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Sultanpur News: 23 साल चले ट्रायल में सपा प्रवक्ता समेत तीन बरी
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 10 May 2026 11:22 PM IST
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सुल्तानपुर। बंदूक व राइफल बरामदगी के आरोप में पूर्व जिला पंचायत सदस्य व वर्तमान सपा प्रवक्ता धर्मेंद्र सिंह बब्लू समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चल रहे 23 साल पुराने मामले में बृहस्पतिवार को एसीजेएम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलंकृता शक्ति त्रिपाठी की अदालत ने अभियोजन पक्ष के जरिये लंबे समय बाद भी कोई साक्ष्य नहीं पेश करने के चलते सबूतों के अभाव में तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
कोतवाली देहात थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी यशवंत सिंह ने सात मई 2003 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक स्थानीय कोतवाली के भपटा गांव निवासी आरोपी धर्मेंद्र सिंह बबलू को 12 बोर की एक बंदूक के साथ पकड़ा था। इसके अलावा अवैध तरीके से रखी एक राइफल भी उनके घर से मिली।
विवेचना के दौरान लंभुआ कोतवाली के चौकिया निवासी आरोपी जगदीश प्रसाद मिश्र व कमलेश कुमार सिंह के जरिये अपने लाइसेंसी हथियारों को गैर जिम्मेदराना ढंग से रखने का मामला सामने आया। इसकी वजह से धर्मेंद्र सिंह बब्लू के अलावा उन्हें भी मामले में आरोपी बनाते हुए पुलिस ने चार्जशीट पेश किया। ट्रायल एसीजेएम कोर्ट में चल रहा था। अभियोजन पक्ष की लापरवाही की वजह से लंबे समय बाद भी एक भी अभियोजन गवाह नहीं पेश किया जा सका, जबकि अदालत बार-बार गवाह पेश करने के लिए चेतावनी देती रही।
लंबे समय तक कोई अभियोजन गवाह नहीं पेश करने की वजह से कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी अभियुक्त को विचारण के नाम पर असीमित अवधि तक परेशान नहीं किया जा सकता। अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए तीनों आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।
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कोतवाली देहात थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी यशवंत सिंह ने सात मई 2003 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक स्थानीय कोतवाली के भपटा गांव निवासी आरोपी धर्मेंद्र सिंह बबलू को 12 बोर की एक बंदूक के साथ पकड़ा था। इसके अलावा अवैध तरीके से रखी एक राइफल भी उनके घर से मिली।
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विवेचना के दौरान लंभुआ कोतवाली के चौकिया निवासी आरोपी जगदीश प्रसाद मिश्र व कमलेश कुमार सिंह के जरिये अपने लाइसेंसी हथियारों को गैर जिम्मेदराना ढंग से रखने का मामला सामने आया। इसकी वजह से धर्मेंद्र सिंह बब्लू के अलावा उन्हें भी मामले में आरोपी बनाते हुए पुलिस ने चार्जशीट पेश किया। ट्रायल एसीजेएम कोर्ट में चल रहा था। अभियोजन पक्ष की लापरवाही की वजह से लंबे समय बाद भी एक भी अभियोजन गवाह नहीं पेश किया जा सका, जबकि अदालत बार-बार गवाह पेश करने के लिए चेतावनी देती रही।
लंबे समय तक कोई अभियोजन गवाह नहीं पेश करने की वजह से कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी अभियुक्त को विचारण के नाम पर असीमित अवधि तक परेशान नहीं किया जा सकता। अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए तीनों आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।