम दौर में, खरीदारों से बाजार गुलजार
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:43 PM IST
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शहर के चौक में ईद के लिए चूड़ियों की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
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सुल्तानपुर। ईद की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। इसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है। शहर से लेकर गांवों तक के बाजार ईद की खरादारी के लिए जुट रह लोगों से गुलजार दिख रहे हैं। घरों में साफ-सफाई के साथ पकवानों की तैयारी और मेहमान नवाजी की तैयारियां भी पूरी हो गई है। बृहस्पतिवार को शहर के चौक, घंटाघर, शाहगंज चौराहा और जीएन रोड पर स्थित कपड़ा, टोपी, सेवईं, चूड़ी और किराना की दुकानों पर ईद के सामानों की खरीदारी के लिए महिलाओं के साथ बच्चों की भीड़ जुटी दिखी।
ईद भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक
समाजसेवी व शिक्षक नेता निजाम खान ने बताया कि ईद आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। गांव में ईद पर आने वाले हिंदू-मुस्लिम के मेहमानों के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली गई है। खासतौर पर शाकाहारी मेहमानों के लिए भी विविध व्यंजन बनाए जाते हैं।
ईद पर मजबूत होता है आपसी भाईचारा
मोहम्मद अरशद पवार ने कहा कि ईद के दिन हिंदू भाइयों के लिए विशेष रूप से सेवईं, छोले, फल और मिठाइयों का इंतजाम किया जाता है। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयास आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करते हैं।
तैयारियों के साथ अमन की दुआ जरूरी
अरसला मसूद ने बताया कि ईद की तैयारियों में महिलाएं खास भूमिका निभाती हैं। साथ ही मेहमानों के लिए विभिन्न पकवान तैयार करती हैं। सभी को मिलकर दुआ करनी चाहिए कि देश में अमन, शांति और भाईचारा बना रहे।
ईद की मिठास और दावत की रौनक
अमरीन जमाल ने बताया कि ईद पर घरों में विभिन्न प्रकार की सेवइयां, दही-बड़े, छोले और अन्य व्यंजन बनाए जाते हैं। शाम को रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए विशेष दावत का आयोजन होता है। उन्होंने कहा कि ईद अपनों से मिलने और खुशियां बांटने का सबसे सुंदर अवसर है।
नन्हे सैयद ताहा रख रहे रोजा, रोज पढ़ते हैं कुरान
शहर के खैराबाद निवासी मोहम्मद शाहिद के आठ वर्षीय पुत्र सैयद ताहा ने इस रमजान से रोजा रखने की शुरुआत की है। कम उम्र में ही उनकी धार्मिक लगन लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। सैयद ताहा रोजाना पांच वक्त की नमाज अदा करने के साथ कुरान शरीफ का पाठ भी करते हैं। परिवार के लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं।
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समाजसेवी व शिक्षक नेता निजाम खान ने बताया कि ईद आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। गांव में ईद पर आने वाले हिंदू-मुस्लिम के मेहमानों के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली गई है। खासतौर पर शाकाहारी मेहमानों के लिए भी विविध व्यंजन बनाए जाते हैं।
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ईद पर मजबूत होता है आपसी भाईचारा
मोहम्मद अरशद पवार ने कहा कि ईद के दिन हिंदू भाइयों के लिए विशेष रूप से सेवईं, छोले, फल और मिठाइयों का इंतजाम किया जाता है। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयास आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करते हैं।
तैयारियों के साथ अमन की दुआ जरूरी
अरसला मसूद ने बताया कि ईद की तैयारियों में महिलाएं खास भूमिका निभाती हैं। साथ ही मेहमानों के लिए विभिन्न पकवान तैयार करती हैं। सभी को मिलकर दुआ करनी चाहिए कि देश में अमन, शांति और भाईचारा बना रहे।
ईद की मिठास और दावत की रौनक
अमरीन जमाल ने बताया कि ईद पर घरों में विभिन्न प्रकार की सेवइयां, दही-बड़े, छोले और अन्य व्यंजन बनाए जाते हैं। शाम को रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए विशेष दावत का आयोजन होता है। उन्होंने कहा कि ईद अपनों से मिलने और खुशियां बांटने का सबसे सुंदर अवसर है।
नन्हे सैयद ताहा रख रहे रोजा, रोज पढ़ते हैं कुरान
शहर के खैराबाद निवासी मोहम्मद शाहिद के आठ वर्षीय पुत्र सैयद ताहा ने इस रमजान से रोजा रखने की शुरुआत की है। कम उम्र में ही उनकी धार्मिक लगन लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। सैयद ताहा रोजाना पांच वक्त की नमाज अदा करने के साथ कुरान शरीफ का पाठ भी करते हैं। परिवार के लोग उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं।