फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   unnao news

Unnao News: अब पंचायत सचिवों के साथ ग्राम सचिवालय में बैठेंगे लेखपाल

Wed, 01 Jul 2026 01:19 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
unnao news
उन्नाव/पाटन। ग्राम सचिवालय (पंचायत भवन) में अब सचिवों के साथ लेखपाल भी बैठेंगे। अभी तक सचिवों (ग्राम पंचायत विकास अधिकारी) के ही सचिवालयों में बैठने की व्यवस्था थी, अब शासन ने लेखपालों को भी सचिवालय में बैठने के निर्देश दिए हैं। इसका फायदा ग्रामीणों को मिलेगा और उनको आय, जाति व निवास के लिए तहसीलों कार्यालयों की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
विज्ञापन




जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 1037 है। करीब तीन साल पहले प्रत्येक ग्रामसभा में ग्रामीणों को उनके गांव में ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से ग्राम सचिवालयों का निर्माण कराया गया था। उस समय पंचायत सचिवाें के साथ नियुक्त किए गए सहायकों को रोजाना यहां पर तय समय में बैठने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि लेखपालों के लिए गांवों में कहीं भी बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी। अब शासन ने लेखपालों के लिए सचिवालयों में बैठने के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन




एडीएम (वित्त व राजस्व) सुशील कुमार गोंड ने बताया कि राजस्व परिषद आयुक्त का पत्र आ गया है। अब लेखपालों के लिए भी सचिवालय में बैठने की व्यवस्था की गई है। पत्र के आधार पर सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे पंचायतों में लेखपालों के बैठने की व्यवस्था कराएं और उनकी उपस्थिति का रोस्टर निर्धारित करें। यह व्यवस्था बुधवार से लागू हो जाएगी। इस नई व्यवस्था से ग्रामीणों को गांव में ही सभी प्रकार की सुविधाएं मिल सकेंगी। एसडीएम बीघापुर रणवीर सिंह ने बताया कि सभी लेखपालों को इस संबंध में आदेश दे दिए गए हैं। जल्द ही धरातल पर इसके अनुपालन का सत्यापन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


30 युवतियां 15 दिन सीखेंगी जरदोजी की बारीकियां

फोटो-1



मियागंज स्थित कॉमन फैसिलिटी सेंटर में जरदोजी प्रशिक्षण का शुरू हुआ नया सत्र



संवाद न्यूज एजेंसी

सफीपुर। मियागंज में संचालित कॉमन फैसिलिटी सेंटर में 30 युवतियों को कढ़ाई (जरदोजी) के प्रशिक्षण के लिए नया सत्र शुरू हुआ है। 15 दिन की ट्रेनिंग के बाद युवतियों को रोजगार दिलाया जाएगा।



उद्योग केंद्र द्वारा मियागंज में बनाए गए कॉमन फैसिलिटी सेंटर में कढ़ाई का नया सत्र शुरू हुआ है। इसमें क्षेत्र के अलग-अलग गांवों की 30 युवतियों को साड़ी व अन्य कपड़ों में कढ़ाई यानी जरदोजी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र संचालक सरोजनी ने बताया कि प्रशिक्षण बैंक ऑफ इंडिया की मदद से शुरू कराया गया है। इसमें युवतियों को कढ़ाई की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद को बैंक के जरिए स्वरोजगार के लिए सहायता भी दिलाई जाएगी साथ ही सेंटर में भी काम उपलब्ध कराया जाएगा। बताया कि यदि अन्य युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहती हैं तो वह यहां आकर जानकारी कर सकती हैं।

सपा नेता ने फार्मेसी छात्र को दी आर्थिक सहायता

पाटन। सपा नेता अंकित सिंह परिहार ने बीरपुर निवासी फार्मेसी के छात्र हर्षवर्धन सिंह की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग किया। मंगलवार को छात्र की जमा की फीस की रसीद पिता संजय सिंह को सौंपते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंकित सिंह परिहार ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। समाज के सक्षम लोगों का दायित्व है कि पढ़ने वाले छात्रों का सहयोग करें। (संवाद)


12 साल से मरम्मत का इंतजार कर रहा जुगराजपुर-बसनोहा मार्ग

फोटो-5- जर्जर जुगराजपुर-बसनोहा मार्ग से निकलते बाइक सवार। संवाद



मार्ग पर हुए गड्ढों में हिचकोले खाकर सफर करने के लिए मजबूर हैं ग्रामीण



संवाद न्यूज एजेंसी

असोहा। पुरवा तहसील का जुगराजपुर-बसनोहा मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। गड्ढों में तब्दील इस मार्ग से करीब 10 हजार की आबादी आवागमन करती है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग इसकी मरम्मत नहीं करा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।



पुरवा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत डेला और बसनोहा को तहसील मुख्यालय सहित दही-मोहनलालगंज मार्ग से जोड़ने वाला दो किलोमीटर लंबा जुगराजपुर-बसनोहा मार्ग करीब 12 साल से खस्ताहाल है। सड़क से गिट्टी गायब होने से मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग इसकी मरम्मत नहीं करा रहा है। इस मार्ग से क्षेत्र की लगभग 10 हजार की आबादी आवागमन करती है। इनमें छात्र-छात्राओं के अलावा किसान शामिल हैं। सुनील यादव, कमलेश, दिनेश, पप्पू, सोनेला, अमित, राजू, शीलू, प्रदीप, योगेश, संदीप व राजेश राजेश आदि ग्रामीणों का कहना है कि हर साल लोक निर्माण निर्माण विभाग सड़कों को गड्ढा मुक्त करने पर लाखों रुपये का बजट खर्च करता है। इसके बावजूद मार्ग बदहाल है। जर्जर रास्ते से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।

इस संबंध में क्षेत्रीय जेई आनंद कुमार ने बताया कि पहले मार्ग में पैचवर्क कराया गया था, ताजा स्थिति की जानकारी नहीं है। जल्द ही सर्वे कराकर मरम्मत कराई जाएगी।

बाबा बर्फानी का दर्शन करने श्रद्धालुओं जत्था रवाना

फोटो-24- रेलवे स्टेशन पर मौजूद बाबा बर्फानी के दर्शन को निकले श्रद्धालु। संवाद



असोहा। मंगलवार को ब्लॉक की पंचायत मंगतखेड़ा, मझखोरिया व बैगांव से 17 सदस्यीय श्रद्धालुओं का जत्था बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुआ। मंगतखेड़ा और आसपास की पंचायतों से हर साल करीब 50 से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन को जाते हैं।

इस बार यात्रा पर रवाना हुए संदीप रावत, राकेश रावत, वीरेंद्र गौतम, पंकज सिंह, कुलदीप यादव, अमित चौधरी, संकठा साहू, दिलीप,अमित अवस्थी, राजा, शुभम, विमलेश साहू, पंकज त्रिवेदी, देवा सिंह आदि श्रद्धालुओं ने बताया कि वे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा कर हर वर्ष बाबा के दर्शन को जाते थे। इस बार ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन में पहले दो सप्ताह के लिए रजिस्ट्रेशन स्लाट श्राइन बोर्ड की खुलते ही बुक हो गए थे। इसलिए इस बार उन्हें जम्मू से ऑफ लाइन ऑन स्पाट रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। बाबा बर्फानी के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं का जत्था ट्रेन से जम्मू के लिए रवाना हुआ। (संवाद)

आम की बैगिंग तकनीक को कृषि मंत्री ने सराहा

फोटो-4- लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह को बैगिंग तकनीक से तैयार आम दिखाते प्रगतिशील किसान नीरज सिंह व वैज्ञानिक जय यादव। स्रोत: स्वयं



प्रगतिशील किसान नीरज सिंह व वैज्ञानिक डॉ. जय यादव हुए सम्मानित



संवाद न्यूज एजेंसी

हसनगंज। कृषि विज्ञान केंद्र धौरा की ओर से विकसित आम की बैगिंग तकनीक को लखनऊ में सराहा गया। फार्म एंड फूड कृषि सम्मान अवार्ड समारोह में इसकी खूब प्रशंसा हुई। कृषि मंत्री ने इस तकनीक के लिए किसान और वैज्ञानिक को सम्मानित भी किया।



कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मालवीय विद्यालय के प्रांगण में आयोजित समारोह में कहा कि यह तकनीक आम की गुणवत्ता बढ़ाती है। फलों को कीटों और रोगों से सुरक्षित रखती है। यह रासायनिक अवशेषों को भी कम करने में मदद करती है। किसानों को इस तकनीक से बेहतर बाजार मूल्य मिलता है। यह तकनीक अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है।


मोहान कस्बे के प्रगतिशील किसान नीरज कुमार सिंह अपने आम के बाग में इस तकनीक का सफलतापूर्वक प्रयोग कर रहे हैं। उनका यह नवाचार अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है। नीरज कुमार सिंह और कृषि वैज्ञानिक डॉ. जय यादव को सम्मानित किया गया। उन्हें स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed