{"_id":"6a7e1d1f1c04808fd70802a8","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1024-155694-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म में 10 साल की जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म में 10 साल की जेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी रविप्रकाश साहू ने किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में मन्नू सविता को ़8 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मन्नू का साथ देने वाले बऊवा, मानस और विक्कू को भी तीन-तीन साल कैद की सजा मिली है। यह निर्णय बृहस्पतिवार को सुनाया गया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 15 फरवरी 2019 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था। उसने बताया कि 12 फरवरी 2019 की रात मसवासी गांव निवासी मन्नू सविता, मानस, बऊवा और विक्कू ने उसकी 15 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया था। गांव के लोगों ने आरोपियों को बेटी के साथ जाते देखा था। शाम को बऊवा और मानस के घर लौटने पर बेटी के बारे में पूछा तो इन लोगों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर किशोरी को खोजा और उसका मेडिकल परीक्षण कराया।
किशोरी ने न्यायालय में कलमबंद बयानों में मन्नू सविता पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उसने बऊवा, मानस और विक्कू पर अपहरण में शामिल होने की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
न्यायालय में दोष साबित होने पर न्यायाधीश ने मन्नू सविता को दुष्कर्म के लिए दस साल सश्रम कारावास दिया। उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। किशोरी के अपहरण में मन्नू का साथ देने के दोषी बऊवा, मानस और विक्कू को तीन-तीन साल सश्रम कारावास की सजा मिली। तीनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
फोन कर बचाने की लगाई थी गुहार
पीड़ित किशोरी की मां के मुताबिक छह और 30 मार्च को उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया था। बेटी ने दुष्कर्म करने और उसे चंगुल से बचाने की गुहार लगाई थी। हालांकि जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी।
विज्ञापन
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 15 फरवरी 2019 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था। उसने बताया कि 12 फरवरी 2019 की रात मसवासी गांव निवासी मन्नू सविता, मानस, बऊवा और विक्कू ने उसकी 15 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया था। गांव के लोगों ने आरोपियों को बेटी के साथ जाते देखा था। शाम को बऊवा और मानस के घर लौटने पर बेटी के बारे में पूछा तो इन लोगों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर किशोरी को खोजा और उसका मेडिकल परीक्षण कराया।
विज्ञापन
किशोरी ने न्यायालय में कलमबंद बयानों में मन्नू सविता पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उसने बऊवा, मानस और विक्कू पर अपहरण में शामिल होने की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
न्यायालय में दोष साबित होने पर न्यायाधीश ने मन्नू सविता को दुष्कर्म के लिए दस साल सश्रम कारावास दिया। उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। किशोरी के अपहरण में मन्नू का साथ देने के दोषी बऊवा, मानस और विक्कू को तीन-तीन साल सश्रम कारावास की सजा मिली। तीनों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
फोन कर बचाने की लगाई थी गुहार
पीड़ित किशोरी की मां के मुताबिक छह और 30 मार्च को उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया था। बेटी ने दुष्कर्म करने और उसे चंगुल से बचाने की गुहार लगाई थी। हालांकि जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी।