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Unnao News: चार ग्राम पंचायतों में 63 शत्रु संपत्तियां, हो रही खेती
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फोटो-15- नवई गांव के बाहर शत्रु संपत्ति की खाली पड़ी जमीन। संवाद
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उन्नाव। जनपद की दो तहसीलों में 63 शत्रु संपत्तियां (जमीन) बची हैं। ये जमीनें हसनगंज और पुरवा तहसील क्षेत्र में हैं। 4.38 हेक्टेयर क्षेत्रफल की इन जमीनों की कीमत दो करोड़ से अधिक है। वर्तमान में कुछ जमीनों पर किसान अवैध कब्जा करके खेती कर रहे हैं।
दो तहसीलों में 63 शत्रु संपत्तियों का रकबा 24.264 हेक्टेयर है। हसनगंज के नवई, रैनापुर, रसूलपुर बकिया व ओहरापुर कौड़िया के अलावा पुरवा की कसरौर में यह शत्रु संपत्तियां हैं। पिछले माह 13 जुलाई को इन संपत्तियों की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी होनी थी लेकिन अचानक प्रक्रिया निरस्त कर दी गई थी। इन शत्रु संपत्तियों की कीमत दो करोड़ से अधिक है।
वर्तमान में कुछ जगहों पर नजदीक के भूमिधरी खेत होने से किसान कब्जा करके खेती कर रहे हैं। हालांकि अधिकारी इसे सिरे से नकार रहे हैं। शत्रु संपत्ति पर्यवेक्षक एसके सिंह ने बताया कि पूर्व में नीलामी निरस्त कर दी गई थी। जल्द ही नई तिथि घोषित कराकर नीलामी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। यदि कहीं कब्जा मिला तो उसे हटवाया जाएगा।
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इंसेट-1
ये होती है शत्रु संपत्ति
शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 के तहत, शत्रु संपत्ति वह संपत्ति है जो पाकिस्तान व चीन में चले गए लोग छोड़ गए हैं। भारत सरकार द्वारा बनाया गया इससे जुड़ा अधिनियम शत्रु संपत्ति को एक ऐसी संपत्ति के रूप में परिभाषित करता है जो किसी शत्रु, शत्रु आश्रित या शत्रु फर्म की होती हैं। एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने बताया कि अब सभी शत्रु संपत्तियों की बिक्री की समयसीमा तय करके वर्ष 2029 कर दी गई है। तहसील के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं शत्रु संपत्तियों पर कब्जा हो गया हो तो तुरंत उसे मुक्त करा लें। जल्द ही नीलामी के जरिये बिक्री के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
इंसेट-2
किस गांव में कितनी शत्रु संपत्तियां
तहसील-हसनगंज
-रसूलपुर बकिया-45
-रैनापुर-12
-नवई व ओहरापुर कौड़िया-1, 1
तहसील-पुरवा
-कसरौर-4
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दो तहसीलों में 63 शत्रु संपत्तियों का रकबा 24.264 हेक्टेयर है। हसनगंज के नवई, रैनापुर, रसूलपुर बकिया व ओहरापुर कौड़िया के अलावा पुरवा की कसरौर में यह शत्रु संपत्तियां हैं। पिछले माह 13 जुलाई को इन संपत्तियों की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी होनी थी लेकिन अचानक प्रक्रिया निरस्त कर दी गई थी। इन शत्रु संपत्तियों की कीमत दो करोड़ से अधिक है।
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वर्तमान में कुछ जगहों पर नजदीक के भूमिधरी खेत होने से किसान कब्जा करके खेती कर रहे हैं। हालांकि अधिकारी इसे सिरे से नकार रहे हैं। शत्रु संपत्ति पर्यवेक्षक एसके सिंह ने बताया कि पूर्व में नीलामी निरस्त कर दी गई थी। जल्द ही नई तिथि घोषित कराकर नीलामी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। यदि कहीं कब्जा मिला तो उसे हटवाया जाएगा।
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ये होती है शत्रु संपत्ति
शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 के तहत, शत्रु संपत्ति वह संपत्ति है जो पाकिस्तान व चीन में चले गए लोग छोड़ गए हैं। भारत सरकार द्वारा बनाया गया इससे जुड़ा अधिनियम शत्रु संपत्ति को एक ऐसी संपत्ति के रूप में परिभाषित करता है जो किसी शत्रु, शत्रु आश्रित या शत्रु फर्म की होती हैं। एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने बताया कि अब सभी शत्रु संपत्तियों की बिक्री की समयसीमा तय करके वर्ष 2029 कर दी गई है। तहसील के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं शत्रु संपत्तियों पर कब्जा हो गया हो तो तुरंत उसे मुक्त करा लें। जल्द ही नीलामी के जरिये बिक्री के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
इंसेट-2
किस गांव में कितनी शत्रु संपत्तियां
तहसील-हसनगंज
-रसूलपुर बकिया-45
-रैनापुर-12
-नवई व ओहरापुर कौड़िया-1, 1
तहसील-पुरवा
-कसरौर-4