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Unnao News: तूफान, बारिश व ओलावृष्टि से आम को तगड़ा नुकसान, 40 फीसदी अमिया गिरीं
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फोटो-7-फल मंडी में लगे अमिया के ढेर को देखते लोग। संवाद
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सफीपुर (उन्नाव)। तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से सफीपुर व मियागंज क्षेत्र में आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है। लगभग 40 फीसदी अमिया पेड़ों से गिर गई हैं। इससे बाग खरीदने वाले व्यापारियों को बड़ा झटका लगा है और बागवानों को अमिया कम दामों पर बेचनी पड़ रही है।
सफीपुर, हसनगंज, औरास, फतेहपुर चौरासी और मियागंज क्षेत्र आम की पट्टी के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां करीब 35 हजार हेक्टेयर में आम के बाग हैं। बुधवार को आए तूफान और ओलावृष्टि का केंद्र सफीपुर व मियागंज ही था। तूफान से पेड़ों पर लगीं अमिया जमीन पर आ गिरीं। बृहस्पतिवार को रिजवान मियां ने 42 बीघे के बाग में गिरी अमिया मजदूरों से इकट्ठा कराई। शुजाउर्रहमान सफवी के बाग में भी सैकड़ों कैरेट अमिया गिर गईं। जलालाबाद निवासी नसीर बेग की बाग के कई पेड़ फट गए। नसीर का दावा है कि उनके बाग की लगभग 50 प्रतिशत अमिया गिर चुकी हैं।जरुआखेड़ा निवासी राजकरन, सन्नू, जयराम, स्वदेश, विकास आदि ने आम को मंडी पहुंचाया। उन्हें मियागंज चौराहा स्थित बाबा फल मंडी में अमिया 100 से 200 रुपये कैरेट (20 किलो) बेचनी पड़ी।
लखनऊ और कानपुर की मंडियों में भेजी
फाजिलपुर निवासी मनोज रावत, आरिफ, महताब, आफताब, शिवराम प्रधान, जीवन, जब्बार, रामजी और इरफान के बागों में भी अमिया गिरीं। बागवानों ने अमिया को स्थानीय मंडी पहुंचाया। वहां से पैक कर लखनऊ और कानपुर की मंडियों भेजा गया। बागवान बच्चन कुशवाहा ने बताया कि तूफान से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
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फोटो-8-सुघर सिंह
आधे से ज्यादा गिर गईं
कायमपुर निबरवारा निवासी सुघर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों ओलावृष्टि के साथ तेज हवाओं से 20 प्रतिशत नुकसान हुआ था। अब बुधवार को आए तूफान से 40 फीसदी अमिया गिर गई हैं। इससे तगड़ा नुकसान हुआ है।
फोटो-9-भग्गूलाल
100 से 200 रुपये कैरेट बेची
गौरा खुर्द मियागंज के भग्गूलाल ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह मजदूरों को लगवाकर अमिया एकत्रित कराई। करीब पांच लोडर अमिया निकली हैं। पहले प्रति कैरेट 400 से 600 रुपये अमिया का दाम मिलता था, अब 100 से 200 रुपये में देना पड़ा।
वर्जन...
तूफान, ओलावृष्टि और बारिश से आम की फसल को नुकसान की सूचना मिली है। आकलन के लिए राजस्व कर्मियों के माध्यम से सर्वे कराया जाए जाएगा। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम (वित्त/राजस्व)।
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सफीपुर, हसनगंज, औरास, फतेहपुर चौरासी और मियागंज क्षेत्र आम की पट्टी के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां करीब 35 हजार हेक्टेयर में आम के बाग हैं। बुधवार को आए तूफान और ओलावृष्टि का केंद्र सफीपुर व मियागंज ही था। तूफान से पेड़ों पर लगीं अमिया जमीन पर आ गिरीं। बृहस्पतिवार को रिजवान मियां ने 42 बीघे के बाग में गिरी अमिया मजदूरों से इकट्ठा कराई। शुजाउर्रहमान सफवी के बाग में भी सैकड़ों कैरेट अमिया गिर गईं। जलालाबाद निवासी नसीर बेग की बाग के कई पेड़ फट गए। नसीर का दावा है कि उनके बाग की लगभग 50 प्रतिशत अमिया गिर चुकी हैं।जरुआखेड़ा निवासी राजकरन, सन्नू, जयराम, स्वदेश, विकास आदि ने आम को मंडी पहुंचाया। उन्हें मियागंज चौराहा स्थित बाबा फल मंडी में अमिया 100 से 200 रुपये कैरेट (20 किलो) बेचनी पड़ी।
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लखनऊ और कानपुर की मंडियों में भेजी
फाजिलपुर निवासी मनोज रावत, आरिफ, महताब, आफताब, शिवराम प्रधान, जीवन, जब्बार, रामजी और इरफान के बागों में भी अमिया गिरीं। बागवानों ने अमिया को स्थानीय मंडी पहुंचाया। वहां से पैक कर लखनऊ और कानपुर की मंडियों भेजा गया। बागवान बच्चन कुशवाहा ने बताया कि तूफान से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
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फोटो-8-सुघर सिंह
आधे से ज्यादा गिर गईं
कायमपुर निबरवारा निवासी सुघर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों ओलावृष्टि के साथ तेज हवाओं से 20 प्रतिशत नुकसान हुआ था। अब बुधवार को आए तूफान से 40 फीसदी अमिया गिर गई हैं। इससे तगड़ा नुकसान हुआ है।
फोटो-9-भग्गूलाल
100 से 200 रुपये कैरेट बेची
गौरा खुर्द मियागंज के भग्गूलाल ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह मजदूरों को लगवाकर अमिया एकत्रित कराई। करीब पांच लोडर अमिया निकली हैं। पहले प्रति कैरेट 400 से 600 रुपये अमिया का दाम मिलता था, अब 100 से 200 रुपये में देना पड़ा।
वर्जन...
तूफान, ओलावृष्टि और बारिश से आम की फसल को नुकसान की सूचना मिली है। आकलन के लिए राजस्व कर्मियों के माध्यम से सर्वे कराया जाए जाएगा। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम (वित्त/राजस्व)।

फोटो-7-फल मंडी में लगे अमिया के ढेर को देखते लोग। संवाद

फोटो-7-फल मंडी में लगे अमिया के ढेर को देखते लोग। संवाद