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Unnao News: नहर में आया पानी, निर्माणाधीन पुलिया का वैकल्पिक रास्ता बहा
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फोटो-21-उन्नाव-हरदोई मार्ग पर दोस्तीनगर में निर्माणाधीन पुलिया का वैकल्पिक मार्ग कट जाने से खड़
- फोटो : 1
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चकलवंशी (उन्नाव)। हरदोई-उन्नाव मार्ग पर दोस्तीनगर में शारदा नहर पर निर्माणाधीन पुलिया के लिए बनाया गया वैकल्पिक रास्ता पानी आने से बह गया। इससे हरदोई-उन्नाव राज्यमार्ग बंद हो गया और वाहन सवारों की मुश्किलें बढ़ गईं। आनन-फानन प्रशासन ने वाहनों को चकलवंशी चौराहे पर रोककर डायवर्ट कराया। इससे वाहन सवारों को 25 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा। वैकल्पिक रास्ते के बह जाने को लेकर नहर व लोक निर्माण विभाग आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे की कमियां बताकर जिम्मेदारी डालते रहे। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद नहर में पानी बंद कराकर वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त कराने की कवायद शुरू की गई।
पीडब्ल्यूडी ने छह अप्रैल से दोस्तीनगर में शारदा नहर पर 1.93 करोड़ से 25 मीटर लंबी व 12 मीटर चौड़ी पुलिया का निर्माण शुरू कराया था। नहर में पानी न होने से लोक निर्माण विभाग ने नहर में एक तरफ एक मीटर के पाइप डालकर वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कराया था। दूसरी ओर बिना पाइप डाले पुरानी पुलिया का मलबा डालकर रास्ता बना दिया था। इसके जरिए वाहनों का आवागमन हो रहा था। मंगलवार को नहर में पानी आ गया। तेज बहाव से एक तरफ पाइप के ऊपर से पानी बहने लगा और दूसरी ओर पड़ा मलबा पानी में बह गया। इससे वैकल्पिक मार्ग भी पानी में बह गया और हरदोई-उन्नाव राज्यमार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया।
सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अफसरों को जानकारी देकर वाहनों का रूट डायवर्जन कराने की मांग की। अधिकारियों ने आनन-फानन चकलवंशी चौराहे से वाहन रोक दिए और करोवन की तरफ मोड़ दिया। नहर विभाग से बात करके माखी कोठी से पानी बंद कराया गया। इसके बाद वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया।
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इंसेट-1
ठेकेदार ने बरती लापरवाही, दो मीटर की जगह मात्र एक मीटर के पाइप डाले
जानकारों के मुताबिक ठेकेदार ने वैकल्पिक मार्ग बनाने में लापरवाही बरती। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने भी ठेकेदार को मौन सहमति दे रखी थी। इसी कारण मुख्य नहर में वैकल्पिक मार्ग निर्माण में मात्र एक मीटर के पाइप ही डाले, जबकि नियमानुसार दो मीटर के पाइप डाले जाने चाहिए था। शारदा मुख्य नहर है और उसमें पानी का बहाव तेज होता है।
इंसेट-2
मात्र 550 क्यूसेक पानी छोड़ने से ढहा वैकल्पिक मार्ग
नहर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शारदा नहर की क्षमता एक हजार क्यूसेक पानी की है। अभी पानी मात्र 550 क्यूसेक ही छोड़ा गया। यदि पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जाता तो स्थितियां और विकराल हो जातीं।
इंसेट-3
कई जनपदों के लिए इसी मार्ग से निकलते हैं वाहन
हरदोई-उन्नाव मार्ग के जरिए रायबरेली, प्रयागराज आदि जनपदों को वाहन निकलते हैं। यही नहीं बांगरमऊ होते हुए इसी मार्ग से दिल्ली भी जाते हैं। यह यातायात की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण मार्ग है। जब दोस्ती नगर निर्माणाधीन पुलिया से आवागमन बंद हुआ तो पुलिस ने चकलवंशी चौराहे से वाहनों का डायवर्जन किया। उन्नाव की ओर जाने वाले वाहनों को परियर से करोवन होते हुए निकाला गया। इससे करीब 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा। भूमेश्वर-सरोसी मार्ग से सैकड़ों वाहनों को निकाला गया। उन्नाव से भारी वाहनों को बंद किया गया। छोटे वाहन पूरा निस्फपंसारी, पटियारा, भतावां होते हुए रऊकरना गांव की गलियों से निकलने को मजबूर रहे। संकरे रास्तों में लोग जाम से जूझते रहे।
अफसरों ने एक-दूसरे पर फोड़ा ठीकरापीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के एक्सईएन सुबोध कुमार का कहना है कि अभी नहर में पानी आने का कोई समय नहीं है। फिर भी पानी आया लेकिन विभाग की ओर से इसकी जानकारी नहीं दी गई। इससे परेशानी हुई। ठेकेदार ने पाइप डाले थे लेकिन बहाव तेज होने और पाइप में कूड़ा फंसने से पानी निकल नहीं पाया और ओवरफ्लो होकर वैकल्पिक मार्ग को बहा ले गया। पानी बंद कराकर नए सिरे से मार्ग का निर्माण शुरू करा दिया गया है।
उधर, नहर विभाग के एक्सईएन गगन शुक्ला का कहना है कि नहर में पानी आने की सूचना दो-तीन दिन पहले दे दी गई थी। मुख्यमंत्री ने तालाबों को भरवाने के लिए नहर में पानी छोड़ने के निर्देश दिए थे। वैसे भी मई में नहर में पानी आने का विभागीय रोस्टर भी है। शारदा मुख्य नहर है। इसलिए बनाए गए वैकल्पिक मार्ग में दो मीटर के चार पाइप डाले जाने चाहिए थे। जो नहीं किए गए। पीडब्ल्यूडी ने काम शुरू करने से पहले नहर विभाग से एनओसी भी नहीं ली है। जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
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पीडब्ल्यूडी ने छह अप्रैल से दोस्तीनगर में शारदा नहर पर 1.93 करोड़ से 25 मीटर लंबी व 12 मीटर चौड़ी पुलिया का निर्माण शुरू कराया था। नहर में पानी न होने से लोक निर्माण विभाग ने नहर में एक तरफ एक मीटर के पाइप डालकर वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कराया था। दूसरी ओर बिना पाइप डाले पुरानी पुलिया का मलबा डालकर रास्ता बना दिया था। इसके जरिए वाहनों का आवागमन हो रहा था। मंगलवार को नहर में पानी आ गया। तेज बहाव से एक तरफ पाइप के ऊपर से पानी बहने लगा और दूसरी ओर पड़ा मलबा पानी में बह गया। इससे वैकल्पिक मार्ग भी पानी में बह गया और हरदोई-उन्नाव राज्यमार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया।
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सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अफसरों को जानकारी देकर वाहनों का रूट डायवर्जन कराने की मांग की। अधिकारियों ने आनन-फानन चकलवंशी चौराहे से वाहन रोक दिए और करोवन की तरफ मोड़ दिया। नहर विभाग से बात करके माखी कोठी से पानी बंद कराया गया। इसके बाद वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया।
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इंसेट-1
ठेकेदार ने बरती लापरवाही, दो मीटर की जगह मात्र एक मीटर के पाइप डाले
जानकारों के मुताबिक ठेकेदार ने वैकल्पिक मार्ग बनाने में लापरवाही बरती। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने भी ठेकेदार को मौन सहमति दे रखी थी। इसी कारण मुख्य नहर में वैकल्पिक मार्ग निर्माण में मात्र एक मीटर के पाइप ही डाले, जबकि नियमानुसार दो मीटर के पाइप डाले जाने चाहिए था। शारदा मुख्य नहर है और उसमें पानी का बहाव तेज होता है।
इंसेट-2
मात्र 550 क्यूसेक पानी छोड़ने से ढहा वैकल्पिक मार्ग
नहर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शारदा नहर की क्षमता एक हजार क्यूसेक पानी की है। अभी पानी मात्र 550 क्यूसेक ही छोड़ा गया। यदि पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जाता तो स्थितियां और विकराल हो जातीं।
इंसेट-3
कई जनपदों के लिए इसी मार्ग से निकलते हैं वाहन
हरदोई-उन्नाव मार्ग के जरिए रायबरेली, प्रयागराज आदि जनपदों को वाहन निकलते हैं। यही नहीं बांगरमऊ होते हुए इसी मार्ग से दिल्ली भी जाते हैं। यह यातायात की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण मार्ग है। जब दोस्ती नगर निर्माणाधीन पुलिया से आवागमन बंद हुआ तो पुलिस ने चकलवंशी चौराहे से वाहनों का डायवर्जन किया। उन्नाव की ओर जाने वाले वाहनों को परियर से करोवन होते हुए निकाला गया। इससे करीब 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा। भूमेश्वर-सरोसी मार्ग से सैकड़ों वाहनों को निकाला गया। उन्नाव से भारी वाहनों को बंद किया गया। छोटे वाहन पूरा निस्फपंसारी, पटियारा, भतावां होते हुए रऊकरना गांव की गलियों से निकलने को मजबूर रहे। संकरे रास्तों में लोग जाम से जूझते रहे।
अफसरों ने एक-दूसरे पर फोड़ा ठीकरापीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के एक्सईएन सुबोध कुमार का कहना है कि अभी नहर में पानी आने का कोई समय नहीं है। फिर भी पानी आया लेकिन विभाग की ओर से इसकी जानकारी नहीं दी गई। इससे परेशानी हुई। ठेकेदार ने पाइप डाले थे लेकिन बहाव तेज होने और पाइप में कूड़ा फंसने से पानी निकल नहीं पाया और ओवरफ्लो होकर वैकल्पिक मार्ग को बहा ले गया। पानी बंद कराकर नए सिरे से मार्ग का निर्माण शुरू करा दिया गया है।
उधर, नहर विभाग के एक्सईएन गगन शुक्ला का कहना है कि नहर में पानी आने की सूचना दो-तीन दिन पहले दे दी गई थी। मुख्यमंत्री ने तालाबों को भरवाने के लिए नहर में पानी छोड़ने के निर्देश दिए थे। वैसे भी मई में नहर में पानी आने का विभागीय रोस्टर भी है। शारदा मुख्य नहर है। इसलिए बनाए गए वैकल्पिक मार्ग में दो मीटर के चार पाइप डाले जाने चाहिए थे। जो नहीं किए गए। पीडब्ल्यूडी ने काम शुरू करने से पहले नहर विभाग से एनओसी भी नहीं ली है। जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।

फोटो-21-उन्नाव-हरदोई मार्ग पर दोस्तीनगर में निर्माणाधीन पुलिया का वैकल्पिक मार्ग कट जाने से खड़- फोटो : 1

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