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Unnao News: शिक्षक सीख रहे जनगणना, स्कूलों पर लगा ताला
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फोटो-20- हसनगंज के आदमपुर भाषी स्कूल के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगी होने से लटकता ताला। संवाद
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उन्नाव। जनपद के करीब 75 फीसदी शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी लगा दी गई है। इससे स्कूलों की पढ़ाई बाधित हो गई है। कई स्कूलों के तो सभी शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगी है। इससे स्कूलों पर ताले लटक रहे हैं जबकि अन्य एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चे मिड-डे मील खाकर घर लौट जाते हैं।
जिले में 2709 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें लगभग 11,240 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। इनकी जनगणना प्रगणक और सुपरवाइजर के रूप में इनकी ड्यूटी ब्लॉक और तहसील स्तर से लगाई गई है। जनगणना में शिक्षकों की ड्यूटी लगाते समय बच्चों की पढ़ाई का ध्यान नहीं रखा गया है। हालत यह है कि पांच-छह शिक्षकों वाले स्कूलों में एक ही शिक्षक मौजूद है। कई स्कूलों में तो सभी शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई है। इससे स्कूल बंद हो गए हैं। एकल शिक्षक वाले स्कूलों में छात्र केवल मिड-डे मील खाकर लौट जाते हैं। पढ़ाई पूरी तरह से बाधित है।
इसके अलावा दिव्यांग और गर्भवती शिक्षिकाओं की भी ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। अधिकारियों का दावा है कि पास के स्कूलों से शिक्षक भेजकर संचालन कराया जा रहा है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। आरोप है कि बीआरसी स्तर पर कंप्यूटर ऑपरेटरों के माध्यम से ड्यूटी आवंटन में अनियमितताएं हुई हैं।
डीएम से किया है संशोधन का अनुरोध : बीएसए
बीएसए शैलेष पांडेय ने बताया कि जनगणना ड्यूटी में कुछ विसंगतियों पर जिलाधिकारी को पत्र भेजकर संशोधन करने का अनुरोध किया है। बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षण व्यवस्था बाधित न हो और किसी ऐसे शिक्षक की ड्यूटी न लगे जो सक्षम न हो। इसके लिए बीईओ से भी सूचना ली जा रही है।
कम ग्रेड वाले शिक्षकों को सुपरवाइजर और अधिक ग्रेड वालों को बना दिया प्रगणक
उत्तर प्रदेश जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने बताया कि शिक्षकों की प्रगणक और सुपरवाइजर की ड्यूटी में वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा गया। कई कम ग्रेड वेतन वाले शिक्षकों को सुपरवाइजर और अधिक ग्रेड वेतन वाले शिक्षकों को प्रगणक बनाया गया है। उन्होंने बीएसए को ज्ञापन देकर मांग की है कि शिक्षकों की ड्यूटी तैनाती स्थल के आसपास ही लगाई जाए। प्रधान और इंचार्ज शिक्षकों को इससे दूर रखा जाए ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
एकल विद्यालयों के शिक्षक की भी लगाई ड्यूटी
सुमेरपुर ब्लॉक क्षेत्र में 181 परिषदीय स्कूल हैं। सभी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना प्रशिक्षण में लगी है। इसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय चिकंदरपुर, यूपीएस रसूलपुर दरियाव , यूपीएस भदेवरा और यूपीएस कुंदनपुर में एक-एक शिक्षक की तैनाती है लेकिन उन्हें भी जनगणना का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीईओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि जहां एकल शिक्षक हैं और प्रशिक्षण में जा रहे हैं, उनके स्थान पर आसपास के स्कूलों के शिक्षकों को भेजा जा रहा है जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
शिक्षकों की ड्यूटी लगने से स्कूलों में लटकने लगे ताले
जनगणना प्रशिक्षण के चलते हसनगंज ब्लॉक के स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ब्लॉक क्षेत्र में तैनात 605 शिक्षकों में 407 की प्रशिक्षण में ड्यूटी लगी है। इनमें करसेमऊ प्राथमिक स्कूल में दो शिक्षक और एक शिक्षामित्र है, सभी की ड्यूटी लगी होने से स्कूल बंद है। यही हाल आदमपुर भाषी और मकदूमपुर चूरमा स्कूलों का है। सभी शिक्षकों के प्रशिक्षण में जाने से स्कूलों में ताले लग गए हैं। बीईओ दीपेश कुमार ने बताया कि दूसरे स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि पढ़ाई बाधित न हो।
फतेहपुर चौरासी ब्लॉक के शिक्षक संघ के अध्यक्ष रज्जू प्रसाद ने बताया कि प्राथमिक व कंपोजिट स्कूल फतेहपुर चौरासी, प्राथमिक विद्यालय फकीरेखेड़ा, प्राथमिक विद्यालय बरौकी, प्राथमिक स्कूल हुसैननगर पट्टी, प्राथमिक स्कूल सादखेड़ा, पीएस उगू फर्स्ट और पीएस शकूराबाद ऐसे स्कूल हैं जहां पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है। इसमें सादखेड़ा स्कूल में एकल शिक्षक है। अभी किसी तरह काम चल रहा है। जनगणना के दूसरे चरण में स्थिति और बिगड़ेगी।
दिव्यांग और गर्भवतियों की लगाई गई ड्यूटी
जनगणना प्रशिक्षण में नवाबगंज ब्लॉक के अचलीखेड़ा प्राथमिक स्कूल की सहायक शिक्षिका अनीता की भी ड्यूटी लगी है। वह गर्भवती हैं। उन्होंने सूचना भी दी लेकिन ड्यूटी लगाने में ध्यान नहीं रखा गया। वहीं कसंडा प्राथमिक स्कूल में चार शिक्षकों का स्टॉफ है। एक शिक्षक पहले से छुट्टी पर हैं। तीन शिक्षकों में एक दिव्यांग हैं, फिर भी उनकी ड्यूटी लगाई गई।
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जिले में 2709 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें लगभग 11,240 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। इनकी जनगणना प्रगणक और सुपरवाइजर के रूप में इनकी ड्यूटी ब्लॉक और तहसील स्तर से लगाई गई है। जनगणना में शिक्षकों की ड्यूटी लगाते समय बच्चों की पढ़ाई का ध्यान नहीं रखा गया है। हालत यह है कि पांच-छह शिक्षकों वाले स्कूलों में एक ही शिक्षक मौजूद है। कई स्कूलों में तो सभी शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई है। इससे स्कूल बंद हो गए हैं। एकल शिक्षक वाले स्कूलों में छात्र केवल मिड-डे मील खाकर लौट जाते हैं। पढ़ाई पूरी तरह से बाधित है।
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इसके अलावा दिव्यांग और गर्भवती शिक्षिकाओं की भी ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। अधिकारियों का दावा है कि पास के स्कूलों से शिक्षक भेजकर संचालन कराया जा रहा है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। आरोप है कि बीआरसी स्तर पर कंप्यूटर ऑपरेटरों के माध्यम से ड्यूटी आवंटन में अनियमितताएं हुई हैं।
डीएम से किया है संशोधन का अनुरोध : बीएसए
बीएसए शैलेष पांडेय ने बताया कि जनगणना ड्यूटी में कुछ विसंगतियों पर जिलाधिकारी को पत्र भेजकर संशोधन करने का अनुरोध किया है। बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षण व्यवस्था बाधित न हो और किसी ऐसे शिक्षक की ड्यूटी न लगे जो सक्षम न हो। इसके लिए बीईओ से भी सूचना ली जा रही है।
कम ग्रेड वाले शिक्षकों को सुपरवाइजर और अधिक ग्रेड वालों को बना दिया प्रगणक
उत्तर प्रदेश जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने बताया कि शिक्षकों की प्रगणक और सुपरवाइजर की ड्यूटी में वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा गया। कई कम ग्रेड वेतन वाले शिक्षकों को सुपरवाइजर और अधिक ग्रेड वेतन वाले शिक्षकों को प्रगणक बनाया गया है। उन्होंने बीएसए को ज्ञापन देकर मांग की है कि शिक्षकों की ड्यूटी तैनाती स्थल के आसपास ही लगाई जाए। प्रधान और इंचार्ज शिक्षकों को इससे दूर रखा जाए ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
एकल विद्यालयों के शिक्षक की भी लगाई ड्यूटी
सुमेरपुर ब्लॉक क्षेत्र में 181 परिषदीय स्कूल हैं। सभी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना प्रशिक्षण में लगी है। इसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय चिकंदरपुर, यूपीएस रसूलपुर दरियाव , यूपीएस भदेवरा और यूपीएस कुंदनपुर में एक-एक शिक्षक की तैनाती है लेकिन उन्हें भी जनगणना का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीईओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि जहां एकल शिक्षक हैं और प्रशिक्षण में जा रहे हैं, उनके स्थान पर आसपास के स्कूलों के शिक्षकों को भेजा जा रहा है जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
शिक्षकों की ड्यूटी लगने से स्कूलों में लटकने लगे ताले
जनगणना प्रशिक्षण के चलते हसनगंज ब्लॉक के स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ब्लॉक क्षेत्र में तैनात 605 शिक्षकों में 407 की प्रशिक्षण में ड्यूटी लगी है। इनमें करसेमऊ प्राथमिक स्कूल में दो शिक्षक और एक शिक्षामित्र है, सभी की ड्यूटी लगी होने से स्कूल बंद है। यही हाल आदमपुर भाषी और मकदूमपुर चूरमा स्कूलों का है। सभी शिक्षकों के प्रशिक्षण में जाने से स्कूलों में ताले लग गए हैं। बीईओ दीपेश कुमार ने बताया कि दूसरे स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि पढ़ाई बाधित न हो।
फतेहपुर चौरासी ब्लॉक के शिक्षक संघ के अध्यक्ष रज्जू प्रसाद ने बताया कि प्राथमिक व कंपोजिट स्कूल फतेहपुर चौरासी, प्राथमिक विद्यालय फकीरेखेड़ा, प्राथमिक विद्यालय बरौकी, प्राथमिक स्कूल हुसैननगर पट्टी, प्राथमिक स्कूल सादखेड़ा, पीएस उगू फर्स्ट और पीएस शकूराबाद ऐसे स्कूल हैं जहां पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है। इसमें सादखेड़ा स्कूल में एकल शिक्षक है। अभी किसी तरह काम चल रहा है। जनगणना के दूसरे चरण में स्थिति और बिगड़ेगी।
दिव्यांग और गर्भवतियों की लगाई गई ड्यूटी
जनगणना प्रशिक्षण में नवाबगंज ब्लॉक के अचलीखेड़ा प्राथमिक स्कूल की सहायक शिक्षिका अनीता की भी ड्यूटी लगी है। वह गर्भवती हैं। उन्होंने सूचना भी दी लेकिन ड्यूटी लगाने में ध्यान नहीं रखा गया। वहीं कसंडा प्राथमिक स्कूल में चार शिक्षकों का स्टॉफ है। एक शिक्षक पहले से छुट्टी पर हैं। तीन शिक्षकों में एक दिव्यांग हैं, फिर भी उनकी ड्यूटी लगाई गई।