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Unnao News: सावन...शंकर के भक्तों को परेशान करेंगे सड़कों के कंकड़
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फोटो-10-रामगोपाल पांडेय
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उन्नाव। सावन के महीने में शंकर के भक्तों को सड़कों के कंकड़ परेशान करेंगे। न तो शिव मंदिर जाने वाले रास्ते दुरुस्त कराए गए हैं और न ही गंगातट जाने वाली सड़कें। कहीं रास्ते गड्ढों में समा गए हैं तो कहीं पर बारिश से कीचड़ हो गया है। ऐसे में शिवभक्तों को इन्हीं मार्गों से होकर दर्शन और जलाभिषेक करने जाना होगा।
सावन माह 30 जुलाई से शुरू होगा, लेकिन शहर के मगरवारा में प्रसिद्ध गोकुलबाबा, बांगरमऊ का बुद्धेश्वर, परियर का बलखंडेश्वर सहित अन्य शिव मंदिरों को जाने वाले रास्ते बदहाल हैं। परियर गंगातट जाने वाला निर्माणाधीन मार्ग कांवड़ियों की मुश्किलें बढ़ाएगा। फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग को गंगा कटान के चलते बंद कर देने से यहां के लोगों को कानपुर के शिवराजपुर शिव मंदिर जाने के लिए 40 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
फोटो-5-मगरवारा के गोकुलबाबा जाने वाले मार्ग पर जलभराव व निकलते वाहन। संवाद
प्राचीन गोकुलबाबा मंदिर में जाने वाले रास्ते में गड्ढे
बांगरमऊ। शहर के पास मगरवारा में प्राचीन गोकुलबाबा मंदिर है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करते जाते हैं। सावन में इनकी संख्या दोगुनी हो जाती है। दो दिन बाद सावन शुरू होने जा रहा है। ऐसे में यहां पर हजारों भक्तों के पहुंचने की संभावना है लेकिन मंदिर जाने वाला खस्ताहाल है। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जो आस्थावानों की मुश्किलें बढ़ाएंगे।
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फोटो-6-बांगरमऊ के बाबा बोद्धेश्वर शिव मंदिर जाने वाला खस्ताहाल मार्ग। संवाद
मंदिर जाने वाले दोनों मार्ग जर्जर बांगरमऊ के पश्चिमी छोर पर स्थित बाबा बोद्धेश्वर शिव मंदिर सावन में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर में सावन के प्रत्येक सोमवार को भारी भीड़ होती है तथा विशाल मेला भी लगता है। इस मंदिर को जाने वाले दोनों मार्ग जर्जर हैं जिसके चलते श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शिकायत के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
फोटो-7-परियर गंगाघाट तक जाने वाले रास्ते पर पड़े पत्थर और अधूरा पड़ा काम। संवाद
डेढ़ साल से निर्माणाधीन परियर घाट मार्ग, श्रद्धालुओं को होगी दिक्कत
परियर। सदर तहसील क्षेत्र के परियर घाट पर सावन माह में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गंगा जल भरकर शिव मंदिरों के लिए जाते हैं। परियर-बिठूर मार्ग से गंगा तट जाने वाले रास्ते का निर्माण कार्य लगभग डेढ़ वर्ष से रुक-रुक कर चल रहा है। इसके निर्माण की समयावधि फरवरी में ही पूरी हो चुकी है लेकिन अब तक पूरा रास्ता बनकर तैयार नहीं हुआ है। पूरा रास्ता कीचड़, गड्ढों और निर्माण कार्य के लिए आए पत्थरों से अवरुद्ध है। 23 जुलाई को क्षेत्र में निरीक्षण करने आए डीएम घनश्याम मीणा ने काम पूरा न होने पर कड़ी नाराजगी जताई थी और चार दिनों में काम पूरा करने का निर्देश दिया था। काम न पूरा होने की स्थिति में फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए कहा था लेकिन जिलाधिकारी के अल्टीमेटम के पांचवें दिन तक ठेकेदार ने 10 मीटर भी काम पूरा नहीं किया। इससे गंगाजल के लिए तट तक जाने वाले कांवड़ियों को परेशानी होगी।
फोटो-8-कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर आवागमन रोकने के लिए बनी दीवार। संवाद
वैकल्पिक मार्ग बंद, शिव भक्तों को लगाना होगा 40 किमी चक्कर
फतेहपुर चौरासी। कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पिछले साल गंगा की बाढ़ में पुल के पास से कट गया था। स्थानीय लोगों को कानपुर के शिवराजपुर से सीधा संपर्क टूटने से हो रही समस्या को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने फरवरी में हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग चालू किया था। इधर गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से खतरे को देखते हुए डीएम के निर्देश पर 11 जुलाई को दीवार का निर्माण कराकर वैकल्पिक मार्ग कर दिया गया था। इस मार्ग से आवागमन बंद होने से सावन में शिवभक्तों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। मार्ग बंद होने से भक्तों को शिव का दर्शन करने के लिए करीब 40 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। कृष्ण प्रकाश मिश्र, कृपाशंकर अवस्थी, सुशील बाजपेई, आनंद कुमार, प्रिंस यादव आदि ने समस्या के समाधान की मांग की है।
लोगों की जुबानी
फोटो-9-जयशंकर दीक्षित
डेढ़ साल में आधा भी नहीं बन पाया मार्ग
परियर गंगा तट के तीर्थ पुरोहित जयशंकर दीक्षित ने कहा कि आषाढ़ पूर्णिमा व सावन माह में घाट पर लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करने आते हैं। डेढ़ साल से रास्ते का काम चल रहा है लेकिन अभी तक आधा रास्ता भी नहीं बन पाया है। श्रद्धालु को बहुत समस्या होती है।
फोटो-10-रामगोपाल पांडेय
बाबा खेरेश्वर के दर्शन के लिए लगाना पड़ेगा 40 किमी का चक्कर गोरीमऊ के पूर्व प्रधान रामगोपाल पांडेय ने कहा कि हर साल आषाढ़ पूर्णिमा और सावन के सोमवार को गंगा स्नान के साथ बाबा खेरेश्वर के दर्शन करते हैं। आवागमन बंद होने से अब 40 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा।
वर्जन.... गोकुलबाबा मंदिर जाने वाले मार्ग पर पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। इसी कारण जरा सी बारिश में पानी भर जाता है। सावन माह को देखते हुए मार्ग की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा अन्य मार्ग को भी दिखवाकर जो भी व्यवस्थाएं हो सकेंगी कराई जाएंगी।
- हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।
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सावन माह 30 जुलाई से शुरू होगा, लेकिन शहर के मगरवारा में प्रसिद्ध गोकुलबाबा, बांगरमऊ का बुद्धेश्वर, परियर का बलखंडेश्वर सहित अन्य शिव मंदिरों को जाने वाले रास्ते बदहाल हैं। परियर गंगातट जाने वाला निर्माणाधीन मार्ग कांवड़ियों की मुश्किलें बढ़ाएगा। फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग को गंगा कटान के चलते बंद कर देने से यहां के लोगों को कानपुर के शिवराजपुर शिव मंदिर जाने के लिए 40 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
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फोटो-5-मगरवारा के गोकुलबाबा जाने वाले मार्ग पर जलभराव व निकलते वाहन। संवाद
प्राचीन गोकुलबाबा मंदिर में जाने वाले रास्ते में गड्ढे
बांगरमऊ। शहर के पास मगरवारा में प्राचीन गोकुलबाबा मंदिर है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करते जाते हैं। सावन में इनकी संख्या दोगुनी हो जाती है। दो दिन बाद सावन शुरू होने जा रहा है। ऐसे में यहां पर हजारों भक्तों के पहुंचने की संभावना है लेकिन मंदिर जाने वाला खस्ताहाल है। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जो आस्थावानों की मुश्किलें बढ़ाएंगे।
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फोटो-6-बांगरमऊ के बाबा बोद्धेश्वर शिव मंदिर जाने वाला खस्ताहाल मार्ग। संवाद
मंदिर जाने वाले दोनों मार्ग जर्जर बांगरमऊ के पश्चिमी छोर पर स्थित बाबा बोद्धेश्वर शिव मंदिर सावन में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर में सावन के प्रत्येक सोमवार को भारी भीड़ होती है तथा विशाल मेला भी लगता है। इस मंदिर को जाने वाले दोनों मार्ग जर्जर हैं जिसके चलते श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शिकायत के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
फोटो-7-परियर गंगाघाट तक जाने वाले रास्ते पर पड़े पत्थर और अधूरा पड़ा काम। संवाद
डेढ़ साल से निर्माणाधीन परियर घाट मार्ग, श्रद्धालुओं को होगी दिक्कत
परियर। सदर तहसील क्षेत्र के परियर घाट पर सावन माह में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गंगा जल भरकर शिव मंदिरों के लिए जाते हैं। परियर-बिठूर मार्ग से गंगा तट जाने वाले रास्ते का निर्माण कार्य लगभग डेढ़ वर्ष से रुक-रुक कर चल रहा है। इसके निर्माण की समयावधि फरवरी में ही पूरी हो चुकी है लेकिन अब तक पूरा रास्ता बनकर तैयार नहीं हुआ है। पूरा रास्ता कीचड़, गड्ढों और निर्माण कार्य के लिए आए पत्थरों से अवरुद्ध है। 23 जुलाई को क्षेत्र में निरीक्षण करने आए डीएम घनश्याम मीणा ने काम पूरा न होने पर कड़ी नाराजगी जताई थी और चार दिनों में काम पूरा करने का निर्देश दिया था। काम न पूरा होने की स्थिति में फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए कहा था लेकिन जिलाधिकारी के अल्टीमेटम के पांचवें दिन तक ठेकेदार ने 10 मीटर भी काम पूरा नहीं किया। इससे गंगाजल के लिए तट तक जाने वाले कांवड़ियों को परेशानी होगी।
फोटो-8-कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर आवागमन रोकने के लिए बनी दीवार। संवाद
वैकल्पिक मार्ग बंद, शिव भक्तों को लगाना होगा 40 किमी चक्कर
फतेहपुर चौरासी। कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पिछले साल गंगा की बाढ़ में पुल के पास से कट गया था। स्थानीय लोगों को कानपुर के शिवराजपुर से सीधा संपर्क टूटने से हो रही समस्या को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने फरवरी में हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग चालू किया था। इधर गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से खतरे को देखते हुए डीएम के निर्देश पर 11 जुलाई को दीवार का निर्माण कराकर वैकल्पिक मार्ग कर दिया गया था। इस मार्ग से आवागमन बंद होने से सावन में शिवभक्तों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। मार्ग बंद होने से भक्तों को शिव का दर्शन करने के लिए करीब 40 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। कृष्ण प्रकाश मिश्र, कृपाशंकर अवस्थी, सुशील बाजपेई, आनंद कुमार, प्रिंस यादव आदि ने समस्या के समाधान की मांग की है।
लोगों की जुबानी
फोटो-9-जयशंकर दीक्षित
डेढ़ साल में आधा भी नहीं बन पाया मार्ग
परियर गंगा तट के तीर्थ पुरोहित जयशंकर दीक्षित ने कहा कि आषाढ़ पूर्णिमा व सावन माह में घाट पर लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करने आते हैं। डेढ़ साल से रास्ते का काम चल रहा है लेकिन अभी तक आधा रास्ता भी नहीं बन पाया है। श्रद्धालु को बहुत समस्या होती है।
फोटो-10-रामगोपाल पांडेय
बाबा खेरेश्वर के दर्शन के लिए लगाना पड़ेगा 40 किमी का चक्कर गोरीमऊ के पूर्व प्रधान रामगोपाल पांडेय ने कहा कि हर साल आषाढ़ पूर्णिमा और सावन के सोमवार को गंगा स्नान के साथ बाबा खेरेश्वर के दर्शन करते हैं। आवागमन बंद होने से अब 40 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा।
वर्जन.... गोकुलबाबा मंदिर जाने वाले मार्ग पर पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। इसी कारण जरा सी बारिश में पानी भर जाता है। सावन माह को देखते हुए मार्ग की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा अन्य मार्ग को भी दिखवाकर जो भी व्यवस्थाएं हो सकेंगी कराई जाएंगी।
- हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।

फोटो-10-रामगोपाल पांडेय

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