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Unnao News: मिनी सचिवालयों पर ताले, ग्रामीण लगा रहे ब्लाॅक व तहसील की दौड़
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फोटो-25-हसनगंज ब्लाक के निमादपुर पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लटकता ताला। संवाद
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उन्नाव। जनपद में तीन साल पहले 51.85 करोड़ रुपये की लागत से 1037 मिनी सचिवालय (पंचायत भवन) बनवाए गए थे। ये सचिवालय ग्रामीणों के किसी काम नहीं आ रहे हैं। पंचायत सहायकों की तैनाती के बावजूद इनके ताले नहीं खुल रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने बृहस्पतिवार को आठ मिनी सचिवालयों की पड़ताल की, जहां ताले लटके मिले। इससे परेशान ग्रामीण अपने कार्यों के लिए ब्लॉक और तहसील कार्यालयों की दौड़ लगा रहे हैं।
जनपद में कुल 1037 ग्राम पंचायतें हैं। वर्ष 2023 में प्रत्येक पंचायत में मिनी सचिवालयों का निर्माण हुआ था। एक सचिवालय के निर्माण पर करीब पांच लाख रुपये खर्च किए गए थे। इन सचिवालयों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल, पेंशन, आवास, हेल्थ कार्ड और आधार कार्ड जैसी सुविधाओं के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय न जाना पड़े। पंचायत सहायकों की तैनाती इसी उद्देश्य से की गई थी। इसी माह ग्रामीणों की सुविधा के लिए लेखपालों को भी इन सचिवालयों में बैठने की व्यवस्था की गई। हालांकि, वर्तमान में ये मिनी सचिवालय अपने उद्देश्यों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं।
फोटो-25-हसनगंज ब्लॉक के निमादपुर पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लगा ताला। संवाद
मिनी सचिवालय-1
ग्रामीणों को नहीं मिलतीं सुविधाएं
हसनगंज। विकासखंड की पंचायत निमादपुर में बने मिनी सचिवालय में सुबह 11:13 बजे ताला लटका मिला। पास में ही झलोतर के सचिवालय में 11.35 बजे ताला बंद था। पास मौजूद ग्रामीणों ने पूछने पर बताया कि ताला बंद रहने से उनको कोई भी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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फोटो-26-बंद पड़ा औरास का पुरथ्यावां पंचायत भवन। संवाद
मिनी सचिवालय-2
पंचायत सहायक को देखा नहीं, निकल रहा मानदेय
औरास। ब्लॉक के पुरथ्यावां गांव के पंचायत भवन में दोपहर 2:38 बजे ताला लगा मिला। वहां मिले गांव के महेंद्र, सुनील, प्रकाश, रंजीत व सुमेर ने बताया कि पंचायत भवन तो बना है लेकिन पंचायत सहायक को आज तक नहीं देखा जबकि वेतन हर महीने निकल रहा है। पंचायत सचिव और लेखपाल भी नहीं आते हैं।
फोटो-27-सिकंदरपुर कर्ण के जगजीवनपुर का बंद मिनी सचिवालय। संवाद
मिनी सचिवालय-3
ग्रामीणों को नहीं मिल रहा सचिवालय का लाभ
अचलगंज। सिकंदरपुर कर्ण के जगजीवनपुर गांव में बने पंचायत भवन का दोपहर 12:18 बजे तक ताला नहीं खुला था। ऐसे में लाखों की लागत से बना सचिवालय ग्रामीणों के किसी भी उद्देश्य को पूरा नहीं करता नजर आया। न पंचायत सहायक की कोई जानकारी हो पाई और न ही सचिव व लेखपाल की।
फोटो-28-पहाड़पुर पंचायत भवन के कक्षों में बंद ताला। संवाद
मिनी सचिवालय-4
पाटन। सुमेरपुर की ग्राम पंचायत पहाड़पुर के सचिवालय में 12:30 बजे तालाबंदी मिली। कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। सभी कमरों पर ताला लटका था। ग्रामीण रूप यादव ने बताया कि सचिवालय में कोई कर्मचारी नहीं बैठता है। पंचायत सहायक, सचिव व लेखपाल नहीं आते हैं। लोगों को परिवार रजिस्टर, जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र और खतौनी आदि के लिए ब्लॉक व तहसील कार्यालय दौड़ना पड़ता है।
यहां भी बंद मिले हैं सचिवालय
-विकासखंड बांगरमऊ की ग्राम पंचायत रबड़ी।
-बिछिया विकासखंड की ग्राम पंचायत रामपुर खालसा।
-विकासखंड बांगरमऊ की ग्राम पंचायत लतीफपुर।
यह है पंचायत भवनों में व्यवस्था
पंचायत भवनों की साज-सज्जा, कंप्यूटर उपकरण, फर्नीचर, नेट आदि।
ग्रामीणों की सुनिए
फोटो-29-शैलेंद्र शुक्ला
उद्देश्यों पर खरा नहीं उतर रहे पंचायत भवन
जगजीवनपुर के गांव कुरमापुर निवासी शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि पंचायत भवन अपने उद्देश्य पूरा नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों को कार्य के लिए निजी जन सुविधा केंद्रों के अलावा ब्लॉक व तहसील दफ्तरों में जाना पड़ रहा है।
फोटो-30-रमेश मिश्रा
घर बैठे मानदेय ले रहे पंचायत सहायक
झलोतर निवासी रमेश मिश्र ने बताया कि पंचायत भवन अधिकांश समय बंद रहता है। आरोप लगाया कि पंचायत सहायक केवल घर बैठे मानदेय ले रहे हैं। जरूरी कार्यों के लिए ब्लॉक, तहसील की ही दौड़ लगानी पड़ती है।
वर्जन...
यह गंभीर मामला है। जिन पंचायत भवनों के ताले नहीं खुल रहे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। एडीओ पंचायत से जानकारी करके सभी को नोटिस जारी की जाएगी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी। -श्रीकांत यादव, डीपीआरओ।
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जनपद में कुल 1037 ग्राम पंचायतें हैं। वर्ष 2023 में प्रत्येक पंचायत में मिनी सचिवालयों का निर्माण हुआ था। एक सचिवालय के निर्माण पर करीब पांच लाख रुपये खर्च किए गए थे। इन सचिवालयों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल, पेंशन, आवास, हेल्थ कार्ड और आधार कार्ड जैसी सुविधाओं के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय न जाना पड़े। पंचायत सहायकों की तैनाती इसी उद्देश्य से की गई थी। इसी माह ग्रामीणों की सुविधा के लिए लेखपालों को भी इन सचिवालयों में बैठने की व्यवस्था की गई। हालांकि, वर्तमान में ये मिनी सचिवालय अपने उद्देश्यों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं।
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फोटो-25-हसनगंज ब्लॉक के निमादपुर पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लगा ताला। संवाद
मिनी सचिवालय-1
ग्रामीणों को नहीं मिलतीं सुविधाएं
हसनगंज। विकासखंड की पंचायत निमादपुर में बने मिनी सचिवालय में सुबह 11:13 बजे ताला लटका मिला। पास में ही झलोतर के सचिवालय में 11.35 बजे ताला बंद था। पास मौजूद ग्रामीणों ने पूछने पर बताया कि ताला बंद रहने से उनको कोई भी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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फोटो-26-बंद पड़ा औरास का पुरथ्यावां पंचायत भवन। संवाद
मिनी सचिवालय-2
पंचायत सहायक को देखा नहीं, निकल रहा मानदेय
औरास। ब्लॉक के पुरथ्यावां गांव के पंचायत भवन में दोपहर 2:38 बजे ताला लगा मिला। वहां मिले गांव के महेंद्र, सुनील, प्रकाश, रंजीत व सुमेर ने बताया कि पंचायत भवन तो बना है लेकिन पंचायत सहायक को आज तक नहीं देखा जबकि वेतन हर महीने निकल रहा है। पंचायत सचिव और लेखपाल भी नहीं आते हैं।
फोटो-27-सिकंदरपुर कर्ण के जगजीवनपुर का बंद मिनी सचिवालय। संवाद
मिनी सचिवालय-3
ग्रामीणों को नहीं मिल रहा सचिवालय का लाभ
अचलगंज। सिकंदरपुर कर्ण के जगजीवनपुर गांव में बने पंचायत भवन का दोपहर 12:18 बजे तक ताला नहीं खुला था। ऐसे में लाखों की लागत से बना सचिवालय ग्रामीणों के किसी भी उद्देश्य को पूरा नहीं करता नजर आया। न पंचायत सहायक की कोई जानकारी हो पाई और न ही सचिव व लेखपाल की।
फोटो-28-पहाड़पुर पंचायत भवन के कक्षों में बंद ताला। संवाद
मिनी सचिवालय-4
पाटन। सुमेरपुर की ग्राम पंचायत पहाड़पुर के सचिवालय में 12:30 बजे तालाबंदी मिली। कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। सभी कमरों पर ताला लटका था। ग्रामीण रूप यादव ने बताया कि सचिवालय में कोई कर्मचारी नहीं बैठता है। पंचायत सहायक, सचिव व लेखपाल नहीं आते हैं। लोगों को परिवार रजिस्टर, जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र और खतौनी आदि के लिए ब्लॉक व तहसील कार्यालय दौड़ना पड़ता है।
यहां भी बंद मिले हैं सचिवालय
-विकासखंड बांगरमऊ की ग्राम पंचायत रबड़ी।
-बिछिया विकासखंड की ग्राम पंचायत रामपुर खालसा।
-विकासखंड बांगरमऊ की ग्राम पंचायत लतीफपुर।
यह है पंचायत भवनों में व्यवस्था
पंचायत भवनों की साज-सज्जा, कंप्यूटर उपकरण, फर्नीचर, नेट आदि।
ग्रामीणों की सुनिए
फोटो-29-शैलेंद्र शुक्ला
उद्देश्यों पर खरा नहीं उतर रहे पंचायत भवन
जगजीवनपुर के गांव कुरमापुर निवासी शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि पंचायत भवन अपने उद्देश्य पूरा नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों को कार्य के लिए निजी जन सुविधा केंद्रों के अलावा ब्लॉक व तहसील दफ्तरों में जाना पड़ रहा है।
फोटो-30-रमेश मिश्रा
घर बैठे मानदेय ले रहे पंचायत सहायक
झलोतर निवासी रमेश मिश्र ने बताया कि पंचायत भवन अधिकांश समय बंद रहता है। आरोप लगाया कि पंचायत सहायक केवल घर बैठे मानदेय ले रहे हैं। जरूरी कार्यों के लिए ब्लॉक, तहसील की ही दौड़ लगानी पड़ती है।
वर्जन...
यह गंभीर मामला है। जिन पंचायत भवनों के ताले नहीं खुल रहे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। एडीओ पंचायत से जानकारी करके सभी को नोटिस जारी की जाएगी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी। -श्रीकांत यादव, डीपीआरओ।

फोटो-25-हसनगंज ब्लाक के निमादपुर पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लटकता ताला। संवाद

फोटो-25-हसनगंज ब्लाक के निमादपुर पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लटकता ताला। संवाद

फोटो-25-हसनगंज ब्लाक के निमादपुर पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लटकता ताला। संवाद

फोटो-25-हसनगंज ब्लाक के निमादपुर पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लटकता ताला। संवाद

फोटो-25-हसनगंज ब्लाक के निमादपुर पंचायत भवन के मुख्य गेट पर लटकता ताला। संवाद