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Unnao News: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की चार दिन में दूसरी बार धंसी सड़क
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फोटो-24- एक्सप्रेसवे की सड़क का वह हिस्सा जहां से गायब हुई डामर की परत। स्रोत: पाठक
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उन्नाव। लोकार्पण के 17 दिन में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की दूसरी बार बुधवार को सड़क धंस गई। इसके अलावा कई जगह-जगह डामर-गिट्टी की ऊपरी परत उखड़ गई।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का 13 जुलाई को लोकार्पण हुआ था। 17 दिन के अंतराल में कई दिन हुई हल्की बारिश में सड़क कई जगह धंस गई। इसके अलावा तमाम स्थानों पर डामर-गिट्टी की ऊपरी परत उखड़ने लगी है। रविवार को कोरारी (किलोमीटर संख्या 64.4) के पास सड़क धंसने की घटना के चौथे दिन ही असोहा ब्लॉक के बेगमखेड़ा (किलोमीटर संख्या 30.9) के पास करीब 10 मीटर दायरे में सड़क कई जगह धंस गई। कई जगह ऊपरी परत उखड़ गई है। इस जगह मंगलवार की रात से वाहन सवारों को परेशानी होने लगी थी। बुधवार की सुबह और बढ़ी तो पेट्रोलिंग टीमों ने बैरियर लगाकर कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन के यातायात को डायवर्ट किया। इसके बाद सड़क की मरम्मत कराई। निर्माण एजेंसी पीएनसी के कर्मचारियों के अनुसार बुधवार की देर रात या बृहस्पतिवार दोपहर तक मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा। करीब 20 मीटर के दायरे में यातायात को एक लेन से निकाला जा रहा है
एक्सप्रेसवे 20 से 25 मीटर की ऊंचाई पर बनते हैं। इन्हें बनाने के लिए बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी की भराव की जाती है। पहली बारिश में मिट्टी बैठने से इस तरह की समस्या आती है। इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। पेट्रोलिंग टीमों को सड़क की स्थिति पर भी नजर रखने के लिए कहा गया है। जहां कहीं भी सुधार की जरूरत होती है। उसे कराया जा रहा है। कोरारी के बाद बेगमखेड़ा के पास कुछ स्थानों पर सड़क उखड़ी और दबी है। उसे तत्काल ठीक कराया जा रहा है। कई बार साइड वाॅल के पास से पानी जाने से ऊपरी परत उखड़ती है। -विजय एस कुंडू, प्रोजेक्ट मैनेजर पीएनसी।
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का 13 जुलाई को लोकार्पण हुआ था। 17 दिन के अंतराल में कई दिन हुई हल्की बारिश में सड़क कई जगह धंस गई। इसके अलावा तमाम स्थानों पर डामर-गिट्टी की ऊपरी परत उखड़ने लगी है। रविवार को कोरारी (किलोमीटर संख्या 64.4) के पास सड़क धंसने की घटना के चौथे दिन ही असोहा ब्लॉक के बेगमखेड़ा (किलोमीटर संख्या 30.9) के पास करीब 10 मीटर दायरे में सड़क कई जगह धंस गई। कई जगह ऊपरी परत उखड़ गई है। इस जगह मंगलवार की रात से वाहन सवारों को परेशानी होने लगी थी। बुधवार की सुबह और बढ़ी तो पेट्रोलिंग टीमों ने बैरियर लगाकर कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन के यातायात को डायवर्ट किया। इसके बाद सड़क की मरम्मत कराई। निर्माण एजेंसी पीएनसी के कर्मचारियों के अनुसार बुधवार की देर रात या बृहस्पतिवार दोपहर तक मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा। करीब 20 मीटर के दायरे में यातायात को एक लेन से निकाला जा रहा है
एक्सप्रेसवे 20 से 25 मीटर की ऊंचाई पर बनते हैं। इन्हें बनाने के लिए बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी की भराव की जाती है। पहली बारिश में मिट्टी बैठने से इस तरह की समस्या आती है। इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। पेट्रोलिंग टीमों को सड़क की स्थिति पर भी नजर रखने के लिए कहा गया है। जहां कहीं भी सुधार की जरूरत होती है। उसे कराया जा रहा है। कोरारी के बाद बेगमखेड़ा के पास कुछ स्थानों पर सड़क उखड़ी और दबी है। उसे तत्काल ठीक कराया जा रहा है। कई बार साइड वाॅल के पास से पानी जाने से ऊपरी परत उखड़ती है। -विजय एस कुंडू, प्रोजेक्ट मैनेजर पीएनसी।

फोटो-24- एक्सप्रेसवे की सड़क का वह हिस्सा जहां से गायब हुई डामर की परत। स्रोत: पाठक

फोटो-24- एक्सप्रेसवे की सड़क का वह हिस्सा जहां से गायब हुई डामर की परत। स्रोत: पाठक
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