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Unnao News: बुखार मरीजों की होगी डेंगू की जांच
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उन्नाव। डेंगू के तीन मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने बुखार से पीड़ित मरीजों की डेंगू जांच अनिवार्य कर दी है। सैंपलिंग से रिपोर्ट आने तक की प्रक्रिया तेज कर दी है।
मंगलवार को तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुखार और संभावित लक्षणों वाले मरीजों की मैक एलाइजा जांच अनिवार्य कर दी है। किसी भी प्राइवेट लैब, अस्पताल या क्लीनिक में एलाइजा किट के अलावा अन्य तरीके से कराई गई जांच अवैध नहीं मानी जाएगी। सैंपल जिला अस्पताल और मान्यता प्राप्त लैबों में भेजे जा रहे हैं। आमतौर पर छह से 24 घंटे के भीतर आ जाती है। रैपिड टेस्ट किट से 20-30 मिनट में प्रारंभिक नतीजे मिल सकते हैं लेकिन पक्की पुष्टि एलाइजा से ही होगी।
एलाइजा में डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि होने पर सभी निजी लैब को 24 घंटे के अंदर इसकी जानकारी सीएमओ ऑफिस में देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डेंगू मरीजों को उपचार देने के लिए जिला अस्पताल में छह बेड का डेडिकेटेड वार्ड भी बनाया गया है।
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हाईरिस्क 106 एरिया में चलेंगे विशेष अभियान
शहर और शुक्लागंज में 106 हाईरिस्क एरिया चिह्नित किए गए हैं जहां वेक्टरजनित बीमारियों का खतरा अधिक है। इनमें कृष्णानगर, कल्याणी, शांतिनगर, पथरकटा काॅलोनी, एबीनगर, लोकनगर, बंदूहार, कासिमनगर, आवास विकास काॅलोनी, दरोगाबाग, मौहारीबाग, इंदिरानगर, पीतांबर नगर, जेल कालोनी, गांधीनगर, वृंदावन कालोनी, इब्राहिमबाग और गंगाघाट के ऋषिनगर, शक्तिनगर, मरहला चौराहा, गांधीनगर, श्रीनगर, झंडा चौराहा आदि शामिल हैं। इन मोहल्लों में विशेष अभियान चलाकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
बचाव की सलाह
सीएमओ डॉ. अजय शर्मा के अनुसार, जलभराव से मच्छरों का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी जरूरी है। रुके हुए पानी में मच्छर पनपते हैं, इसलिए ध्यान दें कि कहीं भी पानी एकत्रित न होने दें। घरों की छत पर टायर, गमला और अन्य चीजों में बारिश का पानी जमा न होने दें। कूलर का प्रयोग न होने पर उसका पानी निकाल दें। नाली व अन्य स्थानों पर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराते रहें। खिड़कियों पर जाली लगाएं, कहीं पानी इकट्ठा है तो उसमें जला मोबिल ऑयल डाल दें। मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें और पूरी बांह के कपड़े पहनें।
छह साल में डेंगू के आंकड़े
वर्ष पीड़ितों की संख्या
2019 167
2020 102
2021 106
2022 223
2023 301
2024 136
2025 112
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मंगलवार को तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुखार और संभावित लक्षणों वाले मरीजों की मैक एलाइजा जांच अनिवार्य कर दी है। किसी भी प्राइवेट लैब, अस्पताल या क्लीनिक में एलाइजा किट के अलावा अन्य तरीके से कराई गई जांच अवैध नहीं मानी जाएगी। सैंपल जिला अस्पताल और मान्यता प्राप्त लैबों में भेजे जा रहे हैं। आमतौर पर छह से 24 घंटे के भीतर आ जाती है। रैपिड टेस्ट किट से 20-30 मिनट में प्रारंभिक नतीजे मिल सकते हैं लेकिन पक्की पुष्टि एलाइजा से ही होगी।
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एलाइजा में डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि होने पर सभी निजी लैब को 24 घंटे के अंदर इसकी जानकारी सीएमओ ऑफिस में देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डेंगू मरीजों को उपचार देने के लिए जिला अस्पताल में छह बेड का डेडिकेटेड वार्ड भी बनाया गया है।
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हाईरिस्क 106 एरिया में चलेंगे विशेष अभियान
शहर और शुक्लागंज में 106 हाईरिस्क एरिया चिह्नित किए गए हैं जहां वेक्टरजनित बीमारियों का खतरा अधिक है। इनमें कृष्णानगर, कल्याणी, शांतिनगर, पथरकटा काॅलोनी, एबीनगर, लोकनगर, बंदूहार, कासिमनगर, आवास विकास काॅलोनी, दरोगाबाग, मौहारीबाग, इंदिरानगर, पीतांबर नगर, जेल कालोनी, गांधीनगर, वृंदावन कालोनी, इब्राहिमबाग और गंगाघाट के ऋषिनगर, शक्तिनगर, मरहला चौराहा, गांधीनगर, श्रीनगर, झंडा चौराहा आदि शामिल हैं। इन मोहल्लों में विशेष अभियान चलाकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
बचाव की सलाह
सीएमओ डॉ. अजय शर्मा के अनुसार, जलभराव से मच्छरों का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी जरूरी है। रुके हुए पानी में मच्छर पनपते हैं, इसलिए ध्यान दें कि कहीं भी पानी एकत्रित न होने दें। घरों की छत पर टायर, गमला और अन्य चीजों में बारिश का पानी जमा न होने दें। कूलर का प्रयोग न होने पर उसका पानी निकाल दें। नाली व अन्य स्थानों पर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराते रहें। खिड़कियों पर जाली लगाएं, कहीं पानी इकट्ठा है तो उसमें जला मोबिल ऑयल डाल दें। मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें और पूरी बांह के कपड़े पहनें।
छह साल में डेंगू के आंकड़े
वर्ष पीड़ितों की संख्या
2019 167
2020 102
2021 106
2022 223
2023 301
2024 136
2025 112