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Unnao News: फाइलों में हरियाली, धरती वृक्षों से खाली
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फोटो-16-देखभाल के अभाव में सूख गए शहर में गांधीनगर तिराहा के पास सड़क किनारे रोपे गए पौधे। संवा
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उन्नाव/सोनिक। जिले में हर साल लाखों पौधे रोपने के दावे किए जाते हैं लेकिन देखभाल न होने से ज्यादातर पौधे सूख जाते हैं। यही वजह है कि कागज पर तो हरियाली बढ़ रही है लेकिन धरती से पौधे लापता हैं। वर्ष 2012 से अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इसके बाद भी वन क्षेत्र में 14 साल में सिर्फ 234.84 हेक्टेयर का ही इजाफा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार 2012 में जिले में वन क्षेत्र 16409 हेक्टेयर था, जो बढ़कर 16643.84 हो पाया है।
वर्ष 2012 से शुरू हुए पौधरोपण में 2014 तक अकेले वन विभाग ने जिले में 1706239 पौधे रोपने का दावा किया। उस समय जिले में वन का क्षेत्रफल 16409 हेक्टेयर था। 2015 से वन के साथ अन्य विभागों ने संयुक्त रूप से पौधरोपण शुरू किया। 2015 से 2021 तक वन विभाग और अन्य विभागों ने 2.21 करोड़ से अधिक पौधे लगाए। इसमें वन विभाग ने 1.41 करोड़ और अन्य विभागों ने 79.25 लाख पौधे रोपने का दावा किया। 2022 से अब तक 3.18 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए।
पौधे लगाए पर सहेज नहीं पाए
पौधरोपण के समय नेताओं से लेकर अधिकारियों तक ने पौधों की देखभाल करने के दावे किए लेकिन इसके बाद भूल गए। यही वजह रही कि रोपे गए पौधे पेड़ नहीं बन सके। इनमें कुछ सूख गए तो मवेशियों का चारा बन गए।
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3.7 फीसदी है जिले का वन क्षेत्र
राष्ट्रीय वन नीति के तहत 33 फीसदी भूभाग वन क्षेत्र के आदर्श माना गया है। जिले का कुल क्षेत्रफल 4,55,800 हेक्टेयर है। इसमें वन का क्षेत्रफल 16643.84 हेक्टेयर है। यह कुल क्षेत्रफल का मात्र 3.7 फीसदी ही है।
वन विभाग के पौधरोपण के पांच साल के आंकड़े वर्ष-2022-2023 65,15,710
वर्ष-2022-2024 66,40,805
वर्ष-2024-2025 59,57,336
वर्ष-2025-2026 60,47,700
वर्ष-2026-2027 66,57,855
हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाने के लिए चला पेड़ों पर आरा
जिले में हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाने के लिए हजारों पेड़ों पर आरा चला। इनमें सबसे ज्यादा पेड़ उन्नाव-लालंगज (रायबरेली) हाईवे बनाने के लिए काटे गए। निर्माण एजेंसी ने वन विभाग से 12,426 पेड़ काटने की अनुमति ली। गंगा एक्सप्रेसवे बनाने मेंं बाधक बन रहे 1966 पेड़ काटने की अनुमति अब तक ली जा चुकी है। कानपुर-लखनऊ के बीच बने एक्सप्रेसवे के लिए 491 पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी।
वर्जन....
जिले में इस साल 66,51,300 पौधे लगाने का लक्ष्य था लेकिन लक्ष्य से 6555 पौधे ज्यादा लगाते हुए 66,57,855 पौधे लगाए गए हैं। वन विभाग केवल उसी क्षेत्र में पौधरोपण करता है जो वन क्षेत्र घोषित हैं। इस कारण वन के क्षेत्रफल में बढ़ोतरी नहीं बताई जा सकती। हर साल पौधे लगने से वन सघनता कई गुना बढ़ी है। -संदीप कुमार, एसडीओ वन विभाग।
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वर्ष 2012 से शुरू हुए पौधरोपण में 2014 तक अकेले वन विभाग ने जिले में 1706239 पौधे रोपने का दावा किया। उस समय जिले में वन का क्षेत्रफल 16409 हेक्टेयर था। 2015 से वन के साथ अन्य विभागों ने संयुक्त रूप से पौधरोपण शुरू किया। 2015 से 2021 तक वन विभाग और अन्य विभागों ने 2.21 करोड़ से अधिक पौधे लगाए। इसमें वन विभाग ने 1.41 करोड़ और अन्य विभागों ने 79.25 लाख पौधे रोपने का दावा किया। 2022 से अब तक 3.18 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए।
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पौधे लगाए पर सहेज नहीं पाए
पौधरोपण के समय नेताओं से लेकर अधिकारियों तक ने पौधों की देखभाल करने के दावे किए लेकिन इसके बाद भूल गए। यही वजह रही कि रोपे गए पौधे पेड़ नहीं बन सके। इनमें कुछ सूख गए तो मवेशियों का चारा बन गए।
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3.7 फीसदी है जिले का वन क्षेत्र
राष्ट्रीय वन नीति के तहत 33 फीसदी भूभाग वन क्षेत्र के आदर्श माना गया है। जिले का कुल क्षेत्रफल 4,55,800 हेक्टेयर है। इसमें वन का क्षेत्रफल 16643.84 हेक्टेयर है। यह कुल क्षेत्रफल का मात्र 3.7 फीसदी ही है।
वन विभाग के पौधरोपण के पांच साल के आंकड़े वर्ष-2022-2023 65,15,710
वर्ष-2022-2024 66,40,805
वर्ष-2024-2025 59,57,336
वर्ष-2025-2026 60,47,700
वर्ष-2026-2027 66,57,855
हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाने के लिए चला पेड़ों पर आरा
जिले में हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाने के लिए हजारों पेड़ों पर आरा चला। इनमें सबसे ज्यादा पेड़ उन्नाव-लालंगज (रायबरेली) हाईवे बनाने के लिए काटे गए। निर्माण एजेंसी ने वन विभाग से 12,426 पेड़ काटने की अनुमति ली। गंगा एक्सप्रेसवे बनाने मेंं बाधक बन रहे 1966 पेड़ काटने की अनुमति अब तक ली जा चुकी है। कानपुर-लखनऊ के बीच बने एक्सप्रेसवे के लिए 491 पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी।
वर्जन....
जिले में इस साल 66,51,300 पौधे लगाने का लक्ष्य था लेकिन लक्ष्य से 6555 पौधे ज्यादा लगाते हुए 66,57,855 पौधे लगाए गए हैं। वन विभाग केवल उसी क्षेत्र में पौधरोपण करता है जो वन क्षेत्र घोषित हैं। इस कारण वन के क्षेत्रफल में बढ़ोतरी नहीं बताई जा सकती। हर साल पौधे लगने से वन सघनता कई गुना बढ़ी है। -संदीप कुमार, एसडीओ वन विभाग।

फोटो-16-देखभाल के अभाव में सूख गए शहर में गांधीनगर तिराहा के पास सड़क किनारे रोपे गए पौधे। संवा