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Unnao News: खतरे के निशान से 77 सेमी दूर गंगा, फसलें डूबीं
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फोटो-27-बीघापुर में चौड़ा का पुरवा गांव में खेतों में भरा पानी। संवाद
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उन्नाव। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार की शाम जलस्तर चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 23 सेमी ऊपर पहुंच गया जो खतरे के निशान 113 मीटर से मात्र 77 सेमी ही दूर रह गया। इसके चलते गंगा के साथ बीघापुर में पांडु व सफीपुर में कल्याणी नदी भी उफना गई है। बीघापुर के गांवों में फसलों में पानी भर गया है। वहीं सफीपुर में नदी पर बने पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है।
फोटो-29
पानी बढ़ने से 500 बीघा फसल डूबी
बीघापुर। तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी ग्रामसभा दूलीखेड़ा व लालाखेड़ा के मजरों में बाढ़ का पानी पहुंचने से 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। चौड़ा का पुरवा, भरोसा का पुरवा, सेड़वा ,चोरघटिया, पचघरा, धर्मपुर, मंझा मजनू के किनारे पानी लग जाने और गांव के किनारे स्थित खेतों में पानी पहुंच जाने से तिल्ली, उड़द, मूंग, अरहर तथा सब्जी में भिंडी, करेला, टिंडा, परवल की फसल जलमग्न हो गई है। किसान रवि निषाद, राजन यादव, रोहित सिंह, रामचंद्र ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ जाने से पानी मजरों के चारों ओर भरने का संकट गहराने लगा है। खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो एक-दो दिन में मजरों के किनारे घरों के सामने तक पानी पहुंच सकता है। ग्राम प्रशासक श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास नाकाफी हैं। उन्होंने तहसील प्रशासन से फसल के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम आनंद कुमार नायक ने बताया कि राजस्व, खाद्य, पशुपालन व स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
कल्याणी उफनाई, पुल के ऊपर से बहने लगा पानी
सफीपुर/परियर। गंगा नदी में बढ़ रहे पानी से संपर्कित कल्याणी भी उफना गई है। इससे नदी पर जमालनगर गैर एहतमाली में बने पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। इसको लेकर कटरी क्षेत्र के 12 किमी क्षेत्र में फैले गांवों में रामपुर, उडंकपुरवा, शेरपुर, इब्राहिमाबाद, कारीमाबाद आदि के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक तरफ खेत जलमग्न होने लगे हैं। वहीं दूसरी ओर पुल से आवागमन खतरनाक हो गया है।
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उडंकपुरवा निवासी सतीश व जमालनगर गैर एहतमाली के नाज आलम ने बताया कि अब परेशानी बढ़ने लगी है। एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने बताया कि बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सफीपुर तहसील मुख्यालय, मरौंदा मझवारा, अतहा, गहोली, जमालनगर, अंधेलिया, मऊमंसूरपुर प्राथमिक पाठशालाओं में बाढ़ राहत चौकी बना दी गई। 18 नावों की व्यवस्था कर नाविकों को सतर्क कर दिया गया है। उधर, सदर तहसील क्षेत्र के देवीपुरवा, लालतुपुरवा, माना बंगला व बाबू बंगला में धीरे-धीरे बढ़ रहे जलस्तर को लेकर ग्रामीण सतर्क हो गए हैं।
लेखपाल प्रदीप कमल व योगेश कुमार ने देवीपुरवा, बाबू बंगला व मरौंदा मझवारा जाकर ग्रामीणों से बात की। बताया कि बाढ़ की स्थिति होने पर परियर स्थित बाबा बलखडेश्वर मंदिर पर स्थापित बाढ़ चौकी व जानकीकुंड और मरौंदा मझवारा में बने बाढ़ आश्रय स्थल में आश्रय लिया जा सकता है।
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पानी बढ़ने से 500 बीघा फसल डूबी
बीघापुर। तहसील क्षेत्र के गंगा व पांडु नदी के बीच बसी ग्रामसभा दूलीखेड़ा व लालाखेड़ा के मजरों में बाढ़ का पानी पहुंचने से 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। चौड़ा का पुरवा, भरोसा का पुरवा, सेड़वा ,चोरघटिया, पचघरा, धर्मपुर, मंझा मजनू के किनारे पानी लग जाने और गांव के किनारे स्थित खेतों में पानी पहुंच जाने से तिल्ली, उड़द, मूंग, अरहर तथा सब्जी में भिंडी, करेला, टिंडा, परवल की फसल जलमग्न हो गई है। किसान रवि निषाद, राजन यादव, रोहित सिंह, रामचंद्र ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ जाने से पानी मजरों के चारों ओर भरने का संकट गहराने लगा है। खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो एक-दो दिन में मजरों के किनारे घरों के सामने तक पानी पहुंच सकता है। ग्राम प्रशासक श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास नाकाफी हैं। उन्होंने तहसील प्रशासन से फसल के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम आनंद कुमार नायक ने बताया कि राजस्व, खाद्य, पशुपालन व स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
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कल्याणी उफनाई, पुल के ऊपर से बहने लगा पानी
सफीपुर/परियर। गंगा नदी में बढ़ रहे पानी से संपर्कित कल्याणी भी उफना गई है। इससे नदी पर जमालनगर गैर एहतमाली में बने पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। इसको लेकर कटरी क्षेत्र के 12 किमी क्षेत्र में फैले गांवों में रामपुर, उडंकपुरवा, शेरपुर, इब्राहिमाबाद, कारीमाबाद आदि के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक तरफ खेत जलमग्न होने लगे हैं। वहीं दूसरी ओर पुल से आवागमन खतरनाक हो गया है।
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उडंकपुरवा निवासी सतीश व जमालनगर गैर एहतमाली के नाज आलम ने बताया कि अब परेशानी बढ़ने लगी है। एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने बताया कि बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सफीपुर तहसील मुख्यालय, मरौंदा मझवारा, अतहा, गहोली, जमालनगर, अंधेलिया, मऊमंसूरपुर प्राथमिक पाठशालाओं में बाढ़ राहत चौकी बना दी गई। 18 नावों की व्यवस्था कर नाविकों को सतर्क कर दिया गया है। उधर, सदर तहसील क्षेत्र के देवीपुरवा, लालतुपुरवा, माना बंगला व बाबू बंगला में धीरे-धीरे बढ़ रहे जलस्तर को लेकर ग्रामीण सतर्क हो गए हैं।
लेखपाल प्रदीप कमल व योगेश कुमार ने देवीपुरवा, बाबू बंगला व मरौंदा मझवारा जाकर ग्रामीणों से बात की। बताया कि बाढ़ की स्थिति होने पर परियर स्थित बाबा बलखडेश्वर मंदिर पर स्थापित बाढ़ चौकी व जानकीकुंड और मरौंदा मझवारा में बने बाढ़ आश्रय स्थल में आश्रय लिया जा सकता है।

फोटो-27-बीघापुर में चौड़ा का पुरवा गांव में खेतों में भरा पानी। संवाद