{"_id":"6a0234351411127f570cc113","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-150266-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: अमेरिका-ईरान में फिर तनाव से उद्योग जगत में हलचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: अमेरिका-ईरान में फिर तनाव से उद्योग जगत में हलचल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध से पूरा खाड़ी क्षेत्र प्रभावित है। ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर बातचीत टूटने और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री की पेट्रोल बचाने, सोना न खरीदने जैसी अपील से उद्योग जगत में हलचल बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में 70 दिनों से बिगड़े हालात में उन्नाव के चमड़ा का निर्यात पचास प्रतिशत प्रभावित है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम को लेकर चल रही बातचीत एक बार फिर टूट गई है। वहीं दूसरी प्रधानमंत्री की तरफ से लोगों को बचत और सोना व अन्य खरीदारी नियंत्रित करने की अपील के बाद से उद्यमी ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध भड़कने की आशंका जता रहे हैं। चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान ने बताया कि पिछले दिनों केंद्र सरकार के 497 करोड़ के पैकेज और पेट्रो केमिकल से आयात शुल्क में सरकार ने उद्योगों को राहत दी लेकिन पश्चिम एशिया में लगातार तनाव बरकरार रहने से उन्नाव-कानपुर का चमड़ा निर्यात करीब पचास फीसदी व्यापार प्रभावित हुआ है, वहीं भविष्य को लेकर भी असमंजस बरकरार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि समुद्री रास्ते से यूरोपीय देशों में निर्यात में दिक्कतें आ रही हैं।
चर्म उत्पाद निर्यात करने वाले उद्यमी ताज आलम ने बताया कि यूरोपीय देशों में माल भेजने में लागत बढ़ी है। पहले यूरोपीय देशों में माल भेजने में 1100 से 1200 डॉलर था, वह अब 3500 डॉलर तक हो गया है। पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल से जुड़े उद्योग लगातार प्रभावित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम को लेकर चल रही बातचीत एक बार फिर टूट गई है। वहीं दूसरी प्रधानमंत्री की तरफ से लोगों को बचत और सोना व अन्य खरीदारी नियंत्रित करने की अपील के बाद से उद्यमी ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध भड़कने की आशंका जता रहे हैं। चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान ने बताया कि पिछले दिनों केंद्र सरकार के 497 करोड़ के पैकेज और पेट्रो केमिकल से आयात शुल्क में सरकार ने उद्योगों को राहत दी लेकिन पश्चिम एशिया में लगातार तनाव बरकरार रहने से उन्नाव-कानपुर का चमड़ा निर्यात करीब पचास फीसदी व्यापार प्रभावित हुआ है, वहीं भविष्य को लेकर भी असमंजस बरकरार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि समुद्री रास्ते से यूरोपीय देशों में निर्यात में दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
चर्म उत्पाद निर्यात करने वाले उद्यमी ताज आलम ने बताया कि यूरोपीय देशों में माल भेजने में लागत बढ़ी है। पहले यूरोपीय देशों में माल भेजने में 1100 से 1200 डॉलर था, वह अब 3500 डॉलर तक हो गया है। पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल से जुड़े उद्योग लगातार प्रभावित हैं।
विज्ञापन