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Sultanpur News: खेल का मैदान बनेगा सपनों की उड़ान, बेटियां बढ़ाएं आत्मविश्वास और पहचान
Wed, 29 Jul 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:38 PM IST
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पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुए अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद बालिकाएं। संवाद
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सुल्तानपुर। बेटियां यदि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल के मैदान में उतरें तो मेडल के साथ सम्मान और सरकारी नौकरी के अवसर भी उनका इंतजार करते हैं। यह बातें बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में बताई गईं। पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम के बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को खेल में कॅरिअर बनाने की संभावनाओं के साथ आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर भी सिखाए गए।
राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी रागिनी मिश्रा ने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने बालिकाओं से लक्ष्य तय कर पूरी लगन से अभ्यास करने का आह्वान किया। कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों के लिए रेलवे, पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी जानशी ने कहा कि कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास से हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और सतर्कता बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि सही समय पर लिया गया निर्णय बड़ी मुश्किलों से बचा सकता है।
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जिला क्रीड़ाधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कहा कि खेल बेटियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाते हैं। आज बेटियां हर खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम के आत्मरक्षा सत्र में एथलेटिक्स कोच आशा ने छात्राओं को पीछे से पकड़ने, मुंह दबाने और बाल खींचने जैसी परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।
छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अभ्यास किया और आत्मरक्षा की तकनीकों को सीखा। कार्यक्रम में स्टेडियम कोच प्रवीन मिश्रा, प्रदीप यादव, आनंद श्रीवास्तव, कार्यालय सहायक फायजा व खिलाड़ी प्रियांशी, रोली, साजिया, नूर, वैष्णवी, स्वेता, कशिश प्रिया समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी रागिनी मिश्रा ने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने बालिकाओं से लक्ष्य तय कर पूरी लगन से अभ्यास करने का आह्वान किया। कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों के लिए रेलवे, पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
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राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी जानशी ने कहा कि कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास से हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और सतर्कता बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि सही समय पर लिया गया निर्णय बड़ी मुश्किलों से बचा सकता है।
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जिला क्रीड़ाधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कहा कि खेल बेटियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाते हैं। आज बेटियां हर खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम के आत्मरक्षा सत्र में एथलेटिक्स कोच आशा ने छात्राओं को पीछे से पकड़ने, मुंह दबाने और बाल खींचने जैसी परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।
छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अभ्यास किया और आत्मरक्षा की तकनीकों को सीखा। कार्यक्रम में स्टेडियम कोच प्रवीन मिश्रा, प्रदीप यादव, आनंद श्रीवास्तव, कार्यालय सहायक फायजा व खिलाड़ी प्रियांशी, रोली, साजिया, नूर, वैष्णवी, स्वेता, कशिश प्रिया समेत अन्य लोग मौजूद रहे।