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Unnao News: कल्याणी नदी उफनाई, 350 बीघा फसलें जलमग्न

Fri, 08 May 2026 01:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 01:06 AM IST
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unnao news
फोटो-7-मरौंदा में बाढ़ से डूबी फसलें देखते किसान। संवाद
परियर। शारदा नहर का पानी पहुंचने से कल्याणी नदी ओवरफ्लो हो गई। आसपास के खेतों में भर जाने से करीब 350 बीघे में बोई गई फसलें जलमग्न हो गईं हैं। इससे किसानों को तगड़ा नुकसान की आशंका है। किसानों ने नहर विभाग को पानी बढ़ने की सूचना दे दी है लेकिन बृहस्पतिवार शाम तक फसल बचाने की कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई।
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सदर तहसील क्षेत्र के लिलौरी गांव से सकहन के बीच शारदा नहर निकली है। परियर क्षेत्र में नहर कल्याणी नदी के पास से गुजरी है। दो दिन पूर्व नहर में 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नहर में कूड़ा करकट फंस जाने से पानी रुक गया और ओवरफ्लो होकर नदी में पहुंच गया। इससे नदी का पानी अचानक बढ़ गया और चारों तरफ फैलने लगा। देखते ही देखते पानी मरौंदा सूचित, मरौंदा मझवारा, पनपथा, जमालनगर सहित कई गांवों के खेतों में जाकर भर गया। इससे करीब 350 बीघे में बोई गई उड़द, तरबूज, खरबूजा, मूंग आदि की फसलें जलमग्न हो गईं। फसलों के डूबने से किसानों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
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किसान गयारी निषाद, विजय शंकर, सनोज निषाद, संतोष, अनुज, रामपाल, शंकर गौतम व कल्याण राजपूत आदि ने बताया कि पानी तेजी से बढ़ रहा है। अगर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो 24 घंटे में बची हुई आसपास के किसानों की फसलें भी पूरी तरह डूब जाएंगी। जिम्मेदारों को जल्द मदद करनी चाहिए।
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इंसेट-1

तीन माह पहले भी बढ़ा था पानी, डूबी थीं फसलें
इसी साल के फरवरी में भी शारदा नहर का पानी कल्याणी नदी में आ गया था। तब भी करीब 300 बीघे में बोई गई गेहूं और सरसों की फसलें जलमग्न होकर खराब हो गई थीं। उस समय भी किसानों को नुकसान हुआ था लेकिन आज तक कोई मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। एक बार फिर से दो दिनों में लगभग पांच फीट से अधिक पानी की बढ़ोत्तरी कल्याणी नदी में हुई है। इससे किसानों की फसलें जलमग्न होने से फिर से नुकसान की आशंका बढ़ गई है।


फोटो-9-दिनेश द्विवेदी
अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
मरौंदा सूचित निवासी किसान दिनेश द्विवेदी ने बताया कि पानी तेजी से बढ़ रहा है। फसलें डूबकर नष्ट होने की कगार पर पहुंच रही हैं। सभी परेशान हैं। विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

फोटो-10-कल्याण राजपूत
पिछली बार डूबी फसलों का नहीं मिला मुआवजा
मरौंदा के किसान कल्याण राजपूत ने बताया कि पिछली बार बढ़े पानी से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा आज तक नहीं मिल सका है। इस बार फिर से फसल डूबने लगी हैं। ऐसे में इस बार भी नुकसान का मुआवजा मिलने पर संशय है।


वर्जन....

कल्याणी नदी का पानी बढ़ने से फसलों के डूबने की जानकारी हुई है। आगे बचाव के लिए नहर विभाग और किसानों से बात की जा रही है। सर्वे कराकर जो भी मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया होगी, उसे पूरा कराया जाएगा। -धीरज त्रिपाठी, नायब तहसीलदार परियर।

फोटो-7-मरौंदा में बाढ़ से डूबी फसलें देखते किसान। संवाद

फोटो-7-मरौंदा में बाढ़ से डूबी फसलें देखते किसान। संवाद

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