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Sultanpur News: वोट घटे और बढ़ गए बूथ, राजनीति गलियारों में मची हलचल
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:27 PM IST
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कुड़वार के भड़रा परसुरामपुर के बूथ पर दावे-आपत्तियां लेते बीएलओ। संवाद
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सुल्तानपुर। एसआईआर के अभियान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विधानसभा की अनंतिम मतदाता सूची में वोटरों की संख्या बढ़ने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। नतीजा हुआ कि करीब 3.16 लाख मतदाता सूची से बाहर हो गए।
खासकर शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं के नहीं मिलने से प्रमुख राजनीतिक दलों को गहरा झटका लगा है। इन्हें तलाशने के लिए अनंतिम सूची प्रकाशन की तिथियां आयोग की ओर से दो बार बढ़ाई गईं, लेकिन कमोवेश स्थिति पहले वाले सर्वे की ही रही। जिले में 165 बूथ बढ़ गए।
निर्वाचन विभाग की ओर से अक्तूबर 2025 की प्रकाशित की गई विधानसभा की मतदाता सूची में 18,43,789 वोटर थे, लेकिन एसआईआर अभियान के बाद प्रकाशित अनंतिम मतदाता सूची में 15,26,834 मतदाता ही बचे। करीब 3.16 लाख मतदाता कट गए। हालांकि इसमें 58,707 मतदाता पांचों विधानसभा क्षेत्रों के मृतक मिले हैं, लेकिन 62,563 मतदाताओं का पता ही नहीं चला कि वे कहां गए।
यही नहीं, 1.55 लाख मतदाता स्थानांतरित पाए गए हैं। करीब 30 हजार मतदाता दोहरे नाम वाले मिले हैं। एसआईआर के अभियान में अधिकांश नगरीय क्षेत्र के मतदाताओं के गायब (अनुपस्थित) मिलने से प्रमुख राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है।
एसआईआर अभियान में पांचों विधानसभा क्षेत्रों में 3.16 लाख मतदाताओं के घटने व 165 बूथों के बढ़ने से चुनाव का गुणा-भाग प्रबंधन पर टिकता नजर आ रहा है। चुनाव में नजदीकी टक्कर में होने वाली हार-जीत अब चुनावी प्रबंधन पर ही टिक गई है। दावे-आपत्तियों के चल अभियान में राजनीतिक दलों के लोग नए लोगों का नाम सूची में जुड़वाकर राहत पाने की कोशिश में जुटे हैं। फिलहाल यह चुनावी स्थिति पर निर्भर रहने के आसार हैं।
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खासकर शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं के नहीं मिलने से प्रमुख राजनीतिक दलों को गहरा झटका लगा है। इन्हें तलाशने के लिए अनंतिम सूची प्रकाशन की तिथियां आयोग की ओर से दो बार बढ़ाई गईं, लेकिन कमोवेश स्थिति पहले वाले सर्वे की ही रही। जिले में 165 बूथ बढ़ गए।
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निर्वाचन विभाग की ओर से अक्तूबर 2025 की प्रकाशित की गई विधानसभा की मतदाता सूची में 18,43,789 वोटर थे, लेकिन एसआईआर अभियान के बाद प्रकाशित अनंतिम मतदाता सूची में 15,26,834 मतदाता ही बचे। करीब 3.16 लाख मतदाता कट गए। हालांकि इसमें 58,707 मतदाता पांचों विधानसभा क्षेत्रों के मृतक मिले हैं, लेकिन 62,563 मतदाताओं का पता ही नहीं चला कि वे कहां गए।
यही नहीं, 1.55 लाख मतदाता स्थानांतरित पाए गए हैं। करीब 30 हजार मतदाता दोहरे नाम वाले मिले हैं। एसआईआर के अभियान में अधिकांश नगरीय क्षेत्र के मतदाताओं के गायब (अनुपस्थित) मिलने से प्रमुख राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है।
एसआईआर अभियान में पांचों विधानसभा क्षेत्रों में 3.16 लाख मतदाताओं के घटने व 165 बूथों के बढ़ने से चुनाव का गुणा-भाग प्रबंधन पर टिकता नजर आ रहा है। चुनाव में नजदीकी टक्कर में होने वाली हार-जीत अब चुनावी प्रबंधन पर ही टिक गई है। दावे-आपत्तियों के चल अभियान में राजनीतिक दलों के लोग नए लोगों का नाम सूची में जुड़वाकर राहत पाने की कोशिश में जुटे हैं। फिलहाल यह चुनावी स्थिति पर निर्भर रहने के आसार हैं।