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Unnao News: शिकायतों के निस्तारण में सदर तहसील फिसड्डी, 59 फीसदी फरियादी असंतुष्ट
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उन्नाव। तहसील के जिम्मेदार जनता की शिकायतों के निस्तारण में खानापूर्ति कर रहे हैं। इसी कारण फरियादियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। आईजीआरएस पोर्टल (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पर आई शिकायतों के निस्तारण का जब शासनस्तर से रैंडम फीडबैक लिया गया तो सदर, हसनगंज, बीघापुर व सफीपुर तहसील की स्थिति काफी खराब मिली।
सदर तहसील के जिम्मेदारों द्वारा किए गए निस्तारण को 59 फीसदी फरियादियों ने नकार दिया और असंतुष्टि जाहिर की। इसके चलते सदर तहसील को प्रदेशस्तर पर 319वीं रैंक मिली है। इसके अलावा हसनगंज, बीघापुर व तहसील के जिम्मेदारों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में की गई खानापूर्ति ने जिला प्रशासन की किरकिरी करा दी।
तहसील सदर-319वीं रैंक
आईजीआरएस पर 245 शिकायतें आईं। इसमें मेड़बंदी, पैमाइश, सरकारी जमीन व सहन की भूमि पर कब्जेदारी की शिकायतों की भरमार रही। तहसील प्रशासन ने सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण दिखा दिया। जब रिपोर्ट शासन तक पहुंची तो शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया गया। इनमें से करीब 145 फरियादियों ने निस्तारण को नकार दिया। कहा कि वह निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं। इसके चलते तहसील को प्रदेश में 319वीं रैंक हासिल हुई।
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तहसील-बीघापुर-194वीं रैंक
तहसील क्षेत्र की 59 शिकायतें आईजीआरएस के माध्यम से दर्ज हुईं। निस्तारण सभी का कर दिया गया। जब फीडबैक लिया गया तो करीब 54 फीसदी यानी 32 पीड़ित निस्तारण से संतुष्ट नहीं थे। इसके चलते बीघापुर तहसील को 194वीं रैंक मिली। इसको लेकर शासन ने माना कि जिम्मेदार शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं।
तहसील हसनगंज-120वीं रैंक
तहसील क्षेत्र की 117 शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल पर पहुंची। निस्तारित सभी को दिखा दिया गया। कलक्ट्रेट सूत्रों के मुताबिक, फीडबैक में 40 फीसद शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहे। फरियादियों को न्याय न दिला पाने पर तहसील प्रशासन को प्रदेश में 120वां स्थान मिला।
तहसील-सफीपुर-52वीं रैंक
आईजीआरएस पोर्टल पर तहसील क्षेत्र की 43 शिकायतें पहुंची। निस्तारण की रिपोर्ट में फीडबैक में करीब 20 फीसदी असंतुष्ट दिखे। इसी कारण तहसील सफीपुर को प्रदेश में 52वां स्थान हासिल हुआ। यहां भी फरियादी असंतुष्ट ज्यादा मिले। इसी कारण शासन से इनकी रैंकिंग तय की गई है।
पुरवा व बांगरमऊ को पहली रैंक
भले ही जिले की चार तहसीलों ने प्रशासन की किरकिरी कराई हो लेकिन पुरवा व बांगरमऊ के अधिकारियों द्वारा किए गए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से शाबाशी भी मिली है। पुरवा में 106 और बांगरमऊ में 34 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया। फीडबैक में सभी फरियादियों ने संतुष्टि जाहिर की। इस पर दोनों तहसीलों को संयुक्त रूप से पहली रैंक हासिल हुई है।
जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने कहा कि जिन तहसीलों के फरियादियों का असंतुष्ट प्रतिशत ज्यादा है, वहां के अधिकारियों को स्वयं निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि स्वयं मामलों को देखें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं। फरियादियों से स्वयं बात करें। भविष्य में यदि लापरवाही मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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सदर तहसील के जिम्मेदारों द्वारा किए गए निस्तारण को 59 फीसदी फरियादियों ने नकार दिया और असंतुष्टि जाहिर की। इसके चलते सदर तहसील को प्रदेशस्तर पर 319वीं रैंक मिली है। इसके अलावा हसनगंज, बीघापुर व तहसील के जिम्मेदारों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में की गई खानापूर्ति ने जिला प्रशासन की किरकिरी करा दी।
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तहसील सदर-319वीं रैंक
आईजीआरएस पर 245 शिकायतें आईं। इसमें मेड़बंदी, पैमाइश, सरकारी जमीन व सहन की भूमि पर कब्जेदारी की शिकायतों की भरमार रही। तहसील प्रशासन ने सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण दिखा दिया। जब रिपोर्ट शासन तक पहुंची तो शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया गया। इनमें से करीब 145 फरियादियों ने निस्तारण को नकार दिया। कहा कि वह निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं। इसके चलते तहसील को प्रदेश में 319वीं रैंक हासिल हुई।
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तहसील-बीघापुर-194वीं रैंक
तहसील क्षेत्र की 59 शिकायतें आईजीआरएस के माध्यम से दर्ज हुईं। निस्तारण सभी का कर दिया गया। जब फीडबैक लिया गया तो करीब 54 फीसदी यानी 32 पीड़ित निस्तारण से संतुष्ट नहीं थे। इसके चलते बीघापुर तहसील को 194वीं रैंक मिली। इसको लेकर शासन ने माना कि जिम्मेदार शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं।
तहसील हसनगंज-120वीं रैंक
तहसील क्षेत्र की 117 शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल पर पहुंची। निस्तारित सभी को दिखा दिया गया। कलक्ट्रेट सूत्रों के मुताबिक, फीडबैक में 40 फीसद शिकायतकर्ता असंतुष्ट रहे। फरियादियों को न्याय न दिला पाने पर तहसील प्रशासन को प्रदेश में 120वां स्थान मिला।
तहसील-सफीपुर-52वीं रैंक
आईजीआरएस पोर्टल पर तहसील क्षेत्र की 43 शिकायतें पहुंची। निस्तारण की रिपोर्ट में फीडबैक में करीब 20 फीसदी असंतुष्ट दिखे। इसी कारण तहसील सफीपुर को प्रदेश में 52वां स्थान हासिल हुआ। यहां भी फरियादी असंतुष्ट ज्यादा मिले। इसी कारण शासन से इनकी रैंकिंग तय की गई है।
पुरवा व बांगरमऊ को पहली रैंक
भले ही जिले की चार तहसीलों ने प्रशासन की किरकिरी कराई हो लेकिन पुरवा व बांगरमऊ के अधिकारियों द्वारा किए गए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से शाबाशी भी मिली है। पुरवा में 106 और बांगरमऊ में 34 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया। फीडबैक में सभी फरियादियों ने संतुष्टि जाहिर की। इस पर दोनों तहसीलों को संयुक्त रूप से पहली रैंक हासिल हुई है।
जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने कहा कि जिन तहसीलों के फरियादियों का असंतुष्ट प्रतिशत ज्यादा है, वहां के अधिकारियों को स्वयं निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि स्वयं मामलों को देखें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं। फरियादियों से स्वयं बात करें। भविष्य में यदि लापरवाही मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।