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Unnao News: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे... चार और जगह धंसी सड़क
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फोटो-33- 4 अगस्त को प्रकाशित खबर।
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उन्नाव/अचलगंज। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सड़क धंसने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को अलग-अलग चार और स्थानों पर सड़क धंस गई। बारिश के पानी से सात जगह किनारे की मिट्टी बह जाने से सड़क खोखली होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि मिट्टी कटने की घटनाएं वहीं हुईं जहां पानी की निकासी के लिए नाली बनी हैं। आजाद मार्ग स्थित एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा से 12 किलोमीटर के दायरे में तीन और स्थानों पर सड़क धंस गई है। कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर आजाद मार्ग टोल बैरियर से दस किलोमीटर आगे किमी संख्या 65 बेहटा गांव के सामने रविवार की रात 200 मीटर सड़क धंस गई थी। मरम्मत के कारण छह किलोमीटर में डायवर्जन कर दोनों तरफ का यातायात एक ही लेन से निकाला जा रहा है। अभी तक कानपुर से लखनऊ लेन की सड़क धंस और टूट रही थी।
तीन दिनों से भारी वाहन निकलने से लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन की भी मजबूती की पोल खुल गई। इस लेन पर तीन अलग-अलग स्थानों पर सड़क धंस गई। पीएनसी ने आनन-फानन पैचिंग कराई। भारी वाहनों की वजह से किमी संख्या 63.9 पर 50 मीटर और 64.1, 64.3 पर करीब पांच-पांच मीटर सड़क धंसी है और काफी दूर तक नाली (व्हील ट्रैक) बनने से वाहन चालकों की परेशानी हो रही है। आटा बंथर गांव से बेहटा गांव तक 10 किलोमीटर में छह अलग-अलग स्थानों पर सड़क के किनारे की मिट्टी बह जाने से सड़क तीन से चार फीट तक खोखली हो गई है। निर्माण एजेंसी इसकी मरम्मत करा रही है। उधर, बनी से करीब 500 मीटर पहले लखनऊ जाने वाली लेन पर बेगमखेड़ा गांव के सामने कराया गया पैचवर्क फिर धंस गया है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। पहिया सड़क पर बनी नाली में जाते ही वाहन लहरा रहे हैं। फोटो-39- बारिश की वजह से दो दिन से रुका बेहटा गांव के पास धंसी सड़क की मरम्मत का काम। संवाद कंक्रीट न सूखने से मरम्मत का काम धीमा
रविवार की रात बेहटा गांव के सामने 200 मीटर धंसी सड़क की मरम्मत का काम बारिश से रुका है और तीन दिन से छह किलोमीटर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू है। 130 मीटर में मरम्मत कंक्रीट तक काम पूरा हो गया है, यहां केवल सड़क की ऊपरी परत (ओवरले) का काम बाकी है। सोमवार की रात और मंगलवार को दिन में कई बार तेज बारिश होने से मरम्मत के लिए खोदी गई सड़क का 70 मीटर हिस्सा दल-दल होने से बुधवार को भी मरम्मत का काम रुका रहा। मिट्टी की कुटाई में कमी से धंस रही सड़क पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त एई अरविंद सिंह ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे की सड़क टूटने की जो वजह अभी तक सामने आई है उससे लग रहा है कि मिट्टी की कुटाई में कमी रह गई है। जहां ज्यादा कमी है, वहां सड़क दब रही है। लखनऊ तक के इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे हिस्से का निर्माण करीब एक साल पहले पूरा हो गया था लेकिन लखनऊ में एलिवेटेड हिस्से का काम पूरा न होने से इसपर ट्रैफिक नहीं चलाया गया। नवनिर्मित सड़क पर यातायात न चलने से ठंडक और गर्मी में सड़क की ऊपरी परत का लचीलापन खत्म हो गया। वाहन चलने शुरू हुए तो दरारें आईं और बारिश का पानी जाने से मिट्टी दल-दल हो गई। पुलों और अंडरपास के पास यह समस्या ज्यादा हुई क्योंकि वहां पर वाहन चढ़ते-उतरते समय हल्की धमक होती है।
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कानपुर की तरफ से खनिज लदे भारी और ओवरलोड वाहन अधिक आते हैं। अभी टोल पर भारी वाहनों को रोकने की व्यवस्था नहीं है। इस कारण सड़क दब रही है। इसके अलावा तेज बारिश होने से कई स्थानों पर सड़क के किनारे की मिट्टी कटकर बह गई है। कुछ स्थानों पर नाली में कचरा फंसने से तो कुछ जगह पानी ओवरफ्लो होने से ऐसा हुआ है। सड़क की मरम्मत कराई जा रही है। रात में बारिश न हुई तो बेहटा गांव के पास बचा 70 मीटर सड़क बनाने का काम भी बृहस्पतिवार दोपहर तक पूरा हो जाएगा। -सत्य नारायण, मैनेजर पीएनसी।
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तीन दिनों से भारी वाहन निकलने से लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन की भी मजबूती की पोल खुल गई। इस लेन पर तीन अलग-अलग स्थानों पर सड़क धंस गई। पीएनसी ने आनन-फानन पैचिंग कराई। भारी वाहनों की वजह से किमी संख्या 63.9 पर 50 मीटर और 64.1, 64.3 पर करीब पांच-पांच मीटर सड़क धंसी है और काफी दूर तक नाली (व्हील ट्रैक) बनने से वाहन चालकों की परेशानी हो रही है। आटा बंथर गांव से बेहटा गांव तक 10 किलोमीटर में छह अलग-अलग स्थानों पर सड़क के किनारे की मिट्टी बह जाने से सड़क तीन से चार फीट तक खोखली हो गई है। निर्माण एजेंसी इसकी मरम्मत करा रही है। उधर, बनी से करीब 500 मीटर पहले लखनऊ जाने वाली लेन पर बेगमखेड़ा गांव के सामने कराया गया पैचवर्क फिर धंस गया है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। पहिया सड़क पर बनी नाली में जाते ही वाहन लहरा रहे हैं। फोटो-39- बारिश की वजह से दो दिन से रुका बेहटा गांव के पास धंसी सड़क की मरम्मत का काम। संवाद कंक्रीट न सूखने से मरम्मत का काम धीमा
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रविवार की रात बेहटा गांव के सामने 200 मीटर धंसी सड़क की मरम्मत का काम बारिश से रुका है और तीन दिन से छह किलोमीटर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू है। 130 मीटर में मरम्मत कंक्रीट तक काम पूरा हो गया है, यहां केवल सड़क की ऊपरी परत (ओवरले) का काम बाकी है। सोमवार की रात और मंगलवार को दिन में कई बार तेज बारिश होने से मरम्मत के लिए खोदी गई सड़क का 70 मीटर हिस्सा दल-दल होने से बुधवार को भी मरम्मत का काम रुका रहा। मिट्टी की कुटाई में कमी से धंस रही सड़क पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त एई अरविंद सिंह ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे की सड़क टूटने की जो वजह अभी तक सामने आई है उससे लग रहा है कि मिट्टी की कुटाई में कमी रह गई है। जहां ज्यादा कमी है, वहां सड़क दब रही है। लखनऊ तक के इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे हिस्से का निर्माण करीब एक साल पहले पूरा हो गया था लेकिन लखनऊ में एलिवेटेड हिस्से का काम पूरा न होने से इसपर ट्रैफिक नहीं चलाया गया। नवनिर्मित सड़क पर यातायात न चलने से ठंडक और गर्मी में सड़क की ऊपरी परत का लचीलापन खत्म हो गया। वाहन चलने शुरू हुए तो दरारें आईं और बारिश का पानी जाने से मिट्टी दल-दल हो गई। पुलों और अंडरपास के पास यह समस्या ज्यादा हुई क्योंकि वहां पर वाहन चढ़ते-उतरते समय हल्की धमक होती है।
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कानपुर की तरफ से खनिज लदे भारी और ओवरलोड वाहन अधिक आते हैं। अभी टोल पर भारी वाहनों को रोकने की व्यवस्था नहीं है। इस कारण सड़क दब रही है। इसके अलावा तेज बारिश होने से कई स्थानों पर सड़क के किनारे की मिट्टी कटकर बह गई है। कुछ स्थानों पर नाली में कचरा फंसने से तो कुछ जगह पानी ओवरफ्लो होने से ऐसा हुआ है। सड़क की मरम्मत कराई जा रही है। रात में बारिश न हुई तो बेहटा गांव के पास बचा 70 मीटर सड़क बनाने का काम भी बृहस्पतिवार दोपहर तक पूरा हो जाएगा। -सत्य नारायण, मैनेजर पीएनसी।

फोटो-33- 4 अगस्त को प्रकाशित खबर।

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