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Sultanpur News: ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर 32.16 लाख रुपये की साइबर ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 16 Jan 2026 12:23 AM IST
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सुल्तानपुर। घरेलू सामान की ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के नाम पर एक व्यक्ति से 32.16 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। पीड़ित की तहरीर पर साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
शहर के नवीपुर निवासी मुकेश कुमार यादव के मुताबिक उनको बान्या बत्रा महिला के नाम से फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली है। उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया। आरोप है कि बान्या बत्रा ने व्हाट्सएप नंबर से चैट करते मुकेश को ऑनलाइन शॉप चलाने का झांसा दिया। आरोपी ने लिंक भेजा। आरोपी ने लिंक खोलकर चेक करने को कहा। मुकेश ने लिंक को खोला तो उस पर एक पेज खुला। उस पेज में घरेलू सामान की बिक्री दिखाई दी। कंपनी ने उन्हें बतौर विक्रेता जोड़ लिया।
आरोप है कि गत वर्ष 16 अक्टूबर को उनके सामानों के आर्डर आने लगे। उन्होंने अपने बैंक खाते से 16 अक्टूबर से 18 दिसंबर के बीच 32.16 लाख रुपये विभिन्न तिथियों पर भुगतान किया। जब उन्होंने अपने निवेश किए गए धन का भुगतान लेना चाहा, तो उस कंपनी ने आपत्तियां लगाते हुए उनसे और धन देने की मांग की। उन्हें झांसे का एहसास हुआ तो उन्होंने भुगतान नहीं किया। बाद में उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी की गई है। पीड़ित ने राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है।
ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के फर्जीवाड़े से ऐसे करें बचाव
केवल विश्वसनीय और जानी-मानी ई-कॉमर्स वेबसाइटों से ही खरीदारी करें। -अंजान या बहुत सस्ते ऑफर वाली वेबसाइटों से सावधान रहें।
भुगतान करते समय वेबसाइट का यूआरएल (लिंक) ध्यान से देखें। वह HTTPS से शुरू हो और उसमें लॉक का निशान हो।
सोशल मीडिया या मेसेज में आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करके शॉपिंग न करें।
सभी ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड बनाएं।
ऑनलाइन शॉपिंग में सीओडी (कैश ऑन डिलीवरी) का विकल्प चुनें।
संदेहास्पद लिंक मिलने पर करें शिकायत
फर्जी कंपनियों के ऑन लाइन शॉपिंग व मुनाफे के झांसे में न आएं। इस तरह का कोई भी संदिग्ध लिंक मिले तो तत्काल पुलिस से शिकायत करें। सभी थानों पर साइबर हेल्प डेस्क है।
अखंड प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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शहर के नवीपुर निवासी मुकेश कुमार यादव के मुताबिक उनको बान्या बत्रा महिला के नाम से फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली है। उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया। आरोप है कि बान्या बत्रा ने व्हाट्सएप नंबर से चैट करते मुकेश को ऑनलाइन शॉप चलाने का झांसा दिया। आरोपी ने लिंक भेजा। आरोपी ने लिंक खोलकर चेक करने को कहा। मुकेश ने लिंक को खोला तो उस पर एक पेज खुला। उस पेज में घरेलू सामान की बिक्री दिखाई दी। कंपनी ने उन्हें बतौर विक्रेता जोड़ लिया।
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आरोप है कि गत वर्ष 16 अक्टूबर को उनके सामानों के आर्डर आने लगे। उन्होंने अपने बैंक खाते से 16 अक्टूबर से 18 दिसंबर के बीच 32.16 लाख रुपये विभिन्न तिथियों पर भुगतान किया। जब उन्होंने अपने निवेश किए गए धन का भुगतान लेना चाहा, तो उस कंपनी ने आपत्तियां लगाते हुए उनसे और धन देने की मांग की। उन्हें झांसे का एहसास हुआ तो उन्होंने भुगतान नहीं किया। बाद में उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी की गई है। पीड़ित ने राष्ट्रीय अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है।
ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के फर्जीवाड़े से ऐसे करें बचाव
केवल विश्वसनीय और जानी-मानी ई-कॉमर्स वेबसाइटों से ही खरीदारी करें। -अंजान या बहुत सस्ते ऑफर वाली वेबसाइटों से सावधान रहें।
भुगतान करते समय वेबसाइट का यूआरएल (लिंक) ध्यान से देखें। वह HTTPS से शुरू हो और उसमें लॉक का निशान हो।
सोशल मीडिया या मेसेज में आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करके शॉपिंग न करें।
सभी ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड बनाएं।
ऑनलाइन शॉपिंग में सीओडी (कैश ऑन डिलीवरी) का विकल्प चुनें।
संदेहास्पद लिंक मिलने पर करें शिकायत
फर्जी कंपनियों के ऑन लाइन शॉपिंग व मुनाफे के झांसे में न आएं। इस तरह का कोई भी संदिग्ध लिंक मिले तो तत्काल पुलिस से शिकायत करें। सभी थानों पर साइबर हेल्प डेस्क है।
अखंड प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
