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Sultanpur News: चढ़ा होली का खुमार, कल उड़ेगा गुलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 02 Mar 2026 11:15 PM IST
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सुल्तानपुर। होली का उल्लास व खुमार छोटों से लेकर बड़ों तक पर छाया दिखने लगा है। चंद्रग्रहण के कारण इस बार होलिका दहन के बाद रंग बुधवार को खेला जाएगा। जिले में कड़ी सुरक्षा निगरानी के बीच 1900 स्थानों पर होलिका दहन किया गया। अमन व चैन कायम बनाए रखने के लिए होलिका दहन स्थलों व होली के जुलूस से जुड़े मार्गों पर पुलिस व प्रशासन की टीमें तैनात रहेगी। होली पर होने वाले हादसों से निपटने के लिए आपातकालीन सेवा के तहत मेडिकल कॉलेज में 50 बेड आरक्षित रहेंगे।
रंगों के पर्व पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ ही नगरपालिका की ओर से भी नियमित तौर पर निर्बाध पानी की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। त्योहार की खरीदारी को लेकर सोमवार को दिनभर बाजारों में खरीदारों की भीड़ से रौनक रही। लोगों ने रंग, गुलाल, पिचकारी, मुखौटे, मिठाइयां व कपड़ों की जमकर खरीदारी की। त्योहार को लेकर घरों में दो दिन पहले से तैयारियां शुरू हो है। महिलाओं ने होली के लिए खास तौर पर गुझिया, नमकीन, पापड़ और अन्य पारंपरिक पकवान बनाए हैं। होली की उमंग में बच्चे खास तौर पर डूबे हैं। अभिभावकों ने भी उनके लिए तरह-तरह के रंगों के साथ रंग-बिरंगी पिचकारियों और आकर्षक मुखौटों के साथ ही कपड़ों की खरीदारी की है। जिलाधिकारी कुमार हर्ष व पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने जिलेवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी लोग प्रेम और सौहार्द के साथ त्योहार को मनाएं। इस दौरान सभी धर्म से जुड़े लोगों की भावनाओं का सम्मान करें।
g रंगों से चेहरे को बचाने के टिप्स : पर्यावरणविद् डॉ. प्रकाश चंद्र तिवारी ने बताया कि रासायनिक रंगों से चेहरे की त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। इससे बचने के लिए पिसा हुआ हरा पपीता, आटा और शहद का पेस्ट बनाकर चेहरे पर दस मिनट तक लगाएं और फिर साफ पानी से धो लें। गाढ़े रंग को छुड़ाने के लिए कच्चे पपीते को दूध में फेंटकर उसमें मुल्तानी मिट्टी और थोड़ा सा बादाम तेल मिलाएं। इस मिश्रण को आधे घंटे तक चेहरे पर लगाकर रखने के बाद धो डालें।
g हर्बल अबीर और गुलाल से खेलेंगे होली : इस बार आमजन में प्राकृतिक और हानि रहित रंगों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। बाजार में हर्बल अबीर और गुलाल की मांग ज्यादा देखी जा रही है। व्यापारी नेता रवींद्र त्रिपाठी ने बताया कि शहर में भ्रमण कर पारंपरिक और पर्यावरण मित्र होली का संदेश देने की योजना बनाई गई है। लोगों को रासायनिक रंगों से बचते हुए सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
g भालू और शेर वाले मुखौटे की भी बढ़ी मांग : होली को लेकर शहर के सब्जी मंडी, ठठेरी बाजार, चौक, शाहगंज चौराहा, गोलाघाट और जीएन सड़क पर दिनभर खरीदारों की भीड़ रही। चौक स्थित दुकानदार पंकज और मुकेश ने बताया कि इस बार बच्चे डरावने मुखौटे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इनकी कीमत 50 रुपये से लेकर 150 रुपये तक है।
g होली के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सीएमो डॉ. भारत भूषण ने बताया कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर चिकित्सकों को त्योहार पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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g रंगों से चेहरे को बचाने के टिप्स : पर्यावरणविद् डॉ. प्रकाश चंद्र तिवारी ने बताया कि रासायनिक रंगों से चेहरे की त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। इससे बचने के लिए पिसा हुआ हरा पपीता, आटा और शहद का पेस्ट बनाकर चेहरे पर दस मिनट तक लगाएं और फिर साफ पानी से धो लें। गाढ़े रंग को छुड़ाने के लिए कच्चे पपीते को दूध में फेंटकर उसमें मुल्तानी मिट्टी और थोड़ा सा बादाम तेल मिलाएं। इस मिश्रण को आधे घंटे तक चेहरे पर लगाकर रखने के बाद धो डालें।
g हर्बल अबीर और गुलाल से खेलेंगे होली : इस बार आमजन में प्राकृतिक और हानि रहित रंगों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। बाजार में हर्बल अबीर और गुलाल की मांग ज्यादा देखी जा रही है। व्यापारी नेता रवींद्र त्रिपाठी ने बताया कि शहर में भ्रमण कर पारंपरिक और पर्यावरण मित्र होली का संदेश देने की योजना बनाई गई है। लोगों को रासायनिक रंगों से बचते हुए सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
g भालू और शेर वाले मुखौटे की भी बढ़ी मांग : होली को लेकर शहर के सब्जी मंडी, ठठेरी बाजार, चौक, शाहगंज चौराहा, गोलाघाट और जीएन सड़क पर दिनभर खरीदारों की भीड़ रही। चौक स्थित दुकानदार पंकज और मुकेश ने बताया कि इस बार बच्चे डरावने मुखौटे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इनकी कीमत 50 रुपये से लेकर 150 रुपये तक है।
g होली के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सीएमो डॉ. भारत भूषण ने बताया कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर चिकित्सकों को त्योहार पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
