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Unnao News: शिव पार्वती विवाह की कथा सुनाई, भावविभोर हुए श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 04 May 2026 12:22 AM IST
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उन्नाव। पीडी नगर स्थित श्रीबाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर अटल उपवन में शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन शिव पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया गया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
संत विज्ञानानंद सरस्वती ने कहा शिव विवाह में देवता, ऋषि, यक्ष, गंधर्व के साथ-साथ भूत-प्रेत और पिशाच भी बरात में शामिल हुए, जिसे देखकर मैनाजी डर गई थीं लेकिन बाद में विष्णुजी की मध्यस्थता से विवाह हुआ। कहा कि यह विवाह शक्ति (पार्वती) और चेतना (शिव) का मिलन है, जो सृष्टि के संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक था। रणजीत सिंह भदौरिया, अरुणा भदौरिया, अमित दीक्षित, आशा दीक्षित, इंद्रमणि मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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रुक्मणी विवाह का सुनाया प्रसंग
परियर। जंगलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस में कथा व्यास रामप्रकाश मिश्र ने रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मणी माता लक्ष्मी का अवतार मानी जाती है वह कृष्ण को मन ही मन पति मान चुकी थीं लेकिन उनका भाई रुक्मी विवाह शिशुपाल से करना चाहता था। श्रीकृष्ण ने रुक्मणी के आग्रह पर उनका हरण कर द्वारका में विधि-विधान से विवाह किया। इस दौरान आयोजक बिट्टी तिवारी, प्रेमकांति, माया देवी पांडेय, रमेश, दिनेश, अशोक आदि श्रोता मौजूद रहे।
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रुक्मणी विवाह का सुनाया प्रसंग
परियर। जंगलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस में कथा व्यास रामप्रकाश मिश्र ने रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मणी माता लक्ष्मी का अवतार मानी जाती है वह कृष्ण को मन ही मन पति मान चुकी थीं लेकिन उनका भाई रुक्मी विवाह शिशुपाल से करना चाहता था। श्रीकृष्ण ने रुक्मणी के आग्रह पर उनका हरण कर द्वारका में विधि-विधान से विवाह किया। इस दौरान आयोजक बिट्टी तिवारी, प्रेमकांति, माया देवी पांडेय, रमेश, दिनेश, अशोक आदि श्रोता मौजूद रहे।
