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Unnao News: पीतांबर नगर में हर मौसम में जलभराव, पांच हजार लोग परेशान
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फोटो-1- शहर के मोहल्ला पीतांबर नगर में भरे पानी से बच्चे को लेकर निकलतीं महिला। संवाद
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उन्नाव। मोहल्ला पीतांबर नगर में पूरे साल जलभराव की गंभीर समस्या रहती है। इससे करीब पांच हजार की आबादी को आवागमन में परेशानी होती है। सड़क पर गड्ढे और ईंटें पानी में न दिखने से दो पहिया वाहन सवार अक्सर गिर जाते हैं। पास के स्कूल के बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी होती है।
पीतांबर नगर मोहल्ला शहर के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी निचले क्षेत्र में स्थित है। यहां जलनिकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। वार्ड की 50 से अधिक नालियों का ढाल इसी निचले स्थान की ओर है।
10 साल पहले तक यहां घनी बस्ती नहीं थी जिससे पानी खाली जगहों पर भरता था। अब मकान बन जाने से जलनिकासी की समस्या और बढ़ गई है। नालियों का पानी नाले तक नहीं पहुंच पाता है।
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जलभराव अधिक होने पर नगर पालिका सीवरेज टैंकर या पंपसेट की मदद से पानी निकलवाती है।
समस्या के स्थायी समाधान के लिए पालिका ने 14 लाख रुपये की लागत से संपवेल (भूमिगत टंकी) बनाने को मंजूरी दी थी। नगर पालिका अधिकारियों का दावा है कि संपवेल का निर्माण हो चुका है। इसके साथ ही हाईवे किनारे के नाले तक 400 मीटर पाइप लाइन भी डाली गई है।
हालांकि, एक साल बाद भी संवेल का काम पूरी तरह से खत्म नहीं हो सका है। पूरे वार्ड की 50 से अधिक नालियों का पानी एक ही जगह संपवेल तक पहुंचता है। इस संपवेल में 12.5 एचपी की मोटर लगाई गई है। अधिकारियों का दावा है कि यह प्रतिदिन चार एमएलडी तक पानी निकालने में सक्षम है। बारिश के दिनों में पांच से छह एमएलडी पानी निकालने की व्यवस्था की जाएगी।
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पीतांबर नगर मोहल्ला शहर के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी निचले क्षेत्र में स्थित है। यहां जलनिकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। वार्ड की 50 से अधिक नालियों का ढाल इसी निचले स्थान की ओर है।
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10 साल पहले तक यहां घनी बस्ती नहीं थी जिससे पानी खाली जगहों पर भरता था। अब मकान बन जाने से जलनिकासी की समस्या और बढ़ गई है। नालियों का पानी नाले तक नहीं पहुंच पाता है।
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जलभराव अधिक होने पर नगर पालिका सीवरेज टैंकर या पंपसेट की मदद से पानी निकलवाती है।
समस्या के स्थायी समाधान के लिए पालिका ने 14 लाख रुपये की लागत से संपवेल (भूमिगत टंकी) बनाने को मंजूरी दी थी। नगर पालिका अधिकारियों का दावा है कि संपवेल का निर्माण हो चुका है। इसके साथ ही हाईवे किनारे के नाले तक 400 मीटर पाइप लाइन भी डाली गई है।
हालांकि, एक साल बाद भी संवेल का काम पूरी तरह से खत्म नहीं हो सका है। पूरे वार्ड की 50 से अधिक नालियों का पानी एक ही जगह संपवेल तक पहुंचता है। इस संपवेल में 12.5 एचपी की मोटर लगाई गई है। अधिकारियों का दावा है कि यह प्रतिदिन चार एमएलडी तक पानी निकालने में सक्षम है। बारिश के दिनों में पांच से छह एमएलडी पानी निकालने की व्यवस्था की जाएगी।

फोटो-1- शहर के मोहल्ला पीतांबर नगर में भरे पानी से बच्चे को लेकर निकलतीं महिला। संवाद