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Unnao News: सीएलएफ से जुड़ी 36 महिलाओं से होगी 89.24 लाख की वसूली
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उन्नाव। एनआरएलएम योजना में तीन साल पहले हुए घपले में 12 क्लस्टर स्तरीय संघ (सीएलएफ) यानी स्वयं सहायता समूह की 36 महिलाओं से 89.24 लाख की अनियमित भुगतान की वसूली की तैयारी शुरू कर दी गई है। उपायुक्त ने ब्लॉक अधिकारियों को भेजे पत्र में समूहों से जुड़ी महिलाओं की जिम्मेदारी तय करते हुए रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना (एनआरएलएम) में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3558 समूहों के लिए 3.85 करोड़ रुपये जारी किए थे। तत्कालीन एनआरएलएम प्रभारी संजय पांडेय और जिला मिशन प्रबंधक शिखा मिश्रा ने महिला समूहों को पैसा न देकर कानपुर देहात, चित्रकूट व उन्नाव के निजी वेंडरों की फर्मों के खातों में बजट भेजकर सरकारी धन का गबन किया था। मामले में संजय पांडेय को निलंबित किया जा चुका है। शिखा मिश्रा सहित दो डीएमएम व 11 बीएमएम की सेवा समाप्ति की जा चुकी है। इस मामले में 12 सीएलएफ पदाधिकारियों को कुल 3.85 करोड़ में 89.24 लाख रुपये का अनियमित भुगतान वेंडरों के खातों में भेजने का दोषी पाया गया है। एनआरएलएम की संयुक्त मिशन निदेशक सुधा शुक्ला ने इनसे वसूली के आदेश दिए हैं।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि प्रत्येक क्लस्टर में तीन प्रमुख पद अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष के होते हैं। यह सभी महिलाएं ही होती हैं। इनके हस्ताक्षर से ही भुगतान आदि होता है। अब 12 क्लस्टर की 36 महिलाओं से वसूली कराई जानी है। इसको लेकर उपायुक्त भानु प्रताप सिंह ने ब्लॉक अधिकारियों को पत्र भेजा है। कहा है कि अनियमित भुगतान में जिनकी मुख्य भूमिका हो, उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए नाम सहित रिपोर्ट भेजें, जिससे वसूली शुरू की जा सके।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना (एनआरएलएम) में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3558 समूहों के लिए 3.85 करोड़ रुपये जारी किए थे। तत्कालीन एनआरएलएम प्रभारी संजय पांडेय और जिला मिशन प्रबंधक शिखा मिश्रा ने महिला समूहों को पैसा न देकर कानपुर देहात, चित्रकूट व उन्नाव के निजी वेंडरों की फर्मों के खातों में बजट भेजकर सरकारी धन का गबन किया था। मामले में संजय पांडेय को निलंबित किया जा चुका है। शिखा मिश्रा सहित दो डीएमएम व 11 बीएमएम की सेवा समाप्ति की जा चुकी है। इस मामले में 12 सीएलएफ पदाधिकारियों को कुल 3.85 करोड़ में 89.24 लाख रुपये का अनियमित भुगतान वेंडरों के खातों में भेजने का दोषी पाया गया है। एनआरएलएम की संयुक्त मिशन निदेशक सुधा शुक्ला ने इनसे वसूली के आदेश दिए हैं।
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विभागीय सूत्र बताते हैं कि प्रत्येक क्लस्टर में तीन प्रमुख पद अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष के होते हैं। यह सभी महिलाएं ही होती हैं। इनके हस्ताक्षर से ही भुगतान आदि होता है। अब 12 क्लस्टर की 36 महिलाओं से वसूली कराई जानी है। इसको लेकर उपायुक्त भानु प्रताप सिंह ने ब्लॉक अधिकारियों को पत्र भेजा है। कहा है कि अनियमित भुगतान में जिनकी मुख्य भूमिका हो, उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए नाम सहित रिपोर्ट भेजें, जिससे वसूली शुरू की जा सके।
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