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Sultanpur News: फर्जी बैनामा करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:32 PM IST
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सुल्तानपुर। तालाब की सरकारी जमीन को अपना बताकर बेचने और 23.40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपी वारिस अली को अदालत से राहत नहीं मिली है। एडीजे प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मामला अमेठी जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां जामो निवासी अजय कुमार मौर्य ने बीते 18 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के अनुसार, मरौचा-तेतारपुर निवासी साबिर अली और उसके पुत्र वारिस अली ने पालपुर स्थित एक भूखंड को अपनी पैतृक संपत्ति बताकर अजय के पिता व चाचा से 23.40 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
खतौनी में नाम दर्ज होने का अनुचित लाभ उठाते हुए आरोपियों ने जमीन का बैनामा कर पूरी रकम हड़प ली। हालांकि, बैनामा होने के कुछ समय बाद उपजिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच में खुलासा हुआ कि उक्त जमीन वास्तव में तालाब (सरकारी) की है, जिसके बाद इसे सरकार के नाम दर्ज कर दिया गया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने और गिरफ्तारी की आशंका के चलते वारिस अली ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया।
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मामला अमेठी जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां जामो निवासी अजय कुमार मौर्य ने बीते 18 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के अनुसार, मरौचा-तेतारपुर निवासी साबिर अली और उसके पुत्र वारिस अली ने पालपुर स्थित एक भूखंड को अपनी पैतृक संपत्ति बताकर अजय के पिता व चाचा से 23.40 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
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खतौनी में नाम दर्ज होने का अनुचित लाभ उठाते हुए आरोपियों ने जमीन का बैनामा कर पूरी रकम हड़प ली। हालांकि, बैनामा होने के कुछ समय बाद उपजिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच में खुलासा हुआ कि उक्त जमीन वास्तव में तालाब (सरकारी) की है, जिसके बाद इसे सरकार के नाम दर्ज कर दिया गया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने और गिरफ्तारी की आशंका के चलते वारिस अली ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया।
