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Sultanpur News: रिटायर्ड ब्लॉक कर्मी से 1.53 लाख की साइबर ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:45 PM IST
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सुल्तानपुर। फेसबुक पर दवा कंपनी की एजेंसी दिलाने के नाम पर शहर के सिविल लाइन के रहने वाले रिटायर्ड ब्लॉक कर्मी बृजेंद्र कुमार त्रिपाठी से 1.53 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़ित बृजेंद्र कुमार त्रिपाठी के मुताबिक उन्होंने फेसबुक पर एक प्रतिष्ठित दवा की कंपनी की एजेंसी से संबंधी एक विज्ञापन देखा था। उस पर भरोसा कर उन्होंने बताई गई प्रक्रिया के तहत अलग-अलग किस्त में कुल 1,53,000 रुपये जमा कर दिए। धनराशि जमा करने के बाद भी एजेंसी से जुड़ी कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। काफी समय तक इंतजार के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक चारू निगम के निर्देश पर साइबर थाने में बुधवार को अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
फर्जी विज्ञापन के जरिये करते हैं ठगी
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक अखंड देव मिश्र ने बताया कि फेसबुक अकाउंट व संबंधित बैंक खाते की डिटेल की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जालसाज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को एजेंसी, नौकरी या निवेश का लालच देते हैं। विश्वास में लेकर पहले रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम मंगाई जाती है, फिर संपर्क तोड़ दिया जाता है। किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संस्था के खाते में पैसे ट्रांसफर करने से बचें। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
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पीड़ित बृजेंद्र कुमार त्रिपाठी के मुताबिक उन्होंने फेसबुक पर एक प्रतिष्ठित दवा की कंपनी की एजेंसी से संबंधी एक विज्ञापन देखा था। उस पर भरोसा कर उन्होंने बताई गई प्रक्रिया के तहत अलग-अलग किस्त में कुल 1,53,000 रुपये जमा कर दिए। धनराशि जमा करने के बाद भी एजेंसी से जुड़ी कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। काफी समय तक इंतजार के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक चारू निगम के निर्देश पर साइबर थाने में बुधवार को अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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फर्जी विज्ञापन के जरिये करते हैं ठगी
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक अखंड देव मिश्र ने बताया कि फेसबुक अकाउंट व संबंधित बैंक खाते की डिटेल की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जालसाज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को एजेंसी, नौकरी या निवेश का लालच देते हैं। विश्वास में लेकर पहले रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम मंगाई जाती है, फिर संपर्क तोड़ दिया जाता है। किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संस्था के खाते में पैसे ट्रांसफर करने से बचें। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।