{"_id":"6a74e135107abe8b510e8f4d","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-155216-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: गंगा का पानी बढ़ने की रफ्तार धीमी पर खतरा बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: गंगा का पानी बढ़ने की रफ्तार धीमी पर खतरा बढ़ा
विज्ञापन
फोटो-25-बांगरमऊ के गदनपुर आहार गांव के बाहर लगा पानी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव/बांगरमऊ। पिछले 24 घंटे में तीन सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर बढ़ा है। हालांकि पानी बढ़ने की रफ्तार कम हुई है लेकिन गंगा कटरी के क्षेत्र के गांवों में खतरा कम नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे जलस्तर 112.04 मीटर से बढ़कर 112.07 मीटर पर पहुंच गया। पानी परियर के बाद अब बांगरमऊ क्षेत्र में भी बढ़ने लगा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखकर गदनपुर आहार, मल्लाहनपुरवा, नयापुरवा, हरिगंज, कुंशी समेत आसपास के कई गांवों के किसान संभावित बाढ़ की आशंका से सहमे हैं। हर वर्ष गंगा के उफान से कटरी क्षेत्र की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है। रामलाल, राधेश्याम, ठाकुर प्रसाद, गोविंद नारायण, रामपाल आदि किसानों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ते ही सबसे पहले निचले इलाकों के खेत प्रभावित होते हैं। खेतों में खड़ी धान, मक्का, बाजरा व अन्य मौसमी फसलें डूबकर पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। इसके अलावा पशुओं का हरा चारा भी बाढ़ की भेंट चढ़ जाता है। पशुपालकों को चारे की व्यवस्था करने में काफी परेशानी होती है और महंगे दामों पर चारा खरीदना पड़ता है। किसानों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले कुछ दिनों में निचले क्षेत्रों की फसलें खतरे की जद में आ सकती हैं।
बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने के निर्देश बीघापुर। लगातार गंगा के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर उप जिलाधिकारी आनंद कुमार नायक ने गंगा व पांडु नदी के बीच बसे लालखेड़ा व दूलीखेड़ा गांव में जाकर राजस्व टीम को सतर्क रहने के निर्देश दिए। बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है लेकिन अभी किसी गांव में पानी नहीं पहुंचा है। यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो तराई में बसे मजरों में पानी आ सकता है। उन्होंने बताया कि राजस्व टीम, स्वास्थ्य विभाग तथा राशन विभाग को सतर्क रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बच्चों को बाढ़ प्रभावित इलाके में संचालित विद्यालयों से दूसरी जगह संचालित स्कूलों में शिफ्ट करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखकर गदनपुर आहार, मल्लाहनपुरवा, नयापुरवा, हरिगंज, कुंशी समेत आसपास के कई गांवों के किसान संभावित बाढ़ की आशंका से सहमे हैं। हर वर्ष गंगा के उफान से कटरी क्षेत्र की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है। रामलाल, राधेश्याम, ठाकुर प्रसाद, गोविंद नारायण, रामपाल आदि किसानों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ते ही सबसे पहले निचले इलाकों के खेत प्रभावित होते हैं। खेतों में खड़ी धान, मक्का, बाजरा व अन्य मौसमी फसलें डूबकर पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। इसके अलावा पशुओं का हरा चारा भी बाढ़ की भेंट चढ़ जाता है। पशुपालकों को चारे की व्यवस्था करने में काफी परेशानी होती है और महंगे दामों पर चारा खरीदना पड़ता है। किसानों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले कुछ दिनों में निचले क्षेत्रों की फसलें खतरे की जद में आ सकती हैं।
विज्ञापन
बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने के निर्देश बीघापुर। लगातार गंगा के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर उप जिलाधिकारी आनंद कुमार नायक ने गंगा व पांडु नदी के बीच बसे लालखेड़ा व दूलीखेड़ा गांव में जाकर राजस्व टीम को सतर्क रहने के निर्देश दिए। बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है लेकिन अभी किसी गांव में पानी नहीं पहुंचा है। यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो तराई में बसे मजरों में पानी आ सकता है। उन्होंने बताया कि राजस्व टीम, स्वास्थ्य विभाग तथा राशन विभाग को सतर्क रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बच्चों को बाढ़ प्रभावित इलाके में संचालित विद्यालयों से दूसरी जगह संचालित स्कूलों में शिफ्ट करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

फोटो-25-बांगरमऊ के गदनपुर आहार गांव के बाहर लगा पानी। संवाद
विज्ञापन