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Sultanpur News: मोबाइल में रील देखने की लत बच्चों को बना रही बीमार

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:39 PM IST
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The addiction of watching reels on mobile is making children sick.
मेडिकल काॅलेज में लगी मरीजों व तीमारदारों की भीड़। - फोटो : मेडिकल काॅलेज में लगी मरीजों व तीमारदारों की भीड़।
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सुल्तानपुर। मोबाइल पर लगातार रील देखने की लत बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही है। इसके चलते उनकी सोचने-समझने की क्षमता में गिरावट आ रही है, याददाश्त कमजोर हो रही है और स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। इन समस्याओं से जूझ रहे रोजाना दो से तीन लोग मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग पहुंच रहे हैं, जिनमें चिड़चिड़ापन, गुस्सा और मनोदशा संबंधी समस्याएं ज्यादा हैं। खास बात यह है कि इन मरीजों में छह से 12 साल के बच्चे भी शामिल हैं, जो घंटों मोबाइल पर रील देखने के आदी हो चुके हैं।
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मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. आरए वर्मा बताते हैं कि अधिकांश मामलों में मोबाइल की बढ़ती लत ही मुख्य कारण है। घंटों रील देखने के कारण बच्चों में चिड़चिड़ापन देखा जा रहा है। अभिभावक अक्सर बच्चों के रोने या परेशान करने पर उन्हें शांत कराने के लिए मोबाइल थमा देते हैं। इसके अलावा, महिलाएं भी रील देखने और बनाने में काफी समय व्यतीत कर रही हैं, जिससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति प्रभावित हो रही है। नवंबर से अब तक करीब 110 ऐसे मरीज मनोरोग विभाग में आ चुके हैं, जिनमें महिलाओं में सिरदर्द की समस्या भी देखी जा रही है।
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काउंसलिंग और उपचार की आवश्यकता

मनोचिकित्सक डॉ. सौरभ जायसवाल ने बताया कि ऐसे मामलों में लोगों की काउंसलिंग कर मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, अभिभावकों को बच्चों के साथ अधिक समय बिताने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मनोचिकित्सक डॉ. अभिलाष ने बताया कि मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग मानसिक रूप से कमजोर बनाता है और बच्चों में जिद्दीपन जैसी प्रवृत्ति बढ़ती है। ऐसे बच्चों, महिलाओं और अभिभावकों को विशेष परामर्श की आवश्यकता है। मरीजों को उपचार के साथ-साथ रील की लत से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
अभिभावक बरतें सावधानी

- मोबाइल का सीमित प्रयोग करें और बच्चों को भी सचेत करते रहें।
- तीन साल की उम्र के बाद बच्चे को सिर्फ एक घंटे ही टीवी देखने दें।
- खाना खिलाते या दूध पिलाते समय बच्चे से बात करें, मोबाइल से दूर रखें।
- खाना खाते समय अभिभावक भी टीवी व मोबाइल न देखें।
- बच्चों के सामने मोबाइल का प्रयोग करने से बचें।
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