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Unnao News: बारिश से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की कई जगह कटी मिट्टी
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फोटो-40-कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कांथा के पास कटी मिट्टी। संवाद
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उन्नाव। दो दिन हुई तेज बारिश से नवनिर्मित कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे में कई जगह और मिट्टी कट गई है। वहीं कई जगह पर किए गए पैचवर्क में उछाल से वाहन चालकों के लिए सफर उतना आरामदायक नहीं है, जितने दावे किए जा रहे हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को 13 जुलाई को लोकार्पण के बाद जनता के लिए खोल दिया गया था। महंगा टोल होने के बाद भी रोजाना औसतन पांच हजार वाहन सवार इसपर सफर कर रहे हैं लेकिन दो दिन में हुई बारिश से कई जगह खामियां सामने आने लगी हैं। असोहा ब्लॉक के कांथा, पटकापुर, सरैयां, जगेथा सहित कई और स्थानों पर मिट्टी कट गई है। इससे सेफ्टी वाल के लिए भी खतरा है।
वहीं पटकापुर और नेवरना सहित कई स्थानों पर की गई पैचिंग से सड़क में उछाल होने से लोगों वाहन सवारों को दिक्कत हो रही है। सोहरामऊ सहित अन्य स्थानों पर अंडरपास के दोनों तरफ सड़क पूरी तरह समतल न होने से वाहन चालक असहज महसूस कर रहे हैं। कई स्थानों पर टूटी फेंसिंग से जानवरों के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है। एक्सप्रेसवे के सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार कुंडू ने बताया कि, कोई भी एक्सप्रेस हो पहली बारिश में कुछ कमियां सामने आती हैं। जो भी कमियां आईं हैं उन्हें पूरी तरह ठीक कराया जा रहा है।
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बारिश के जल निकासी न होने से सोनिक टोल पर भरा पानी
सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक में बने टोल पर बारिश के पानी की सही जल निकासी की व्यवस्था न होने से पहली ही बारिश में जलभराव हो गया जिससे टोल कर्मचारियों को निकलने में दिक्कत हुई टोल मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि बारिश का पानी है धीरे-धीरे निकल जाएगा बाकी सड़क टूटने की बारिश की वजह से अभी तक कोई जानकारी नहीं है। (संवाद)
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को 13 जुलाई को लोकार्पण के बाद जनता के लिए खोल दिया गया था। महंगा टोल होने के बाद भी रोजाना औसतन पांच हजार वाहन सवार इसपर सफर कर रहे हैं लेकिन दो दिन में हुई बारिश से कई जगह खामियां सामने आने लगी हैं। असोहा ब्लॉक के कांथा, पटकापुर, सरैयां, जगेथा सहित कई और स्थानों पर मिट्टी कट गई है। इससे सेफ्टी वाल के लिए भी खतरा है।
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वहीं पटकापुर और नेवरना सहित कई स्थानों पर की गई पैचिंग से सड़क में उछाल होने से लोगों वाहन सवारों को दिक्कत हो रही है। सोहरामऊ सहित अन्य स्थानों पर अंडरपास के दोनों तरफ सड़क पूरी तरह समतल न होने से वाहन चालक असहज महसूस कर रहे हैं। कई स्थानों पर टूटी फेंसिंग से जानवरों के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है। एक्सप्रेसवे के सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार कुंडू ने बताया कि, कोई भी एक्सप्रेस हो पहली बारिश में कुछ कमियां सामने आती हैं। जो भी कमियां आईं हैं उन्हें पूरी तरह ठीक कराया जा रहा है।
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बारिश के जल निकासी न होने से सोनिक टोल पर भरा पानी
सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक में बने टोल पर बारिश के पानी की सही जल निकासी की व्यवस्था न होने से पहली ही बारिश में जलभराव हो गया जिससे टोल कर्मचारियों को निकलने में दिक्कत हुई टोल मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि बारिश का पानी है धीरे-धीरे निकल जाएगा बाकी सड़क टूटने की बारिश की वजह से अभी तक कोई जानकारी नहीं है। (संवाद)

फोटो-40-कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कांथा के पास कटी मिट्टी। संवाद